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मुंबई पुलिस के साथ आए लोगों ने की थी ग्रामीणों पर फायरिंग
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मुंबई पुलिस के साथ आए लोगों ने की थी ग्रामीणों पर फायरिंग
बुलंदशहर/औरंगाबाद। गांव ईलना में मुंबई पुलिस और लोगों पर हमले के मामले में नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि नोएडा निवासी कुछ लोगों ने पुलिस का सहारा लेकर खुद ही सुनील आहूजा के अपहरण का प्रयास किया था। ग्रामीणों के पथराव और भीड़ बढ़ने के बाद भी आरोपियों ने ही अपने हथियारों से फायरिंग की थी। प्रकरण में औरंगाबाद पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जबकि फर्जी पासपोर्ट बनवाने और फर्जीवाड़े के आरोपी सुनील आहूजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करते हुए मुंबई पुलिस को सौंप दिया।
शुक्रवार को क्षेत्र के गांव ईलना में मुंबई पुलिस फर्जीवाड़े और फर्जी पासपोर्ट बनवाने के आरोपी सुनील आहूजा को गिरफ्तार करने के लिए गांव ईलना पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी के साथ एक निजी गाड़ी में सूरजपुर थाना क्षेत्र के गांव देवला निवासी श्यामवीर, गांव लड़पुरा बीटा-2 निवासी धर्मेंद्र, बीटा - 1 निवासी विनोद शर्मा और गौतमबुद्धनगर के गांव लखनावली निवासी अमित कुमार भी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मौके पर पहुंचकर ग्राम प्रधान योगेंद्र के घर से फर्जीवाड़े के आरोपी सुनील आहूजा को उठाकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपहरण की आशंका जताते हुए आरोपियों पर पथराव किया और सुनील आहूजा को छुड़ा लिया था। जिसके बाद आरोपियों ने अपनी पिस्टल से लोगों पर फायरिंग कर दी थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपियों को दौड़ा लिया था। प्रकरण में देर रात तक जमकर हंगामा हुआ था। अब औरंगाबाद थाने में कार्यवाहक एसओ महक सिंह की शिकायत पर आरोपी श्यामवीर, धर्मेंद्र, विनोद शर्मा और अमित कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी श्यामवीर और धर्मेंद्र से बरामद पिस्टल से ही फायरिंग करने की भी पुष्टि की है। वहीं फर्जीवाड़े के आरोपी सुनील आहूजा को देर रात करीब 11 बजे गिरफ्तार करते हुए शनिवार को कोर्ट में पेश कर मुंबई पुलिस को सौंप दिया।
आहुजा के प्रतिद्वंदियों का मोहरा बनी मुंबई पुलिस
मुंबई पुलिस के साथ आए निजी लोग मुंबई पुलिस के लिए मोहरा बनकर आए थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने ही मुंबई पुलिस को शिकायत देकर सुनील आहूजा के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी और सुनियोजित तरीके से मुंबई पुलिस के साथ मिलकर सुनील आहूजा को गिरफ्तार करने और दबाव बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई थी।
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फायरिंग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
शुक्रवार को हुई घटना से जुड़ी एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वायरल वीडियो में आरोपियों द्वारा पिस्टल लहराने और फायरिंग करने का विरोध ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। वीडियो में ग्रामीण पुलिस से कह रहे हैं कि आरोपियों के हथियार जब्त करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
औरंगाबाद थाना बना रहा छावनी
मुंबई पुलिस पर हमला कर आरोपी को छुड़ाने के बाद से औरंगाबाद थाना पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ स्याना वंदना शर्मा, सीओ सिटी शशांक सिंह शुक्रवार देर रात तक थाने में जमे रहे। आरोपी सुनील आहूजा की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। जबकि गांव में सुरक्षा की दृष्टि से अगौता, स्याना, खानपुर, बीबीनगर, नरसेना, कोतवाली देहात की पुलिस तैनात की गई थी।
कोट -
चार आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और शांति भंग समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्राम प्रधान के खिलाफ मुंबई पुलिस ने कोई शिकायत नहीं दी है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं की गई है। आरोपी सुनील आहूजा को कोर्ट में पेश करते हुए मुंबई पुलिस को सौंप दिया है। आगे की जांच के लिए एसपी सिटी को जिम्मेदारी दी गई है।
