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‘मुसीबत में फंसने पर पेन व हेयर पिन को बनाएं हथियार’

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 23 Oct 2019 11:22 PM IST
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सिकंदराबाद के दयावती दीवान सिंह शुक्ल स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा का गुर शिखाते कराटे कोच ह? - फोटो : SIKANDRABAD
‘मुसीबत में फंसने पर पेन व हेयर पिन को बनाएं हथियार’
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सिकंदराबाद। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बुधवार को नगर के गुलावठी रोड स्थित दयावती दीवान सिंह शुक्ल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में अपनी सुरक्षा अपने हाथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बुलंदशहर कराटे एसोसिएशन के सचिव एवं कोच हरकेश सिंह, कराटे कोच सोनू लोधी, राष्ट्रीय स्तर की कराटे खिलाड़ी निधि नागर और गरिमा नागर ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए।

कराटे को हरकेश सिंह, सोनी लोधी, कराटे की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी निधि नागर, गरिमा नागर ने छात्राओं को बताया कि मुसीबत की घड़ी में हौसला न खोएं। विपक्षी के कमजोर अंगों पर वार कर अपनी रक्षा आसानी से की जा सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को मानव के सबसे कमजोर अंगों के बारे में जानकारी दी, और कमजोर अंगों पर अटैक करने की तकनीक के बारे में भी विस्तार से बताया। साथ ही विपक्षी द्वारा किए गए वार से बचाव और आत्मरक्षा के लिए उस पर अटैक की तकनीक की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मनुष्य के खोपड़ी के नीचे भाग, दोनों पसलियों के ऊपरी भाग का बीच का हिस्सा, नाक, मनुष्य की सबसे कमजोर अंग होते हैं। कमजोर अंगों पर हमला आत्मरक्षा का सबसे कारगार उपाय हैं। छात्राओं के विपक्षी के पकड़ से छूटने और अपना बचाव करने की तकनीक के बारे में भी बताया। कहा कि मुसीबत के समय में आप अपने हेयर पिन, पेन को भी हथियार के रूप में प्रयोग कर अपनी रक्षा कर सकती है। इस दौरान प्रधानाचार्य राजीव कुमार पांडेय, पीटीआई दिनेश सिंह, वरिष्ठ आचार्य वीरेंद्र सिंद ने छात्राओं को अपनी रक्षा स्वयं करने की शपथ दिलाई।
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बोलीं छात्राएं
आत्मरक्षा के लिए महिलाओं को जागरूक होना होगा, और अत्याचार के खिलाफ लड़ना होगा। तभी महिलाओं का उत्पीड़न रुकेगा। - सानिया
महिलाएं अब कमजोर नहीं है। महिलाओं को कमजोर समझने वालों को अपनी मानसिकता को बदलना होगा। - काजल भाटी
बेटियां आज हर एक क्षेत्र में मुकाम हासिल कर अपने आप को साबित कर रही हैं। अब समाज को भी उनके बारे में अपनी सोच बदलनी होगी। - मीनाक्षी वत्स
अधिकारो के प्रति जागरूकता ही आत्मरक्षा है। आत्मरक्षा के लिए महिलाओं को अपने अधिकारों को प्रति जागरूक होना होगा। - तानिया सिंह
महिलाओं को अत्याचारों को बर्दाश्त करने की मानसिकता को बदलना होगा। तभी वह सुरक्षित रह सकती है। - महक
पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं को आत्मरक्षा की भी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। तभी वह अपनी सुरक्षा स्वयं कर पाएंगी। - खुशी
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