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बिछड़ी बच्ची को पुलिस ने परिजनों ने मिलवाया
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बिछड़ी बच्ची को पुलिस ने परिजनों से मिलवाया
सिकंदराबाद। ननिहाल जाने के लिए घर से निकली सात साल की बच्ची रास्ता भटक गई। बच्ची को सड़क पर भटकते देख किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस बच्ची को कोतवाली ले गई और बच्ची के द्वारा बताए गए अपने मामा के पते पर संपर्क कर उसे बुलाया। मामा ने बच्ची की पहचान अपनी सात वर्षीय भांजी मंतशा के रूप में की।
खुर्जा निवासी आरिफ पुत्र रमजानी ने बताया कि उसकी भांजी मंतशा पांच माह की आयु से उनके परिवार के साथ रहती है। मंतशा का पिता सिकंदराबाद क्षेत्र के ग्राम कलौंदा निवासी दिलशाद पुत्र मोहम्मद जमा मंतशा को अपने साथ ले जाने के लिए काफी दिनों से उन पर दबाव बना रहा था। शनिवार की रात वह बलपूर्वक मंतशा को अपने साथ सिकंदराबाद ले गया। बच्ची का पिता के घर दिल नहीं लगा। जिसके चलते ननिहाल जाने के लिए वह मंगलवार सुबह घर से निकल गई और रास्ते की जानकारी नहीं होने पर सिकंदराबाद की सड़कों पर भटकने लगी। कोतवाल सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नगर में लावारिस बच्ची के घूमने की सूचना मिली थी। बच्ची के बारे में जानकारी जुटाने पर उसकी ननिहाल का पता चल सका। मामा आरिफ को बुलाया गया। उसने मंतशा की शिनाख्त की। बच्ची को पाकर परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मंतशा के परिजनों ने बच्ची को उनसे मिलवाने के लिए पुलिस का आभार व्यक्त किया।
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सिकंदराबाद। ननिहाल जाने के लिए घर से निकली सात साल की बच्ची रास्ता भटक गई। बच्ची को सड़क पर भटकते देख किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस बच्ची को कोतवाली ले गई और बच्ची के द्वारा बताए गए अपने मामा के पते पर संपर्क कर उसे बुलाया। मामा ने बच्ची की पहचान अपनी सात वर्षीय भांजी मंतशा के रूप में की।
खुर्जा निवासी आरिफ पुत्र रमजानी ने बताया कि उसकी भांजी मंतशा पांच माह की आयु से उनके परिवार के साथ रहती है। मंतशा का पिता सिकंदराबाद क्षेत्र के ग्राम कलौंदा निवासी दिलशाद पुत्र मोहम्मद जमा मंतशा को अपने साथ ले जाने के लिए काफी दिनों से उन पर दबाव बना रहा था। शनिवार की रात वह बलपूर्वक मंतशा को अपने साथ सिकंदराबाद ले गया। बच्ची का पिता के घर दिल नहीं लगा। जिसके चलते ननिहाल जाने के लिए वह मंगलवार सुबह घर से निकल गई और रास्ते की जानकारी नहीं होने पर सिकंदराबाद की सड़कों पर भटकने लगी। कोतवाल सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नगर में लावारिस बच्ची के घूमने की सूचना मिली थी। बच्ची के बारे में जानकारी जुटाने पर उसकी ननिहाल का पता चल सका। मामा आरिफ को बुलाया गया। उसने मंतशा की शिनाख्त की। बच्ची को पाकर परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मंतशा के परिजनों ने बच्ची को उनसे मिलवाने के लिए पुलिस का आभार व्यक्त किया।
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