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रिश्वत मांगने पर रजिस्ट्रार कानूनगो के खिलाफ मुकदमा
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रिश्वत मांगने पर रजिस्ट्रार कानूनगो के खिलाफ मुकदमा
बुलंदशहर। जमीन के बैनामे के बाद दाखिल- खारिज कराने के लिए रजिस्ट्रार कानूनगो द्वारा रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिश्वत न देने के कारण दाखिल करने की बजाए उसे खारिज कर दिया। साथ ही जमीन के असली बैनामा को भी गायब कर दिया गया। अब मामले में रजिस्ट्रार कानूनगो, एसडीएम सदर, मंडलायुक्त समेत सात अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दायर किया है।
उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कराते हुए अगौता के गांव बरारी निवासी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि उसने गांव निवासी होशियार सिंह से करीब चार बीघा कृषि योग्य जमीन खरीदी थी। इसके लिए जमीन के मालिक को 11.40 लाख रुपये और बैनामा के लिए 73 हजार रुपये स्टांप शुल्क जमा कराया था। बैनामा के बाद जमीन को दाखिल कराते हुए खतौनी में अपना नाम चढ़वाने के लिए आवेदन किया तो 16 अप्रैल 2021 को दाखिल कराने की फाइल में मूल बैनामा लगा दिया। इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो ने कहा कि अभी लेखपाल की रिपोर्ट दाखिल नहीं है और बैनामे की कोई रसीद भी नहीं दी। इस दौरान उन्होंने फाइल को पूरा बताया और एक मई की तारीख लगाई। पेशी के दौरान फाइल पर कोई हस्ताक्षर नहीं कराए। इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो ने रिश्वत की मांग की और न देने पर दाखिल को खारिज कराने की बात कही। आरोप है कि फाइल पूरी होने के बाद भी दाखिल करने के बजाए खारिज कर दिया और मूल बैनामा की प्रति गायब कर दी। पीड़ित ने फोन की कॉल रिकॉर्डिंग भी उपभोक्ता फोरम में जमा कराई है। फोरम के अध्यक्ष चरन सिंह ने मामले में रजिस्ट्रार कानूनगो को मुख्य आरोपी बनाते हुए नायब तहसीलदार औरंगाबाद, तहसीलदार सदर, एसडीएम सदर, आयुक्त मेरठ मंडल, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, उपनिबंधक सदर को मामले में पार्टी बनाया है। अब मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की गई है।
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बुलंदशहर। जमीन के बैनामे के बाद दाखिल- खारिज कराने के लिए रजिस्ट्रार कानूनगो द्वारा रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिश्वत न देने के कारण दाखिल करने की बजाए उसे खारिज कर दिया। साथ ही जमीन के असली बैनामा को भी गायब कर दिया गया। अब मामले में रजिस्ट्रार कानूनगो, एसडीएम सदर, मंडलायुक्त समेत सात अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दायर किया है।
उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कराते हुए अगौता के गांव बरारी निवासी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि उसने गांव निवासी होशियार सिंह से करीब चार बीघा कृषि योग्य जमीन खरीदी थी। इसके लिए जमीन के मालिक को 11.40 लाख रुपये और बैनामा के लिए 73 हजार रुपये स्टांप शुल्क जमा कराया था। बैनामा के बाद जमीन को दाखिल कराते हुए खतौनी में अपना नाम चढ़वाने के लिए आवेदन किया तो 16 अप्रैल 2021 को दाखिल कराने की फाइल में मूल बैनामा लगा दिया। इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो ने कहा कि अभी लेखपाल की रिपोर्ट दाखिल नहीं है और बैनामे की कोई रसीद भी नहीं दी। इस दौरान उन्होंने फाइल को पूरा बताया और एक मई की तारीख लगाई। पेशी के दौरान फाइल पर कोई हस्ताक्षर नहीं कराए। इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो ने रिश्वत की मांग की और न देने पर दाखिल को खारिज कराने की बात कही। आरोप है कि फाइल पूरी होने के बाद भी दाखिल करने के बजाए खारिज कर दिया और मूल बैनामा की प्रति गायब कर दी। पीड़ित ने फोन की कॉल रिकॉर्डिंग भी उपभोक्ता फोरम में जमा कराई है। फोरम के अध्यक्ष चरन सिंह ने मामले में रजिस्ट्रार कानूनगो को मुख्य आरोपी बनाते हुए नायब तहसीलदार औरंगाबाद, तहसीलदार सदर, एसडीएम सदर, आयुक्त मेरठ मंडल, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, उपनिबंधक सदर को मामले में पार्टी बनाया है। अब मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की गई है।
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