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वेव शुगर मिल के खिलाफ किसानों ने की मोर्चा खोलने की तैयारी
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वेव शुगर मिल के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोलने की बनाई रणनीति
बुलंदशहर। वेव शुगर मिल की ओर से अभी तक बकाया गन्ना भुगतान न करने और मिल को एक बार फिर देरी से चलाने पर किसानों में खासा गुस्सा है। इसके विरोध में किसानों ने मिल के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। गन्ना किसान संघर्ष समिति की चेतावनी है कि मिल प्रबंधन की किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
बता दें कि जब से यह मिल वेव कंपनी द्वारा संचालित की जा रही है। तब से लेकर अब तक इसे चलाने और किसानों का बकाया गन्ना भुगतान करने में मिल प्रबंधन देरी करता आया है। मिल प्रबंधन की ओर से हर बार इस तरह की लापरवाही का खामियाजा इससे जुड़े गन्ना किसानों को उठाना पड़ता है। अब एक बार फिर चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र शुरू होने वाला है। जबकि अभी तक इस मिल ने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया तो मिल चलाने में भी देरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह मिल अब 13 नवंबर तक संचालित होगी। इसे लेकिन इससे जुड़े किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। गन्ना किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष संग्राम सिंह ने कहा कि मिल प्रबंधन की किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। यदि मिल को चलाने में देरी की गई या मिल चलाने से पहले किसानों का बकाया 39 करोड़ गन्ना भुगतान नहीं किया गया तो किसान मोर्चा खोलने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर मिल प्रबंधन की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
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बसपा के शासन में बिकी थी यह मिल
बता दें कि वेव शुगर मिल पहले सरकारी चीनी मिल थी। इसे बसपा के शासनकाल में मात्र 29 करोड़ में वेव कंपनी को बेच दिया गया था। इस मिल के बिकने के साथ ही इसका नाम बदलकर वेव शुगर मिल हो गया था। इतना ही नहीं शुरूआत में मिल प्रबंधन इसे चलाने को आनाकानी करने लगा था। इसे लेकर इससे जुड़े गन्ना किसानों ने धरना-प्रदर्शन कर मिल को चलाने के लिए शासन से गुहार लगाई थी। यह मिल दो साल चली और एक बार फिर बंद हो गई। इसके बंद होने पर एक बार फिर गन्ना किसान संघर्ष समिति ने दो वर्ष पूर्व मिल में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसका नतीजा यह रहा कि प्रदेश सरकार सख्त हुई और मिल प्रबंधन को चलाने के आदेश जारी किए। शासन के आदेश पर चीनी मिल संचालित तो हो गई, लेकिन किसानों को समय पर बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिल रहा। ऐसे में किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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मिल प्रबंधन ने मिल को चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। साथ ही किसानों के बकाया गन्ना भुगतान करने की भी लगभग तैयारी पूरी हो चुकी है। किसानों को बकाया गन्ना भुगतान जल्द किया जाएगा।
- देवराज सिंह, अधिकारी, वेव शुगर मिल, बुलंदशहर।
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वेव शुगर मिल हरहाल मेें चलेगी। इस मिल के संचालन को लेकर शासन और विभाग की ओर से आदेश जारी हो चुके हैं। रही किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की बात तो उनकी एक-एक पाई का हिसाब मिल प्रबंधन से करवाया जाएगा। किसानों को चिंता करने की कोई बात नहीं है।
- डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।
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बुलंदशहर। वेव शुगर मिल की ओर से अभी तक बकाया गन्ना भुगतान न करने और मिल को एक बार फिर देरी से चलाने पर किसानों में खासा गुस्सा है। इसके विरोध में किसानों ने मिल के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। गन्ना किसान संघर्ष समिति की चेतावनी है कि मिल प्रबंधन की किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
बता दें कि जब से यह मिल वेव कंपनी द्वारा संचालित की जा रही है। तब से लेकर अब तक इसे चलाने और किसानों का बकाया गन्ना भुगतान करने में मिल प्रबंधन देरी करता आया है। मिल प्रबंधन की ओर से हर बार इस तरह की लापरवाही का खामियाजा इससे जुड़े गन्ना किसानों को उठाना पड़ता है। अब एक बार फिर चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र शुरू होने वाला है। जबकि अभी तक इस मिल ने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया तो मिल चलाने में भी देरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह मिल अब 13 नवंबर तक संचालित होगी। इसे लेकिन इससे जुड़े किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। गन्ना किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष संग्राम सिंह ने कहा कि मिल प्रबंधन की किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। यदि मिल को चलाने में देरी की गई या मिल चलाने से पहले किसानों का बकाया 39 करोड़ गन्ना भुगतान नहीं किया गया तो किसान मोर्चा खोलने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर मिल प्रबंधन की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
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बसपा के शासन में बिकी थी यह मिल
बता दें कि वेव शुगर मिल पहले सरकारी चीनी मिल थी। इसे बसपा के शासनकाल में मात्र 29 करोड़ में वेव कंपनी को बेच दिया गया था। इस मिल के बिकने के साथ ही इसका नाम बदलकर वेव शुगर मिल हो गया था। इतना ही नहीं शुरूआत में मिल प्रबंधन इसे चलाने को आनाकानी करने लगा था। इसे लेकर इससे जुड़े गन्ना किसानों ने धरना-प्रदर्शन कर मिल को चलाने के लिए शासन से गुहार लगाई थी। यह मिल दो साल चली और एक बार फिर बंद हो गई। इसके बंद होने पर एक बार फिर गन्ना किसान संघर्ष समिति ने दो वर्ष पूर्व मिल में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसका नतीजा यह रहा कि प्रदेश सरकार सख्त हुई और मिल प्रबंधन को चलाने के आदेश जारी किए। शासन के आदेश पर चीनी मिल संचालित तो हो गई, लेकिन किसानों को समय पर बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिल रहा। ऐसे में किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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मिल प्रबंधन ने मिल को चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। साथ ही किसानों के बकाया गन्ना भुगतान करने की भी लगभग तैयारी पूरी हो चुकी है। किसानों को बकाया गन्ना भुगतान जल्द किया जाएगा।
- देवराज सिंह, अधिकारी, वेव शुगर मिल, बुलंदशहर।
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वेव शुगर मिल हरहाल मेें चलेगी। इस मिल के संचालन को लेकर शासन और विभाग की ओर से आदेश जारी हो चुके हैं। रही किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की बात तो उनकी एक-एक पाई का हिसाब मिल प्रबंधन से करवाया जाएगा। किसानों को चिंता करने की कोई बात नहीं है।
- डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।