{"_id":"61d9c3cc14642405fa4eedb6","slug":"bulandshahr-news-bulandshahr-news-gbd2324250199","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी आधार कार्ड से सिम, फिर फर्जी चेक से निकाले 32 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी आधार कार्ड से सिम, फिर फर्जी चेक से निकाले 32 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी आधार कार्ड से सिम, फिर फर्जी चेक से निकाले 32 लाख रुपये
बुलंदशहर। साइबर ठगों ने ठगी का एक नया तरीका इजाद किया है। शातिर अब किसी व्यक्ति का सिम नंबर बंद कराकर फर्जी आधार कार्ड से उसका सिम हासिल कर ले रहे हैं और फिर बैंक में फर्जी चेक और ओटीपी के माध्यम से उनका खाता खाली कर रहे हैं। शातिरों ने नगर निवासी राजकुमार का पहले मोबाइल नंबर बंद कराया और फिर फर्जी आधार कार्ड से उसका सिम निकालकर फर्जी चेक के माध्यम से उसके खाते से 32 लाख रुपये की नकदी निकाल ली। एसएसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मोहल्ला राधानगर निवासी राजकुमार ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि पांच जनवरी दोपहर करीब 12 बजे उसका सिम अचानक बंद हो गया। उसने कस्टमर केयर के टोल फ्री नंबर पर बात की तो जानकारी मिली कि किसी अन्य ने डुप्लीकेट सिम निकलवाया है। जबकि, पीड़ित ने डुप्लीकेट सिम निकलवाने के संबंध में कोई कार्रवाई या पूछताछ संबंधित कंपनी से नहीं की। इसके बाद पीड़ित चांदपुर रेलवे फाटक स्थित संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर पर पहुंचा। जहां कंपनी के प्रतिनिधि सचिन कुमार ने बताया कि डुप्लीकेट सिम कार्ड ककोड़ स्थित शाखा पर कार्यरत कंपनी के प्रतिनिधि नकुल ने जारी किया है। वहां जानकारी करने पर पता चला कि नकुल को शातिरों ने फर्जी आधार कार्ड देकर डुप्लीकेट सिम प्राप्त कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर संबंधित कंपनी प्रतिनिधि ने जारी किए गए सिम कार्ड को बंद कराया और पीड़ित को नया सिम दे दिया।
इसके अगले ही दिन छह जनवरी को सुबह करीब 11 बजे पीड़ित के नंबर पर एक बार फिर से सिम कार्ड जारी किए जाने के संबंध में मेसेज आया और उसका नंबर फिर से बंद हो गया। पीड़ित ने दोबारा कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर पर जाकर शिकायत की। कंपनी प्रतिनिधि सचिन ने बताया कि दोबारा खुर्जा शाखा पर शातिरों ने फर्जी आधार कार्ड देकर उनका डुप्लीकेट सिम निकलवाया। करीब दो घंटे बाद पीड़ित को नया सिम मिला और खुर्जा से लिए गए सिम को बंद कराया गया।
विज्ञापन
दो घंटे में खाते से निकाल लिए 32 लाख
डुप्लीकेट सिम निकाले जाने पर पीड़ित को अपने साथ जालसाजी की संभावना हुई। जिसके बाद उसने गांधी आश्रम स्थित अपने बैंक शाखा के प्रबंधक से बातचीत की। बैंक प्रबंधक ने बताया कि उनकी पत्नी और उनके नाम से ज्वाइंट खाते के चेक संख्या 604926 से शातिर ने 32 लाख रुपये निकाल लिए हैं। जबकि, इस नंबर का चेक पीड़ित के पास ही मौजूद है। यह रकम शातिरों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की मोरार शाखा से निकाला है। यह रकम छह जनवरी को सुबह पीड़ित का सिम 11 बजे बंद होने और दोपहर एक बजे फिर से नया सिम चालू होने के बीच निकाली गई है। एसएसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात शातिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी है।