UP: कैंटर ने बाइक सवार तीन लोगों को कुचला, करीब एक घंटे तक परिजनों ने नहीं उठने दिए शव; रो-रोकर बुरा हाल
हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक केंटर को छोड़कर मौके से भाग गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जैसे ही शवों को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया।
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औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव चरोरा मुस्तफाबाद रजवाहे के निकट शनिवार देर शाम अनियंत्रित केंटर ने एक बाइक पर सवार तीन लोगों को रौंद दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, दूसरी बाइक पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक घंटे तक शव नहीं उठाने दिए और जाम लगाने का प्रयास किया। पूर्व चेयरमैन व पुलिस ने परिजनों को शांत किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद आरोपी चालक केंटर छोड़कर फरार हो गया।
कोतवाली देहात की नई मंडी चौकी क्षेत्र के गांव सराय छबीला निवासी 21 वर्षीय सुमित अपने भतीजे 13 वर्षीय अंशु व सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव चीती निवासी 13 वर्षीय पारुल के साथ खानपुर थाना क्षेत्र के गांव सीकरी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए हुए थे। वहां से लौटते समय बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर हाईवे स्टेट स्थित गांव चरौरा मुस्तफाबाद रजवाहे के पास बुलंदशहर की ओर से आ रहे केंटर ने अज्ञात वाहन को बचाने के प्रयास में बाइक सवारों को रौंद दिया।
हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक केंटर को छोड़कर मौके से भाग गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जैसे ही शवों को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शवों को उठने नही दिया। पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी और सराय छबीला के पूर्व प्रधान मुकेश लोधी ने ग्रामीणों को समझाकर जाम न लगाने की बात कही। पुलिस ने एक घंटे बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
तीन बार शवों को गाड़ी से उतारा
जैसे ही पुलिस को पता चला की मरने वाले पड़ोसी गांव सराय छबीला के हैं, तो पुलिस ने उनके शवों को एक गाड़ी में डाल दिया और उनके शवों को पीएम के लिए आनन-फानन में भेजने का प्रयास किया। जिस पर परिजन भड़क गए। परिजन गाड़ी के आगे लेट गए और शवों को गाड़ी से उतार लिया। तीन बार शवों को पुलिस द्वारा गाड़ी में डाला गया और तीनों ही बार परिजनों ने शवों को उतार लिया। बाद में पुलिस ने परिजनों को कब्जे में लिया तो पुलिस ने उनके शवों को गाड़ी में डालकर भेजा। तब जाकर मामला शांत हुआ।