{"_id":"61e9a9a8a26c6d50bf2f8d11","slug":"bulandshahr-news-bulandshahr-news-gbd232977910","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल से चुनाव लड़ेगा स्याना हिंसा का आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल से चुनाव लड़ेगा स्याना हिंसा का आरोपी
विज्ञापन
जेल से चुनाव लड़ेगा स्याना हिंसा का आरोपी
बुलंदशहर। स्याना हिंसा का आरोपी योगेश राज जेल से ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। तीन दिन से उसका प्रस्तावक स्याना विधानसभा सीट से नामांकन करने के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहा है। शुक्रवार को नामांकन हो सकता है।
योगेश राज की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिसके बाद गत आठ जनवरी को वह न्यायालय में हाजिर हुआ और जेल चला गया। यह सब उस दौरान हुआ जब विधानसभा चुनाव में उसने स्याना सीट से लड़ने का एलान किया था। उसके प्रस्तावक मोहित गुप्ता ने उसके नाम से नामांकन पत्र खरीदा है। व्यवस्था के अनुसार जेल से चुनाव लड़ने वालों के प्रस्तावक ही नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मोहित का आरोप है कि तीन दिन से योगेश का नामांकन स्वीकार नहीं किया जा रहा। बृहस्पतिवार को डीएम से मामले की शिकायत की गई। योगेश राज के अधिवक्ता ब्रूनो भूषण ने बताया कि बृहस्पतिवार को न्यायालय में स्याना हिंसा प्रकरण में आरोप तय हुए हैं। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि प्रस्तावक समय गुजर जाने के बाद दोपहर 3.20 बजे नामांकन करने के लिए पहुंचा था। लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। कोई भी नाकांकन कर सकता है। शुक्रवार को वह समय से पहुंचता है तो नामांकन कर सकता है। उधर, पुलिस की चार्जशीट में जिन पांच आरोपियों पर हत्या का आरोप है, उन्हीं पांचों पर कोर्ट में हत्या का आरोप तय हुआ है। योगेश पर जानलेवा हमला, हमले की लिए उकसाने की धाराओं में आरोप तय हुए हैं।
विज्ञापन
बुलंदशहर। स्याना हिंसा का आरोपी योगेश राज जेल से ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। तीन दिन से उसका प्रस्तावक स्याना विधानसभा सीट से नामांकन करने के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहा है। शुक्रवार को नामांकन हो सकता है।
योगेश राज की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिसके बाद गत आठ जनवरी को वह न्यायालय में हाजिर हुआ और जेल चला गया। यह सब उस दौरान हुआ जब विधानसभा चुनाव में उसने स्याना सीट से लड़ने का एलान किया था। उसके प्रस्तावक मोहित गुप्ता ने उसके नाम से नामांकन पत्र खरीदा है। व्यवस्था के अनुसार जेल से चुनाव लड़ने वालों के प्रस्तावक ही नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मोहित का आरोप है कि तीन दिन से योगेश का नामांकन स्वीकार नहीं किया जा रहा। बृहस्पतिवार को डीएम से मामले की शिकायत की गई। योगेश राज के अधिवक्ता ब्रूनो भूषण ने बताया कि बृहस्पतिवार को न्यायालय में स्याना हिंसा प्रकरण में आरोप तय हुए हैं। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि प्रस्तावक समय गुजर जाने के बाद दोपहर 3.20 बजे नामांकन करने के लिए पहुंचा था। लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। कोई भी नाकांकन कर सकता है। शुक्रवार को वह समय से पहुंचता है तो नामांकन कर सकता है। उधर, पुलिस की चार्जशीट में जिन पांच आरोपियों पर हत्या का आरोप है, उन्हीं पांचों पर कोर्ट में हत्या का आरोप तय हुआ है। योगेश पर जानलेवा हमला, हमले की लिए उकसाने की धाराओं में आरोप तय हुए हैं।
विज्ञापन