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करोड़ों की लागत से 16 ब्लॉक में बनेंगे सामुदायिक शौचालय
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करोड़ों की लागत से 16 ब्लॉक में बनेंगे सामुदायिक शौचालय
बुलंदशहर। व्यक्तिगत शौचालयों का लाभ देने के बाद अब पंचायत राज विभाग गांवों को दो-दो सामुदायिक शौचालय देगा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वाले जनसंख्या बाहुल्य गांवों को शौचालय के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव ने इसके लिए डीपीआरओ को आदेश दिए हैं। इसके लिए 16 ब्लॉकों से प्रस्ताव भी मांगे है। 14 वें वित्त आयोग से गांवों में शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। करोड़ों की लागत से गांवों में सामुदायिक शौचालयों को बनाया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत पंचायत राज विभाग द्वारा जिले की 951 ग्राम पंचायतों के अधीन 1176 गांवों में 2.20 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण निशुल्क कराया है। मगर अब शासन गांवों में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण और कराने जा रहा है। पंचायत राज के प्रमुख सचिव ने इसके लिए डीपीआरओ को आदेश जारी कर दिए है। बताया कि जिन गांवों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग हैं वहां पर शौचालयों के निर्माण को ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो शौचालय बनाए जाएंगे और करोड़ों रुपये का बजट शौचालयों पर खर्च किया जाएगा। गांव के बाहर जो खाली भूमि होगी वहां पर इन शौचालयों को बनवाया जाएगा। इसमें पुरुष और महिलाओं के शौचालय अलग-अलग होंगे। डीपीआरओ ने बताया कि शौचालयों के लिए सभी 16 ब्लॉकों के एडीओ पंचायतों से प्रस्ताव मांगे हैं और उन्हें इसके लिए पत्र भेज दिया है। जैसे-जैसे प्रस्ताव आएंगे उसी तरह बजट जारी कर शौचालयों के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। ग्रामीण इन शौचालयों का प्रयोग करके लोगों को ओडीएफ और स्वच्छता का संदेश देंगे।
14वें वित्त आयोग की राशि होगी खर्च
पंचायत राज विभाग द्वारा गांवों में जो शौचालय बनाए जाएंगे। इसमें 14वें वित्त आयोग की राशि को खर्च किया जाएगा। एक शौचालय में तकरीबन दो लाख रुपये तक का खर्च होने की उम्मीद है। इसमें एक पंचायत को करीब चार लाख रुपये का बजट दिया जा सकता है। क्योंकि शौचालय के उपर टंकी और अन्य सुसज्जति व्यवस्थाएं होंगी। शौचालयों की बनवाट और उनकी बाहरी सुंदरता लोगों को अपनी और आकर्षित करेगी। गांवों को स्वच्छता का संदेश देने के लिए पंचायत राज विभाग की यह नई पहल है।
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कोट
शासन के आदेश पर जिले के गांवों में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए आदेश प्राप्त हो गए हैं। एसटी/एसटी बाहुल्य गांवों में यह शौचालय बनाए जाएंगे। एडीओ पंचायतों से प्रस्ताव मांगे हैं, जल्द ही गांवों में शौचालयों के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - नंदलाल, जिला पंचायत राज अधिकारी
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बुलंदशहर। व्यक्तिगत शौचालयों का लाभ देने के बाद अब पंचायत राज विभाग गांवों को दो-दो सामुदायिक शौचालय देगा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वाले जनसंख्या बाहुल्य गांवों को शौचालय के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव ने इसके लिए डीपीआरओ को आदेश दिए हैं। इसके लिए 16 ब्लॉकों से प्रस्ताव भी मांगे है। 14 वें वित्त आयोग से गांवों में शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। करोड़ों की लागत से गांवों में सामुदायिक शौचालयों को बनाया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत पंचायत राज विभाग द्वारा जिले की 951 ग्राम पंचायतों के अधीन 1176 गांवों में 2.20 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण निशुल्क कराया है। मगर अब शासन गांवों में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण और कराने जा रहा है। पंचायत राज के प्रमुख सचिव ने इसके लिए डीपीआरओ को आदेश जारी कर दिए है। बताया कि जिन गांवों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग हैं वहां पर शौचालयों के निर्माण को ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो शौचालय बनाए जाएंगे और करोड़ों रुपये का बजट शौचालयों पर खर्च किया जाएगा। गांव के बाहर जो खाली भूमि होगी वहां पर इन शौचालयों को बनवाया जाएगा। इसमें पुरुष और महिलाओं के शौचालय अलग-अलग होंगे। डीपीआरओ ने बताया कि शौचालयों के लिए सभी 16 ब्लॉकों के एडीओ पंचायतों से प्रस्ताव मांगे हैं और उन्हें इसके लिए पत्र भेज दिया है। जैसे-जैसे प्रस्ताव आएंगे उसी तरह बजट जारी कर शौचालयों के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। ग्रामीण इन शौचालयों का प्रयोग करके लोगों को ओडीएफ और स्वच्छता का संदेश देंगे।
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14वें वित्त आयोग की राशि होगी खर्च
पंचायत राज विभाग द्वारा गांवों में जो शौचालय बनाए जाएंगे। इसमें 14वें वित्त आयोग की राशि को खर्च किया जाएगा। एक शौचालय में तकरीबन दो लाख रुपये तक का खर्च होने की उम्मीद है। इसमें एक पंचायत को करीब चार लाख रुपये का बजट दिया जा सकता है। क्योंकि शौचालय के उपर टंकी और अन्य सुसज्जति व्यवस्थाएं होंगी। शौचालयों की बनवाट और उनकी बाहरी सुंदरता लोगों को अपनी और आकर्षित करेगी। गांवों को स्वच्छता का संदेश देने के लिए पंचायत राज विभाग की यह नई पहल है।
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शासन के आदेश पर जिले के गांवों में दो-दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए आदेश प्राप्त हो गए हैं। एसटी/एसटी बाहुल्य गांवों में यह शौचालय बनाए जाएंगे। एडीओ पंचायतों से प्रस्ताव मांगे हैं, जल्द ही गांवों में शौचालयों के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - नंदलाल, जिला पंचायत राज अधिकारी