- श्लोक कुमार, एसएसपी
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बुलंदशहर/औरंगाबाद। गांव ईलना में मुंबई पुलिस और लोगों पर हमले के मामले में नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि नोएडा निवासी कुछ लोगों ने पुलिस का सहारा लेकर खुद ही सुनील आहूजा के अपहरण का प्रयास किया था। ग्रामीणों के पथराव और भीड़ बढ़ने के बाद भी आरोपियों ने ही अपने हथियारों से फायरिंग की थी। प्रकरण में औरंगाबाद पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जबकि फर्जी पासपोर्ट बनवाने और फर्जीवाड़े के आरोपी सुनील आहूजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करते हुए मुंबई पुलिस को सौंप दिया।
शुक्रवार को क्षेत्र के गांव ईलना में मुंबई पुलिस फर्जीवाड़े और फर्जी पासपोर्ट बनवाने के आरोपी सुनील आहूजा को गिरफ्तार करने के लिए गांव ईलना पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी के साथ एक निजी गाड़ी में सूरजपुर थाना क्षेत्र के गांव देवला निवासी श्यामवीर, गांव लड़पुरा बीटा-2 निवासी धर्मेंद्र, बीटा - 1 निवासी विनोद शर्मा और गौतमबुद्धनगर के गांव लखनावली निवासी अमित कुमार भी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मौके पर पहुंचकर ग्राम प्रधान योगेंद्र के घर से फर्जीवाड़े के आरोपी सुनील आहूजा को उठाकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपहरण की आशंका जताते हुए आरोपियों पर पथराव किया और सुनील आहूजा को छुड़ा लिया था। जिसके बाद आरोपियों ने अपनी पिस्टल से लोगों पर फायरिंग कर दी थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपियों को दौड़ा लिया था। प्रकरण में देर रात तक जमकर हंगामा हुआ था। अब औरंगाबाद थाने में कार्यवाहक एसओ महक सिंह की शिकायत पर आरोपी श्यामवीर, धर्मेंद्र, विनोद शर्मा और अमित कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी श्यामवीर और धर्मेंद्र से बरामद पिस्टल से ही फायरिंग करने की भी पुष्टि की है। वहीं फर्जीवाड़े के आरोपी सुनील आहूजा को देर रात करीब 11 बजे गिरफ्तार करते हुए शनिवार को कोर्ट में पेश कर मुंबई पुलिस को सौंप दिया।
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आहुजा के प्रतिद्वंदियों का मोहरा बनी मुंबई पुलिस
मुंबई पुलिस के साथ आए निजी लोग मुंबई पुलिस के लिए मोहरा बनकर आए थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने ही मुंबई पुलिस को शिकायत देकर सुनील आहूजा के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी और सुनियोजित तरीके से मुंबई पुलिस के साथ मिलकर सुनील आहूजा को गिरफ्तार करने और दबाव बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई थी।
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फायरिंग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
शुक्रवार को हुई घटना से जुड़ी एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वायरल वीडियो में आरोपियों द्वारा पिस्टल लहराने और फायरिंग करने का विरोध ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। वीडियो में ग्रामीण पुलिस से कह रहे हैं कि आरोपियों के हथियार जब्त करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
औरंगाबाद थाना बना रहा छावनी
मुंबई पुलिस पर हमला कर आरोपी को छुड़ाने के बाद से औरंगाबाद थाना पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ स्याना वंदना शर्मा, सीओ सिटी शशांक सिंह शुक्रवार देर रात तक थाने में जमे रहे। आरोपी सुनील आहूजा की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। जबकि गांव में सुरक्षा की दृष्टि से अगौता, स्याना, खानपुर, बीबीनगर, नरसेना, कोतवाली देहात की पुलिस तैनात की गई थी।
कोट -
चार आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और शांति भंग समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्राम प्रधान के खिलाफ मुंबई पुलिस ने कोई शिकायत नहीं दी है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं की गई है। आरोपी सुनील आहूजा को कोर्ट में पेश करते हुए मुंबई पुलिस को सौंप दिया है। आगे की जांच के लिए एसपी सिटी को जिम्मेदारी दी गई है।
- श्लोक कुमार, एसएसपी