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बुलंदशहर : एक कमरे में चल रहे दो स्कूल
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एक ही कमरे में बैठे प्राथमिक विद्यालय छह और सात के बच्चे। अमर उजाला
- फोटो : SIKANDRABAD
बुलंदशहर : एक कमरे में चल रहे दो स्कूल
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के दावों के बीच परिषदीय स्कूलों की हालत बेसिक शिक्षा विभाग के दावों को आइना दिखा रही है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते नगर के रामपुरा स्थित दो प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे स्कूल की हालत जर्जर होने के कारण एक ही कमरे में बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर है।
नगर के रामपुरा में एक ही परिसर में प्राथमिक विद्यालय नंबर छह और प्राथमिक विद्यालय नंबर सात संचालित होते हैं। प्राथमिक विद्यालय छह में 60 बच्चे, जबकि प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में 56 बच्चे अध्ययनरत हैं। दोनों विद्यालयों में दो शिक्षामित्र एक प्रधान अध्यापिका है। बच्चों के पढ़ने के लिए प्राथमिक विद्यालय नंबर छह में एक कमरा, प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में तीन कमरे बनाए गए थे। बताया गया कि वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों नंबर छह का कमरा, और प्राथमिक विद्यालय नंबर सात के दो कमरे जर्जर हालत में हैं। कमरों की जर्जर हालत होने के कारण तीनों कमरों को बंद कर दिया गया है। अब दोनों विद्यालय के 126 छात्र एक ही कमरे में बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। दोनों विद्यालयों के बच्चे एक ही कमरे में बैठने के कारण बच्चों के लिए ठीक से बैठने को स्थान भी कम पड़ रहा है। वही स्कूल में लाइट का कनेक्शन नहीं होने के कारण बच्चों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है।
प्रधानाचार्य दानिश मिर्जा का कहना है कि विद्यालय की जर्जर हालत के बारे में कई बार एबीएस, बीएसए को अवगत कराया गया है।
एबीएसए महेशचंद पटेल का कहना है कि विद्यालय की मरम्मत के लिए विभाग ने प्रशासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के दावों के बीच परिषदीय स्कूलों की हालत बेसिक शिक्षा विभाग के दावों को आइना दिखा रही है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते नगर के रामपुरा स्थित दो प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे स्कूल की हालत जर्जर होने के कारण एक ही कमरे में बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर है।
नगर के रामपुरा में एक ही परिसर में प्राथमिक विद्यालय नंबर छह और प्राथमिक विद्यालय नंबर सात संचालित होते हैं। प्राथमिक विद्यालय छह में 60 बच्चे, जबकि प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में 56 बच्चे अध्ययनरत हैं। दोनों विद्यालयों में दो शिक्षामित्र एक प्रधान अध्यापिका है। बच्चों के पढ़ने के लिए प्राथमिक विद्यालय नंबर छह में एक कमरा, प्राथमिक विद्यालय नंबर सात में तीन कमरे बनाए गए थे। बताया गया कि वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों नंबर छह का कमरा, और प्राथमिक विद्यालय नंबर सात के दो कमरे जर्जर हालत में हैं। कमरों की जर्जर हालत होने के कारण तीनों कमरों को बंद कर दिया गया है। अब दोनों विद्यालय के 126 छात्र एक ही कमरे में बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। दोनों विद्यालयों के बच्चे एक ही कमरे में बैठने के कारण बच्चों के लिए ठीक से बैठने को स्थान भी कम पड़ रहा है। वही स्कूल में लाइट का कनेक्शन नहीं होने के कारण बच्चों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है।
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प्रधानाचार्य दानिश मिर्जा का कहना है कि विद्यालय की जर्जर हालत के बारे में कई बार एबीएस, बीएसए को अवगत कराया गया है।
एबीएसए महेशचंद पटेल का कहना है कि विद्यालय की मरम्मत के लिए विभाग ने प्रशासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।