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दुष्कर्म का आरोपी युवक दोषी करार, दस वर्ष का कारावास
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दुष्कर्म का आरोपी दोषी करार, दस वर्ष का कारावास
बुलंदशहर। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक विक्रम को एडीजे पॉक्सो अधिनियम डा. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी माना है। कोर्ट ने आरोपी को दस साल सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। अर्थदंड की धनराशि न्यायालय ने पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
पीड़िता ने 11 सितंबर 2018 को अनूपशहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि गांव निवासी युवक विक्रम उस पर बुरी नजर रखता है। 11 सितंबर की दोपहर को रास्ते में विक्रम ने उसे रोका। विरोध करने पर अपने साथ चलने को कहा। मना करने पर धमकी दी। जबरन आरोपी उसे एक खेत में ले गया। यहां आरोपी ने नशीला पदार्थ पानी में मिलाकर उसे पिला दिया। अचेत हो जाने पर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी विक्रम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
यह गवाह हुए पेश
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। पहली गवाही खुद पीड़िता की हुई। जबकि, दूसरी गवाही पीड़िता के भाई, तीसरी तत्कालीन अनूपशहर कोतवाल अखिलेश कुमार गौड़, लक्ष्मण स्वरूप शर्मा, डा. कृति और महिला कांस्टेबल रितेश की हुई। इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई।
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बुलंदशहर। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक विक्रम को एडीजे पॉक्सो अधिनियम डा. पल्लवी अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी माना है। कोर्ट ने आरोपी को दस साल सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। अर्थदंड की धनराशि न्यायालय ने पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
पीड़िता ने 11 सितंबर 2018 को अनूपशहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि गांव निवासी युवक विक्रम उस पर बुरी नजर रखता है। 11 सितंबर की दोपहर को रास्ते में विक्रम ने उसे रोका। विरोध करने पर अपने साथ चलने को कहा। मना करने पर धमकी दी। जबरन आरोपी उसे एक खेत में ले गया। यहां आरोपी ने नशीला पदार्थ पानी में मिलाकर उसे पिला दिया। अचेत हो जाने पर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी विक्रम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
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यह गवाह हुए पेश
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। पहली गवाही खुद पीड़िता की हुई। जबकि, दूसरी गवाही पीड़िता के भाई, तीसरी तत्कालीन अनूपशहर कोतवाल अखिलेश कुमार गौड़, लक्ष्मण स्वरूप शर्मा, डा. कृति और महिला कांस्टेबल रितेश की हुई। इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई।
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