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नीरज की हत्या में महिला को आजीवन कारावास
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नीरज की हत्या में महिला को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। छतारी थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में बागवानी करने वाले युवक नीरज की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या प्रथम राजेश्वर शुक्ल के न्यायालय ने बाग में काम करने वाली महिला अनीता को दोषी करार दिया है। साथ ही उसको आजीवन कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि वादी राम सिंह निवासी मोहल्ला रविदास थाना छतारी ने 14 फरवरी 2018 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उसने बताया था कि उसके पुत्र नीरज ने एक बाग बागवानी के लिए लीज पर ले रखा था। बाग में माली की हैसियत से गांव निवासी रामवीर व उसकी पत्नी अनीता माली की हैसियत से काम करते थे। 13 फरवरी की सुबह वादी जब बाग में पहुंचा तो उसका पुत्र वहां नहीं था। वादी ने अनीता व उसके पति से पूछा तो उन्होंने भी नीरज के उसे दिन बाग पर न आने की बात कही। जिसके बाद पीड़ित पिता ने आरोपियों के कमरे में जाकर देखा तो उनके पुत्र नीरज का शव आरोपियों के कमरे में चारपाई के नीचे पड़ा हुआ था।जब तक आरोपी पति-पत्नी मौके से भाग चुके थे। पीड़ित की शिकायत पर थाना पुलिस ने आरोपी पति पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही मामले में जांच पड़ताल के बाद आरोपी महिला अनीता के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जबकि, उसके पति रामवीर का नाम हत्या में सामने नहीं आया था।
ये गवाह हुए पेश
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादी राम सिंह, कांस्टेबल अर्जुन सिंह, डा. रमित कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर, विवेचक प्रताप सिंह, जय प्रकाश को पेश किया गया। जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी महिला को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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बुलंदशहर। छतारी थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में बागवानी करने वाले युवक नीरज की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या प्रथम राजेश्वर शुक्ल के न्यायालय ने बाग में काम करने वाली महिला अनीता को दोषी करार दिया है। साथ ही उसको आजीवन कारावास व दस हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि वादी राम सिंह निवासी मोहल्ला रविदास थाना छतारी ने 14 फरवरी 2018 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उसने बताया था कि उसके पुत्र नीरज ने एक बाग बागवानी के लिए लीज पर ले रखा था। बाग में माली की हैसियत से गांव निवासी रामवीर व उसकी पत्नी अनीता माली की हैसियत से काम करते थे। 13 फरवरी की सुबह वादी जब बाग में पहुंचा तो उसका पुत्र वहां नहीं था। वादी ने अनीता व उसके पति से पूछा तो उन्होंने भी नीरज के उसे दिन बाग पर न आने की बात कही। जिसके बाद पीड़ित पिता ने आरोपियों के कमरे में जाकर देखा तो उनके पुत्र नीरज का शव आरोपियों के कमरे में चारपाई के नीचे पड़ा हुआ था।जब तक आरोपी पति-पत्नी मौके से भाग चुके थे। पीड़ित की शिकायत पर थाना पुलिस ने आरोपी पति पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही मामले में जांच पड़ताल के बाद आरोपी महिला अनीता के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जबकि, उसके पति रामवीर का नाम हत्या में सामने नहीं आया था।
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ये गवाह हुए पेश
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादी राम सिंह, कांस्टेबल अर्जुन सिंह, डा. रमित कुमार, उपनिरीक्षक राम किशोर, विवेचक प्रताप सिंह, जय प्रकाश को पेश किया गया। जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी महिला को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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