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आयुष्मान फर्जीवाड़ा: एक ही अस्पताल के निकले तीनों मरीज
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आयुष्मान फर्जीवाड़ा: एक ही अस्पताल के निकले तीनों मरीज
बुलंदशहर। आयुष्मान योजना के तहत तीन लोगों ने फर्जी कार्ड पर एक ही निजी अस्पताल में इलाज कराया था। ऑडिट जांच के दौरान तीनों लोगों के कार्ड फर्जी होने पर विभाग ने जांच शुरू कर दी थी। वहीं, तीनों के इलाज में खर्च की धनराशि की निकासी पर विभागीय अफसरों ने रोक लगा दी है। उधर, सोमवार को मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये तक का प्रतिवर्ष निशुल्क इलाज का प्रावधान है। जो सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी दिया जाता है। योजना के तहत जिले में अभी तक 22307 लोग अपना इलाज करा चुके हैं। बीते दिनों हुए ऑडिट में तीन लोग ऐसे मिले जिन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी कार्ड बनवाया और इलाज करवा लिया। इलाज कराने के बाद मामले की जांच हुई तो कार्ड फर्जी निकला। इसके बाद स्वास्थ्य अफसरों ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू कर दी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। जिसमें सामने आया है कि तीनों लोगों का एक ही योजना से जुड़े निजी अस्पताल में उपचार हुआ था। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार तीन लोगों के फर्जी कार्ड से उपचार कराने के मामले में जांच रिपोर्ट बन गई है। जल्द ही कई लोगों पर कार्रवाई होने की संभावना है।
फर्जीवाड़े में और लोग भी हो सकते हैं शामिल
आयुष्मान योजना के तहत तीन लोगों ने फर्जी कार्ड से इलाज कराया तो 28 लोग ऐसे मिले जिन्होंने फर्जी कार्ड बनवाए हैं। इनमें 24 कार्ड अकेले जिला महिला अस्पताल में बने आयुष्मान केंद्र से जारी किए गए हैं।
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कोट
जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। तीनों मरीजों का एक ही निजी अस्पताल में उपचार हुआ है। जिसका भुगतान रुकवा दिया गया है। कार्ड किसने बनाया इसकी जांच की जा रही है। तीन लोगों की जिम्मेदारी थी, इनके द्वारा भी लापरवाही बरती गई। जो फर्जी कार्ड सामने आए है उन सभी को निरस्त करवाया जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। आयुष्मान योजना के तहत तीन लोगों ने फर्जी कार्ड पर एक ही निजी अस्पताल में इलाज कराया था। ऑडिट जांच के दौरान तीनों लोगों के कार्ड फर्जी होने पर विभाग ने जांच शुरू कर दी थी। वहीं, तीनों के इलाज में खर्च की धनराशि की निकासी पर विभागीय अफसरों ने रोक लगा दी है। उधर, सोमवार को मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये तक का प्रतिवर्ष निशुल्क इलाज का प्रावधान है। जो सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी दिया जाता है। योजना के तहत जिले में अभी तक 22307 लोग अपना इलाज करा चुके हैं। बीते दिनों हुए ऑडिट में तीन लोग ऐसे मिले जिन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी कार्ड बनवाया और इलाज करवा लिया। इलाज कराने के बाद मामले की जांच हुई तो कार्ड फर्जी निकला। इसके बाद स्वास्थ्य अफसरों ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू कर दी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। जिसमें सामने आया है कि तीनों लोगों का एक ही योजना से जुड़े निजी अस्पताल में उपचार हुआ था। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार तीन लोगों के फर्जी कार्ड से उपचार कराने के मामले में जांच रिपोर्ट बन गई है। जल्द ही कई लोगों पर कार्रवाई होने की संभावना है।
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फर्जीवाड़े में और लोग भी हो सकते हैं शामिल
आयुष्मान योजना के तहत तीन लोगों ने फर्जी कार्ड से इलाज कराया तो 28 लोग ऐसे मिले जिन्होंने फर्जी कार्ड बनवाए हैं। इनमें 24 कार्ड अकेले जिला महिला अस्पताल में बने आयुष्मान केंद्र से जारी किए गए हैं।
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जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। तीनों मरीजों का एक ही निजी अस्पताल में उपचार हुआ है। जिसका भुगतान रुकवा दिया गया है। कार्ड किसने बनाया इसकी जांच की जा रही है। तीन लोगों की जिम्मेदारी थी, इनके द्वारा भी लापरवाही बरती गई। जो फर्जी कार्ड सामने आए है उन सभी को निरस्त करवाया जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