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं, इसके लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है। साइबर अपराधी विभिन्न तरह से लोगों को झांसे में लेकर ठग रहे हैं। जल्द ही शातिरों को गिरफ्तार कर गिरोह का राजफाश कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बुलंदशहर। साइबर ठगों ने ठगी का एक नया तरीका इजाद किया है। शातिर अब किसी व्यक्ति का सिम नंबर बंद कराकर फर्जी आधार कार्ड से उसका सिम हासिल कर ले रहे हैं और फिर बैंक में फर्जी चेक और ओटीपी के माध्यम से उनका खाता खाली कर रहे हैं। शातिरों ने नगर निवासी राजकुमार का पहले मोबाइल नंबर बंद कराया और फिर फर्जी आधार कार्ड से उसका सिम निकालकर फर्जी चेक के माध्यम से उसके खाते से 32 लाख रुपये की नकदी निकाल ली। एसएसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मोहल्ला राधानगर निवासी राजकुमार ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि पांच जनवरी दोपहर करीब 12 बजे उसका सिम अचानक बंद हो गया। उसने कस्टमर केयर के टोल फ्री नंबर पर बात की तो जानकारी मिली कि किसी अन्य ने डुप्लीकेट सिम निकलवाया है। जबकि, पीड़ित ने डुप्लीकेट सिम निकलवाने के संबंध में कोई कार्रवाई या पूछताछ संबंधित कंपनी से नहीं की। इसके बाद पीड़ित चांदपुर रेलवे फाटक स्थित संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर पर पहुंचा। जहां कंपनी के प्रतिनिधि सचिन कुमार ने बताया कि डुप्लीकेट सिम कार्ड ककोड़ स्थित शाखा पर कार्यरत कंपनी के प्रतिनिधि नकुल ने जारी किया है। वहां जानकारी करने पर पता चला कि नकुल को शातिरों ने फर्जी आधार कार्ड देकर डुप्लीकेट सिम प्राप्त कर लिया। पीड़ित की शिकायत पर संबंधित कंपनी प्रतिनिधि ने जारी किए गए सिम कार्ड को बंद कराया और पीड़ित को नया सिम दे दिया।
विज्ञापन
इसके अगले ही दिन छह जनवरी को सुबह करीब 11 बजे पीड़ित के नंबर पर एक बार फिर से सिम कार्ड जारी किए जाने के संबंध में मेसेज आया और उसका नंबर फिर से बंद हो गया। पीड़ित ने दोबारा कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर पर जाकर शिकायत की। कंपनी प्रतिनिधि सचिन ने बताया कि दोबारा खुर्जा शाखा पर शातिरों ने फर्जी आधार कार्ड देकर उनका डुप्लीकेट सिम निकलवाया। करीब दो घंटे बाद पीड़ित को नया सिम मिला और खुर्जा से लिए गए सिम को बंद कराया गया।
विज्ञापन
दो घंटे में खाते से निकाल लिए 32 लाख
डुप्लीकेट सिम निकाले जाने पर पीड़ित को अपने साथ जालसाजी की संभावना हुई। जिसके बाद उसने गांधी आश्रम स्थित अपने बैंक शाखा के प्रबंधक से बातचीत की। बैंक प्रबंधक ने बताया कि उनकी पत्नी और उनके नाम से ज्वाइंट खाते के चेक संख्या 604926 से शातिर ने 32 लाख रुपये निकाल लिए हैं। जबकि, इस नंबर का चेक पीड़ित के पास ही मौजूद है। यह रकम शातिरों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की मोरार शाखा से निकाला है। यह रकम छह जनवरी को सुबह पीड़ित का सिम 11 बजे बंद होने और दोपहर एक बजे फिर से नया सिम चालू होने के बीच निकाली गई है। एसएसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात शातिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी है।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं, इसके लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है। साइबर अपराधी विभिन्न तरह से लोगों को झांसे में लेकर ठग रहे हैं। जल्द ही शातिरों को गिरफ्तार कर गिरोह का राजफाश कर दिया जाएगा।