{"_id":"625eeabb47e95e53c65659db","slug":"bulandshahr-news-bulandshahr-news-gbd2371430179","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं के गबन के मामले में अब केंद्र प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं के गबन के मामले में अब केंद्र प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
गेहूं के गबन के मामले में अब केंद्र प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बुलंदशहर। गेहूं खरीद केंद्र से 250 क्विंटल गेहूं के गबन के मामले में अब केंद्र प्रभारी समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने केंद्र प्रभारी पर अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पिछले महीने केंद्र प्रभारी ने अरनिया थाने में पीसीएफ के जिला प्रबंधक, गाड़ी मालिक और चालक के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वर्ष 2020-21 में गेहूं खरीदने वाली एजेंसी पीसीएफ ने गांव जावल में क्रय केंद्र बनाया था। अलीगढ़ के राजेंद्र पाल को केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। खरीद प्रक्रिया समाप्त होने के करीब तीन माह बाद केंद्र प्रभारी को नोटिस मिला था कि सात मई को भेजे गए 250 क्विंटल गेहूं की एक गाड़ी गोदाम नहीं पहुंची। जुर्माने के तौर पर राजेंद्र पाल से 5.20 लाख रुपये वसूले गए थे। इसके बाद राजेंद्र पाल ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर डीएम ने मामले में एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी थी। अब पीसीएफ के जिला प्रबंधक अखिलेश सिंह ने जावल केंद्र प्रभारी राजेंद्र पाल सिंह और साधन सहकारी लिमिटेड के सचिव बलवीर सिंह के खिलाफ गबन और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने की कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एडीएम की जांच में केंद्र प्रभारी गबन के दोषी
एडीएम प्रशासन डा. प्रशांत कुमार की जांच में केंद्र प्रभारी राजेंद्र कुमार को गबन का दोषी पाया गया था। जबकि पीसीएफ के जिला प्रबंधक अखिलेश सिंह को कार्य में लापरवाही का दोषी पाया गया था।
विज्ञापन
कोट -
गाड़ी मौके पर नहीं थी। केंद्र प्रभारी ने ऑनलाइन फर्जी चालान बनाया था। इसकी पुष्टि एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट में भी हुई है। बलवीर सिंह और राजेंद्र पाल सिंह ने मिलकर मारपीट करते हुए अभद्रता की थी। मामले में दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
- अखिलेश सिंह, जिला प्रबंधक, पीसीएफ
विज्ञापन
बुलंदशहर। गेहूं खरीद केंद्र से 250 क्विंटल गेहूं के गबन के मामले में अब केंद्र प्रभारी समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने केंद्र प्रभारी पर अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पिछले महीने केंद्र प्रभारी ने अरनिया थाने में पीसीएफ के जिला प्रबंधक, गाड़ी मालिक और चालक के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वर्ष 2020-21 में गेहूं खरीदने वाली एजेंसी पीसीएफ ने गांव जावल में क्रय केंद्र बनाया था। अलीगढ़ के राजेंद्र पाल को केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। खरीद प्रक्रिया समाप्त होने के करीब तीन माह बाद केंद्र प्रभारी को नोटिस मिला था कि सात मई को भेजे गए 250 क्विंटल गेहूं की एक गाड़ी गोदाम नहीं पहुंची। जुर्माने के तौर पर राजेंद्र पाल से 5.20 लाख रुपये वसूले गए थे। इसके बाद राजेंद्र पाल ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर डीएम ने मामले में एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी थी। अब पीसीएफ के जिला प्रबंधक अखिलेश सिंह ने जावल केंद्र प्रभारी राजेंद्र पाल सिंह और साधन सहकारी लिमिटेड के सचिव बलवीर सिंह के खिलाफ गबन और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने की कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
एडीएम की जांच में केंद्र प्रभारी गबन के दोषी
एडीएम प्रशासन डा. प्रशांत कुमार की जांच में केंद्र प्रभारी राजेंद्र कुमार को गबन का दोषी पाया गया था। जबकि पीसीएफ के जिला प्रबंधक अखिलेश सिंह को कार्य में लापरवाही का दोषी पाया गया था।
विज्ञापन
कोट -
गाड़ी मौके पर नहीं थी। केंद्र प्रभारी ने ऑनलाइन फर्जी चालान बनाया था। इसकी पुष्टि एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट में भी हुई है। बलवीर सिंह और राजेंद्र पाल सिंह ने मिलकर मारपीट करते हुए अभद्रता की थी। मामले में दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
- अखिलेश सिंह, जिला प्रबंधक, पीसीएफ