{"_id":"69dcd358d8e877db030ffe77","slug":"bulandshahr-massive-protest-by-workers-at-tag-company-2026-04-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: नोएडा के बाद बुलंदशहर में मजदूरों का प्रदर्शन, 12 घंटे काम के बदले मिलता है कम वेतन; ये हैं प्रमुख मांगें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: नोएडा के बाद बुलंदशहर में मजदूरों का प्रदर्शन, 12 घंटे काम के बदले मिलता है कम वेतन; ये हैं प्रमुख मांगें
Mon, 13 Apr 2026 05:04 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 13 Apr 2026 05:04 PM IST
सार
सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में स्थित टैग ट्रॉपिकल एग्रोसिस्टम कंपनी में सोमवार को मजदूरों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। मामला गंभीर होते देख एसपी सिटी शंकर प्रसाद, एएलसी पल्लवी चौहान, एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
टैग कंपनी के मजदूरों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित टैग ट्रॉपिकल एग्रोसिस्टम (इंडिया) कंपनी में मजदूरों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने मानदेय बढ़ाने, पीएफ-ईएसआई और अन्य सुविधाओं को लेकर हंगामा किया। उन्होंने ठेकेदारों पर गंभीर शोषण के आरोप लगाए।
विज्ञापन
मजदूरों ने कंपनी गेट पर जमकर नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांग 12 घंटे काम के बदले न्यूनतम वेतन की थी। महिला श्रमिकों के लिए पंद्रह हजार रुपये और पुरुष श्रमिकों के लिए बीस हजार रुपये न्यूनतम वेतन मांगा गया। ठेकेदारों पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक शंकर प्रसाद, एएलसी पल्लवी चौहान, एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने श्रमिकों से बात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने श्रमिकों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद श्रमिक शांत हुए और काम पर लौट गए। यह मामला श्रमिकों के अधिकारों और सुविधाओं से जुड़ा है।
विज्ञापन
श्रमिकों की प्रमुख मांगें
श्रमिकों ने अपने मानदेय में वृद्धि की मांग की है। वे चाहते हैं कि उन्हें उचित पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं मिलें। महिला श्रमिकों को पंद्रह हजार रुपये और पुरुष श्रमिकों को बीस हजार रुपये का न्यूनतम वेतन मिले। यह वेतन उन्हें 12 घंटे काम के बदले चाहिए। ठेकेदारों पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। पुलिस अधीक्षक शंकर प्रसाद और एएलसी पल्लवी चौहान मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसडीएम और सीओ भी मौजूद थे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी श्रमिकों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ही श्रमिक शांत हुए और काम पर वापस गए।