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Bulandshahar News: खाने लायक नहीं हैं पनीर, मावा और तेल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2022 04:30 AM IST
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खाने लायक नहीं हैं पनीर, मावा और तेल
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बुलंदशहर। जिले में पनीर, मावा और सरसों के तेल खाने लायक नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन महीने पहले लिए 43 नमूनों में से 13 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। दूध से क्रीम निकालकर मावा तैयार किया, जिसमें फैट नहीं पाया गया। सरसों के तेल और लाल मिर्च पाउडर में रंग अधिक मिले हैं। जबकि पनीर में प्रोटीन की कमी मिली है। अब मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ विभाग ने एडीएम प्रशासन न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी कर ली है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन महीने पिछले विभिन्न क्षेत्रों से पनीर, मावा, सरसों तेल, पापड़, रसगुल्ला, बर्फी समेत 43 खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। डिबाई से लिया गया रसगुल्ला, शिकारपुर से पनीर, नगर के मोहल्ला साठा से मावा समेत कुल 13 खाद्य पदार्थ जांच में फेल पाए गए। इसके अलावा नमकीन, पापड़, सरसों तेल समेत अन्य खाद्य पदार्थ जांच में मिथ्याछाप पाए गए। कुल 43 खाद्य पदार्थों के सैंपल में से 13 खाद्य पदार्थ के सैंपल ही जांच में खरे उतरे हैं। 10 अधोमानक और सात मिथ्याछाप पाए गए हैं। उनके खिलाफ अब एडीएम प्रशासन के न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी की जा रही है।
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दूध में फैट के लिए मिलाया गया रिफाइंड
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया है कि दूध में फैट बढ़ाने के लिए रिफाइंड का प्रयोग किया गया है। जबकि रिफाइंड मिलाकर बनाए गए दूध से पनीर और मावा बनाने के चलते उनके सैंपल भी फेल पाए गए हैं। जबकि सरसों के तेल में खतरनाक रंग की मात्रा निर्धारित से अधिक पाई गई है, जिसके चलते यह खाने योग्य नहीं है। लाल मिर्च पाउंडर में भी खतरनाक रंग पाया गया है।
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मिलावटी पनीर-मावे से नुकसान
वरिष्ठ फिजीशियन डा. डीके शर्मा ने बताया कि मिलावटी दूध, पनीर और घी खाने से हृदय, लिवर, किडनी, आंत को सबसे अधिक नुकसान पहुंचता है। साथ ही पेट की बीमारी और कैंसर होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन खाद्य पदार्थों में मिलाया जाने वाला केमिकल बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर कर देते हैं।
दो माह में 39 व्यापारियों पर लगाया है तीन 63 लाख का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में मानकों पर खरे न उतरने वाले खाद्य पदार्थों के 39 विक्रेताओं पर अभी तक कार्रवाई की गई है। पिछले दो माह में एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने ऐसे व्यापारियों पर करीब 63 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि दस मामलों में कार्रवाई अंतिम चरण में चल रही है, जिसके बाद इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

डीओ, खाद्य सुरक्षा विभाग आरके गुप्ता ने बताय कि कुछ खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आई है, इनमें से 13 खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट फेल आई है। इनकी बिक्री करने वाले व्यापारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद वाद को एडीएम प्रशासन कोर्ट में दायर किया जाएगा।
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