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बैंकों की हड़ताल से 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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हड़ताल के चलते अस्पताल रोड स्थित पीएनबी बैंक बंद रहा।
- फोटो : KHURJA
बैंकों की हड़ताल से 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
बुलंदशहर। बैंकों के निजीकरण, विलय और श्रम विरोधी कानून के चलते बैंककर्मी देशव्यापी हड़ताल पर रहे, जिससे जिले की करीब 210 बैंक शाखाओं में तालाबंदी होने से चेक क्लीयरिंग, डिमांड ड्राफ्ट, नकद जमा-निकासी जैसे कार्य ठप रहे। बैंककर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। वहीं, नकदी की निकासी के लिए लोग परेशान भी नजर आए।
बैंकों के निजीकरण और विलय के विरोध में बैंककर्मियों की सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई, जो दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। हड़ताल के चलते बैंकों से संबंधित लेनदेन पूरी तरह प्रभावित हो गए। जानकारी के अभाव में कई लोग शाखा जाकर लौटते दिखे। वहीं, बैंक कर्मचारियों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले यमुनापुरम स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही निजीकरण से होने वाले नुकसान पर चर्चा की। बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते 13 बैंकों की 210 शाखाओं में कार्य बंद रहा, जबकि, आठ बैंकों की 56 शाखाओं में कार्य किया गया। यूएफबीयू के जिला संयोजक विक्रम सिंह राघव ने कहा कि निजीकरण किसी के हित में नहीं है। इससे रोजगार प्रभावित होगा। बैंकों का निजीकरण करना समस्या का हल नहीं है। बीओबी के महासचिव वाईके शर्मा ने बताया कि बैंक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सरकार इस रीढ़ की हड्डी को तोड़ना चाहती है। अन्य बैंक कर्मियों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों का परिचालन लाभ निरंतर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार खराब ऋणों की वसूली की अक्षमता को छिपाने के लिए बैंकों को घाटे में डाल रही है। विरोध प्रदर्शन से पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा नगर में रैली निकाल कर भी विरोध जताया गया। इस दौरान कामरेड सुरेंद्र कुमार, पिंटू सिंह, अवनींद्र चौहान, दीपक वशिष्ठ, मनोज चौधरी, अनुज चौधरी, जगवीर सिंह, तरुणवीर तोमर और अजय तोमर समेत अन्य पदाधिकारी और बैंककर्मी मौजूद रहे।
बैंकों के निजीकरण और विलय के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने 15 और 16 मार्च को हड़ताल का एलान किया। इससे पूर्व 13 मार्च को माह का दूसरा शनिवार और 14 मार्च को रविवार अवकाश के चलते बैंक बंद रहे। लगातार चार दिन बैंक बंद रहने से अधिकांश एटीएम बैंक बंद होने के साथ बंद हो गए तो जो कुछ बचे थे उनमें से कुछ में धनराशि समाप्त होने पर कैशलैस नजर आए। ऐसे में लोगों को पैसों के लेनदेन को लेकर परेशान होना पड़ा और लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक कैश के लिए चक्कर लगाते रहे। वहीं, लोगों की इस समस्या का समाधान बुधवार को बैंक खुलने पर लेनदेन शुरू होने और एटीएम में कैश लोड होने पर हो सकेगा। मंगलवार को नगर के डीएम रोड, मोतीबाग चौराहा, अंसारी रोड, रोडवेज बस अड्डा, डीएवी तिराहा और भूड़ चौराहे समेत अन्य स्थानों पर एटीएम बंद रहे।
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विजय गांधी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक = जब शाखाएं बंद रहती है तो एटीएम में पर्याप्त मात्रा में धनराशि डाल दी जाती है। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलें। किसी एटीएम में कोई समस्या है तो उसे दिखवाकर सही कराया जाएगा। बुधवार को बैंक खुलने पर लोगों को राहत मिलेगी।
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बुलंदशहर। बैंकों के निजीकरण, विलय और श्रम विरोधी कानून के चलते बैंककर्मी देशव्यापी हड़ताल पर रहे, जिससे जिले की करीब 210 बैंक शाखाओं में तालाबंदी होने से चेक क्लीयरिंग, डिमांड ड्राफ्ट, नकद जमा-निकासी जैसे कार्य ठप रहे। बैंककर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। वहीं, नकदी की निकासी के लिए लोग परेशान भी नजर आए।
बैंकों के निजीकरण और विलय के विरोध में बैंककर्मियों की सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई, जो दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। हड़ताल के चलते बैंकों से संबंधित लेनदेन पूरी तरह प्रभावित हो गए। जानकारी के अभाव में कई लोग शाखा जाकर लौटते दिखे। वहीं, बैंक कर्मचारियों ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले यमुनापुरम स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही निजीकरण से होने वाले नुकसान पर चर्चा की। बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते 13 बैंकों की 210 शाखाओं में कार्य बंद रहा, जबकि, आठ बैंकों की 56 शाखाओं में कार्य किया गया। यूएफबीयू के जिला संयोजक विक्रम सिंह राघव ने कहा कि निजीकरण किसी के हित में नहीं है। इससे रोजगार प्रभावित होगा। बैंकों का निजीकरण करना समस्या का हल नहीं है। बीओबी के महासचिव वाईके शर्मा ने बताया कि बैंक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सरकार इस रीढ़ की हड्डी को तोड़ना चाहती है। अन्य बैंक कर्मियों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों का परिचालन लाभ निरंतर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार खराब ऋणों की वसूली की अक्षमता को छिपाने के लिए बैंकों को घाटे में डाल रही है। विरोध प्रदर्शन से पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा नगर में रैली निकाल कर भी विरोध जताया गया। इस दौरान कामरेड सुरेंद्र कुमार, पिंटू सिंह, अवनींद्र चौहान, दीपक वशिष्ठ, मनोज चौधरी, अनुज चौधरी, जगवीर सिंह, तरुणवीर तोमर और अजय तोमर समेत अन्य पदाधिकारी और बैंककर्मी मौजूद रहे।
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बैंकों के निजीकरण और विलय के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने 15 और 16 मार्च को हड़ताल का एलान किया। इससे पूर्व 13 मार्च को माह का दूसरा शनिवार और 14 मार्च को रविवार अवकाश के चलते बैंक बंद रहे। लगातार चार दिन बैंक बंद रहने से अधिकांश एटीएम बैंक बंद होने के साथ बंद हो गए तो जो कुछ बचे थे उनमें से कुछ में धनराशि समाप्त होने पर कैशलैस नजर आए। ऐसे में लोगों को पैसों के लेनदेन को लेकर परेशान होना पड़ा और लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक कैश के लिए चक्कर लगाते रहे। वहीं, लोगों की इस समस्या का समाधान बुधवार को बैंक खुलने पर लेनदेन शुरू होने और एटीएम में कैश लोड होने पर हो सकेगा। मंगलवार को नगर के डीएम रोड, मोतीबाग चौराहा, अंसारी रोड, रोडवेज बस अड्डा, डीएवी तिराहा और भूड़ चौराहे समेत अन्य स्थानों पर एटीएम बंद रहे।
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विजय गांधी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक = जब शाखाएं बंद रहती है तो एटीएम में पर्याप्त मात्रा में धनराशि डाल दी जाती है। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिलें। किसी एटीएम में कोई समस्या है तो उसे दिखवाकर सही कराया जाएगा। बुधवार को बैंक खुलने पर लोगों को राहत मिलेगी।