{"_id":"60c50b788ebc3ef4395257d0","slug":"bulandshahar-news-bulandshahr-news-gbd220336417","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिवक्ता हत्याकंाड: दो वर्ष पूर्व भी मारी गई थी अधिवक्ता को गोली, जमानत पर है आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिवक्ता हत्याकंाड: दो वर्ष पूर्व भी मारी गई थी अधिवक्ता को गोली, जमानत पर है आरोपी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिवक्ता हत्याकंाड: दो वर्ष पूर्व भी मारी गई थी अधिवक्ता को गोली, जमानत पर है आरोपी
खुर्जा। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लक्ष्मण गंज निवासी अधिवक्ता की हत्या के मामले में उनके पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता सुमित पर दो वर्ष पूर्व भी कातिलाना हमला हुआ, जिसमें वह बच गए थे। फिलहाल आरोपी जमानत पर चल रहा है। पुलिस इसी घटना को आधार मानकर जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
अधिवक्ता सुमित कुमार गुप्ता को दो वर्ष पूर्व भी गोली मारी गई थी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस मामले में जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब शुक्रवार की रात सुमित की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने अभी तक किसी पर शक नहीं जताया है। उनका कहना है कि उनके बेटे की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। मृतक के पिता अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वहीं पुलिस मामले में कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह = कई बिंदुओं को रखकर जांच की जा रही है। पुलिस जांच पड़ताल के बाद वारदात के खुलासे के काफी करीब पहुंच गए हैं। जल्द ही आरोपी को पकड़ कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
विज्ञापन
बाजार से बल्ब लेने गए थे अधिवक्ता
अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार की शाम उनका बेटा एडवोकेट सुमित कुमार गुप्ता बल्ब लेने के लिए घर से निकला था। उन्होंने उन्हें सौ रुपये भी दिए थे। काफी देर तक घर न आने पर उन्होंने बेटे के फोन पर ट्राई किया। कुछ देर बाद पुलिस की कॉल आ गई और उन्होंने पंचवटी रजवाहे के पास एडवोकेट सुमित कुमार गुप्ता का शव पड़ा होने की जानकारी दी। अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने बताया उनके बेटे की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। हत्या किसने की इस संबंध में वह कुछ भी नहीं कह सकते। कोई जानकारी न होने की वजह से ही उन्होंने अज्ञात में तहरीर दी है।
केस हारने पर वादी ने मारी थी बेटे को गोली
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ता अशोक कुमार के एक मुकदमे में हारने के चलते एक युवक ने उनके बेटे सुमित को अलीगढ़ बॉर्डर पर गोली मारी थी। गोली लगने से सुमित घायल हो गए थे। उस मामले में भी अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में सुमित ने उसकी शिनाख्त दीपक पुत्र धर्मपाल के रूप में की थी। पुलिस ने आरोपी दीपक को पकड़ कर जेल भेज दिया था। इस समय आरोपी को जमानत मिली हुई है।
अधिवक्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर की खुलासे की मांग
अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या के मामले में वारदात के खुलासे की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने कोतवाली प्रभारी से आरोपी का पता लगाने और उसकी गिरफ्तारी की मांग की। शनिवार दोपहर को काफी अधिवक्ता कोतवाली पहुंच गए। जहां उन्होंने कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी से वार्ता की। उन्होंने अधिवक्ता सुमित गुप्ता की हत्या को लेकर अब क्या कार्रवाई हुई उसके बारे में जानकारी जुटाई। अधिवक्ताओं ने कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा होना चाहिए। करीब आधा घंटे तक अधिवक्ता कोतवाली में जमे रहे। कोतवाली प्रभारी ने उन्हें जल्द ही कार्रवाई करते हुए वारदात से पर्दा हटाने का आश्वासन दिया। इस दौरान दि बार एसोसिएशन के सचिव भानु प्रताप सिंह, राजेश शर्मा, नागेश शर्मा, धमेंद्र चौधरी, प्रवीण भाटी, रोहित शर्मा आदि रहे।
विज्ञापन
खुर्जा। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लक्ष्मण गंज निवासी अधिवक्ता की हत्या के मामले में उनके पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता सुमित पर दो वर्ष पूर्व भी कातिलाना हमला हुआ, जिसमें वह बच गए थे। फिलहाल आरोपी जमानत पर चल रहा है। पुलिस इसी घटना को आधार मानकर जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
अधिवक्ता सुमित कुमार गुप्ता को दो वर्ष पूर्व भी गोली मारी गई थी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस मामले में जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब शुक्रवार की रात सुमित की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने अभी तक किसी पर शक नहीं जताया है। उनका कहना है कि उनके बेटे की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। मृतक के पिता अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वहीं पुलिस मामले में कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन
एसएसपी संतोष कुमार सिंह = कई बिंदुओं को रखकर जांच की जा रही है। पुलिस जांच पड़ताल के बाद वारदात के खुलासे के काफी करीब पहुंच गए हैं। जल्द ही आरोपी को पकड़ कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
विज्ञापन
बाजार से बल्ब लेने गए थे अधिवक्ता
अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार की शाम उनका बेटा एडवोकेट सुमित कुमार गुप्ता बल्ब लेने के लिए घर से निकला था। उन्होंने उन्हें सौ रुपये भी दिए थे। काफी देर तक घर न आने पर उन्होंने बेटे के फोन पर ट्राई किया। कुछ देर बाद पुलिस की कॉल आ गई और उन्होंने पंचवटी रजवाहे के पास एडवोकेट सुमित कुमार गुप्ता का शव पड़ा होने की जानकारी दी। अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने बताया उनके बेटे की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। हत्या किसने की इस संबंध में वह कुछ भी नहीं कह सकते। कोई जानकारी न होने की वजह से ही उन्होंने अज्ञात में तहरीर दी है।
केस हारने पर वादी ने मारी थी बेटे को गोली
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ता अशोक कुमार के एक मुकदमे में हारने के चलते एक युवक ने उनके बेटे सुमित को अलीगढ़ बॉर्डर पर गोली मारी थी। गोली लगने से सुमित घायल हो गए थे। उस मामले में भी अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में सुमित ने उसकी शिनाख्त दीपक पुत्र धर्मपाल के रूप में की थी। पुलिस ने आरोपी दीपक को पकड़ कर जेल भेज दिया था। इस समय आरोपी को जमानत मिली हुई है।
अधिवक्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर की खुलासे की मांग
अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या के मामले में वारदात के खुलासे की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने कोतवाली प्रभारी से आरोपी का पता लगाने और उसकी गिरफ्तारी की मांग की। शनिवार दोपहर को काफी अधिवक्ता कोतवाली पहुंच गए। जहां उन्होंने कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी से वार्ता की। उन्होंने अधिवक्ता सुमित गुप्ता की हत्या को लेकर अब क्या कार्रवाई हुई उसके बारे में जानकारी जुटाई। अधिवक्ताओं ने कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा होना चाहिए। करीब आधा घंटे तक अधिवक्ता कोतवाली में जमे रहे। कोतवाली प्रभारी ने उन्हें जल्द ही कार्रवाई करते हुए वारदात से पर्दा हटाने का आश्वासन दिया। इस दौरान दि बार एसोसिएशन के सचिव भानु प्रताप सिंह, राजेश शर्मा, नागेश शर्मा, धमेंद्र चौधरी, प्रवीण भाटी, रोहित शर्मा आदि रहे।