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बारिश-ओलावृष्टि से 33 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद
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अहमदगढ़ क्षेत्र में बारिश से सरसों की फसल हुई जलमग्न।
- फोटो : BULANDSHAHR
बारिश-ओलावृष्टि से 33 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद
बुलंदशहर। जनपद में शुक्रवार को हुई आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जनपद के सात ब्लॉकाें में 33 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो गई है। 18980 हेक्टेयर फसल खराब होने से 41573 किसान प्रभावित हुए हैं।
इस बार जनपद में अब तक तीन बार तेज हवाओं के साथ बारिश के साथ ओलावृष्टि हो चुकी है। इससे सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल के साथ आलू, सरसों, मटर और सब्जी की फसलों को हुआ है। शुक्रवार को तहसील स्याना, अनूपशहर, डिबाई और शिकारपुर में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि से गेहूं आदि की फसल गिरकर खराब हुई है। खेतों में पानी भरने से आलू, मटर और सरसों की फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है। दूसरे दिन भी खेतों और घरों की छत आदि पर ओले देखे गए। खराब हुई फसल का कृषि विभाग के अधिकारी आकलन कर रहे हैं। साथ ही किसान अपनी फसल का मुआवजा लेने के लिए बीमा कंपनी को शिकायत दर्ज करवा रहे हैं। शनिवार को किसानों की शिकायत लेने के लिए तहसील स्याना में कैंप लगाया गया। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि से जनपद में अब तक सात ब्लॉकों में 33 फीसदी से अधिक फसलों को नुकसान हुआ है। ब्लॉक दानपुर, डिबाई, अनूपशहर, स्याना, जहांगीराबाद, बीबीनगर और ऊचागांव में फसलों को 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। जबकि शिकारपुर, पहासू, अरनिया, खुर्जा, अगौता, गुलावठी, लखावटी, बुलंदशहर और सिकंदराबाद में दो से पांच फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। अभी अफसर और कर्मचारी फसलों का आकलन करने में लगे हुए हैं।
अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, बुलंदशहर - जनपद में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं समेत लगभग सभी फसलों को नुकसान हुआ है। इनका आकलन जारी है। साथ ही शासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। इसके अलावा मुआवजे की राशि की भी शासन से मांगी की जाएगी। खराब फसलों का आंकलन जारी है।
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मनोज कुमार सिंघल, एडीएम वित्त एवं राजस्व, बुलंदशहर - जनपद में बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का करीब 21 करोड़ का नुकसान का आकलन किया गया है। इस राशि की शासन से मांग की गई है।
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बुलंदशहर। जनपद में शुक्रवार को हुई आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जनपद के सात ब्लॉकाें में 33 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो गई है। 18980 हेक्टेयर फसल खराब होने से 41573 किसान प्रभावित हुए हैं।
इस बार जनपद में अब तक तीन बार तेज हवाओं के साथ बारिश के साथ ओलावृष्टि हो चुकी है। इससे सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल के साथ आलू, सरसों, मटर और सब्जी की फसलों को हुआ है। शुक्रवार को तहसील स्याना, अनूपशहर, डिबाई और शिकारपुर में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि से गेहूं आदि की फसल गिरकर खराब हुई है। खेतों में पानी भरने से आलू, मटर और सरसों की फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है। दूसरे दिन भी खेतों और घरों की छत आदि पर ओले देखे गए। खराब हुई फसल का कृषि विभाग के अधिकारी आकलन कर रहे हैं। साथ ही किसान अपनी फसल का मुआवजा लेने के लिए बीमा कंपनी को शिकायत दर्ज करवा रहे हैं। शनिवार को किसानों की शिकायत लेने के लिए तहसील स्याना में कैंप लगाया गया। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि से जनपद में अब तक सात ब्लॉकों में 33 फीसदी से अधिक फसलों को नुकसान हुआ है। ब्लॉक दानपुर, डिबाई, अनूपशहर, स्याना, जहांगीराबाद, बीबीनगर और ऊचागांव में फसलों को 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। जबकि शिकारपुर, पहासू, अरनिया, खुर्जा, अगौता, गुलावठी, लखावटी, बुलंदशहर और सिकंदराबाद में दो से पांच फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। अभी अफसर और कर्मचारी फसलों का आकलन करने में लगे हुए हैं।
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अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, बुलंदशहर - जनपद में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं समेत लगभग सभी फसलों को नुकसान हुआ है। इनका आकलन जारी है। साथ ही शासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। इसके अलावा मुआवजे की राशि की भी शासन से मांगी की जाएगी। खराब फसलों का आंकलन जारी है।
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मनोज कुमार सिंघल, एडीएम वित्त एवं राजस्व, बुलंदशहर - जनपद में बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का करीब 21 करोड़ का नुकसान का आकलन किया गया है। इस राशि की शासन से मांग की गई है।