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बच्चों के पढ़ने के साथ लिखने की क्षमता में आई गिरावट
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
बच्चों के पढ़ने के साथ लिखने की क्षमता में आई गिरावट
बुलंदशहर। ऑनलाइन पढ़ाई से शैक्षणिक गुणवत्ता में भी कमी आई है। बच्चों की लिखावट खराब होने के साथ पढ़ाई की क्षमता में भी गिरावट आई है। सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षकों ने इस बात का खुलासा किया है। शिक्षकों ने ऑनलाइन से ऑॅफलाइन पढ़ाई को ही अच्छा विकल्प बताया है। शिक्षकों कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई ने काफी हद तक छात्रों की शिक्षा को संभाला है, लेकिन इससे छात्रों की विभिन्न दक्षता व क्षमता में कमी देखने को मिल रही है।
याददाश्त हुई कमजोर, लिखने की आदत में आई कमी
ऑनलाइन पढ़ाई में पढ़ने और लिखने की क्षमता कम हुई है। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चे तकनीकी रूप से स्मार्ट हुए हैं, लेकिन कक्षाओं में जो तीव्रता देखने को मिलती थी उसमें कमी आई है। छात्रों की याददाश्त कमजोर हुई है। पढ़ाई के दौरान कॉपी पर नोट करना व लिखने की आदत भी काफी कम हुई है। - नितिन जैन।
बच्चे कम पसंद कर रहे लिखना
ऑनलाइन पढ़ाई से लिखाई और किताब पढ़ने में गिरावट आई है। बच्चे अब लिखना कम पसंद कर रहे हैं। टाइप कर जवाब देना उनको ज्यादा अच्छा लग रहा है। यही वजह है कि उनकी लिखावट भी दिन-ब-दिन खराब हुई है। कॉपी पर लिखने का काम सफाई से होना चाहिए, लेकिन छात्र निपटाऊ काम कर रहे हैं। - अरविंद कुमार।
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प्रतिस्पर्धा की भावना में कमी
ऑफलाइन पढ़ाई में सभी छात्र एक साथ बैठते थे तो अधिकांश छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना दिखती है। वे घर से पढ़कर आते थे ताकि शिक्षक कुछ पूछे तो सबसे पहले हाथ उठाकर जवाब दे सकें। अब कक्षाएं उनके घर लगीं तो प्रतिस्पर्धा की भावना भी कम हो गई है। ऑफलाइन कक्षा में टीचर बच्चों के आईक्यू लेवल के अनुसार मेहनत करते थे। - रवि गौतम।
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बुलंदशहर। ऑनलाइन पढ़ाई से शैक्षणिक गुणवत्ता में भी कमी आई है। बच्चों की लिखावट खराब होने के साथ पढ़ाई की क्षमता में भी गिरावट आई है। सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षकों ने इस बात का खुलासा किया है। शिक्षकों ने ऑनलाइन से ऑॅफलाइन पढ़ाई को ही अच्छा विकल्प बताया है। शिक्षकों कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई ने काफी हद तक छात्रों की शिक्षा को संभाला है, लेकिन इससे छात्रों की विभिन्न दक्षता व क्षमता में कमी देखने को मिल रही है।
याददाश्त हुई कमजोर, लिखने की आदत में आई कमी
ऑनलाइन पढ़ाई में पढ़ने और लिखने की क्षमता कम हुई है। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चे तकनीकी रूप से स्मार्ट हुए हैं, लेकिन कक्षाओं में जो तीव्रता देखने को मिलती थी उसमें कमी आई है। छात्रों की याददाश्त कमजोर हुई है। पढ़ाई के दौरान कॉपी पर नोट करना व लिखने की आदत भी काफी कम हुई है। - नितिन जैन।
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बच्चे कम पसंद कर रहे लिखना
ऑनलाइन पढ़ाई से लिखाई और किताब पढ़ने में गिरावट आई है। बच्चे अब लिखना कम पसंद कर रहे हैं। टाइप कर जवाब देना उनको ज्यादा अच्छा लग रहा है। यही वजह है कि उनकी लिखावट भी दिन-ब-दिन खराब हुई है। कॉपी पर लिखने का काम सफाई से होना चाहिए, लेकिन छात्र निपटाऊ काम कर रहे हैं। - अरविंद कुमार।
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प्रतिस्पर्धा की भावना में कमी
ऑफलाइन पढ़ाई में सभी छात्र एक साथ बैठते थे तो अधिकांश छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना दिखती है। वे घर से पढ़कर आते थे ताकि शिक्षक कुछ पूछे तो सबसे पहले हाथ उठाकर जवाब दे सकें। अब कक्षाएं उनके घर लगीं तो प्रतिस्पर्धा की भावना भी कम हो गई है। ऑफलाइन कक्षा में टीचर बच्चों के आईक्यू लेवल के अनुसार मेहनत करते थे। - रवि गौतम।