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नहीं हुआ रेप, चुनावी रंजिश में युवक को फंसाया
अमर उजाला, खुर्जा
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:21 PM IST
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एक गांव में छह दिन पूर्व हुए 28 दिन की मासूम से रेप की घटना में नया मोड़ आ गया है। बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे मासूम के परिजनों ने शपथपत्र देकर रेप की घटना को फर्जी बताया।
साथ ही चुनावी रंजिश के चलते युवक को फंसाने की बात स्वीकारी है। बता दें कि, मामला मीडिया में आने के बाद डीएम और एसएसपी ने गांव जाकर मासूम के परिजनों से पूरी जानकारी ली थी।
साथ ही एक टीम को पूरे मामले की जांच सौंपी थी। टीम ने जांच के बाद मामले को फर्जी बताया था। गौरतलब है कि 5 दिसंबर को क्षेत्र के एक गांव निवासी एक परिवार ने अपनी 28 दिन की बच्ची के साथ एक युवक पर रेप का आरोप लगाया था।
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पुलिस के मुताबिक मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि नहीं हुई थी। मामला काफी उछलने के बाद डीएम-एसएसपी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने जिला अस्पताल के दो महिला चिकित्सक और एक महिला एसएचओ की कमेटी बनाकर दुबारा जांच के निर्देश दिए थे।
जांच टीम ने भी घटना को बताया। बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे बच्ची के मां-बाप रेप के आरोप से मुकर गए। उन्होंने कहा कि गांव में चुनाव के दौरान युवक प्रधान पद के प्रत्याशी को वोट देने का दबाव बना रहा था।
गांव के कुछ लोगों के बहकावे में आक र उसने युवक के ऊपर बच्ची के साथ रेप का आरोप लगा दिया। बता दें कि, झूठे आरोपों के जरिए पुलिस और प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
इससे पूर्व भी एक युवती ने गैंगरेप की कोशिश का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। दूसरे दिन पुलिस पूछताछ में युवती मुकर गई।
वादी पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बच्ची से रेप के आरोप को गलत बताया है। उसने शपथ पत्र भी दिया है। इस तरह के झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आरएल निरंजन, सीओ खुर्जा
मैं और एसएसपी गांव गए थे। जांच के लिए डॉक्टरों की टीम लगाई गई थी। टीम ने रेप की पुष्टि नहीं की। जांच के बाद परिवार के सदस्य भी रंजशिन आरोप लगाने की बात कहकर शपथ पत्र पुलिस को दे गए हैं। - बीं. चंद्रकला, डीएम
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साथ ही चुनावी रंजिश के चलते युवक को फंसाने की बात स्वीकारी है। बता दें कि, मामला मीडिया में आने के बाद डीएम और एसएसपी ने गांव जाकर मासूम के परिजनों से पूरी जानकारी ली थी।
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साथ ही एक टीम को पूरे मामले की जांच सौंपी थी। टीम ने जांच के बाद मामले को फर्जी बताया था। गौरतलब है कि 5 दिसंबर को क्षेत्र के एक गांव निवासी एक परिवार ने अपनी 28 दिन की बच्ची के साथ एक युवक पर रेप का आरोप लगाया था।
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पुलिस के मुताबिक मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि नहीं हुई थी। मामला काफी उछलने के बाद डीएम-एसएसपी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने जिला अस्पताल के दो महिला चिकित्सक और एक महिला एसएचओ की कमेटी बनाकर दुबारा जांच के निर्देश दिए थे।
जांच टीम ने भी घटना को बताया। बृहस्पतिवार को कोतवाली पहुंचे बच्ची के मां-बाप रेप के आरोप से मुकर गए। उन्होंने कहा कि गांव में चुनाव के दौरान युवक प्रधान पद के प्रत्याशी को वोट देने का दबाव बना रहा था।
गांव के कुछ लोगों के बहकावे में आक र उसने युवक के ऊपर बच्ची के साथ रेप का आरोप लगा दिया। बता दें कि, झूठे आरोपों के जरिए पुलिस और प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
इससे पूर्व भी एक युवती ने गैंगरेप की कोशिश का आरोप लगाकर तहरीर दी थी। दूसरे दिन पुलिस पूछताछ में युवती मुकर गई।
वादी पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बच्ची से रेप के आरोप को गलत बताया है। उसने शपथ पत्र भी दिया है। इस तरह के झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आरएल निरंजन, सीओ खुर्जा
मैं और एसएसपी गांव गए थे। जांच के लिए डॉक्टरों की टीम लगाई गई थी। टीम ने रेप की पुष्टि नहीं की। जांच के बाद परिवार के सदस्य भी रंजशिन आरोप लगाने की बात कहकर शपथ पत्र पुलिस को दे गए हैं। - बीं. चंद्रकला, डीएम