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लोक अदालत में 16 हजार वादों का निस्तारण
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लोक अदालत में 16 हजार वादों का निस्तारण
बुलंदशहर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें सुलह-समझौते के आधार पर करीब 16 हजार वादों को निस्तारण किया गया।
जिले के विभिन्न न्यायालयों में चल रहे करीब 30 हजार वादों को राष्ट्रीय अदालत में निस्तारित कराने के लिए शार्ट लिस्ट कराया गया। इनमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, सिविल वाद, उत्तराधिकार वाद, वैवाहिक वाद, गुजारा भत्ता वाद, लघु अपराधिक वाद, स्टांप कमी, चकबंदी, श्रम वाद, बिजली बिल, जलकर, बैंक सर्विस के मामले, प्री-लिटेगेशन, नामांतरण, पैमाइश, राशनकार्ड आदि वाद शामिल रहे, जिन्हें सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने के लिए वादकारियों को जागरूक भी किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के लिए जिला न्यायालय में सात पीठों का गठन किया गया। इनमें मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के लिए पीठ संख्या एक, पारिवारिक न्यायालय के लिए पीठ संख्या दो एवं तीन, स्थाई लोक अदालत के लिए पीठ संख्या चार, उपभोक्ता फोरम के लिए पीठ संख्या पांच, बिल (वाटर, विद्युत) के लिए पीठ संख्या छह, बीएसएनएल अन्य प्री- प्री-लिटेगेशन के लिए पीठ संख्या आठ शामिल रही।
बारिश के कारण कम पहुंचे लोग
शनिवार सुबह से हो रही भारी बरसात ने राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया को प्रभावित किया। न्यायालय परिसर में पानी भर गया। इससे वादों को निस्तारित कराने के लिए कराई गई व्यवस्थाएं चरमरा गई। ऐसे में अपेक्षित संख्या में वादकारी नहीं पहुंचे और वाद निस्तारण पर असर पड़ा।
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बुलंदशहर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें सुलह-समझौते के आधार पर करीब 16 हजार वादों को निस्तारण किया गया।
जिले के विभिन्न न्यायालयों में चल रहे करीब 30 हजार वादों को राष्ट्रीय अदालत में निस्तारित कराने के लिए शार्ट लिस्ट कराया गया। इनमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, सिविल वाद, उत्तराधिकार वाद, वैवाहिक वाद, गुजारा भत्ता वाद, लघु अपराधिक वाद, स्टांप कमी, चकबंदी, श्रम वाद, बिजली बिल, जलकर, बैंक सर्विस के मामले, प्री-लिटेगेशन, नामांतरण, पैमाइश, राशनकार्ड आदि वाद शामिल रहे, जिन्हें सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने के लिए वादकारियों को जागरूक भी किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के लिए जिला न्यायालय में सात पीठों का गठन किया गया। इनमें मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के लिए पीठ संख्या एक, पारिवारिक न्यायालय के लिए पीठ संख्या दो एवं तीन, स्थाई लोक अदालत के लिए पीठ संख्या चार, उपभोक्ता फोरम के लिए पीठ संख्या पांच, बिल (वाटर, विद्युत) के लिए पीठ संख्या छह, बीएसएनएल अन्य प्री- प्री-लिटेगेशन के लिए पीठ संख्या आठ शामिल रही।
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बारिश के कारण कम पहुंचे लोग
शनिवार सुबह से हो रही भारी बरसात ने राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया को प्रभावित किया। न्यायालय परिसर में पानी भर गया। इससे वादों को निस्तारित कराने के लिए कराई गई व्यवस्थाएं चरमरा गई। ऐसे में अपेक्षित संख्या में वादकारी नहीं पहुंचे और वाद निस्तारण पर असर पड़ा।
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