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किसानों का चालान करने पर भाकियू ने किया एआरटीओ का घेराव
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किसानों का चालान करने पर भाकियू ने किया एआरटीओ का घेराव
बुलंदशहर। प्रशासनिक अफसरों के पुराने वाहनों को छोड़ किसानों के वाहनों का चालान काटने पर सोमवार को भाकियू किसानों ने एआरटीओ प्रशासन का घेराव किया। जो रविवार को ट्रैक्टर का चालान काटे जाने पर किया गया। भाकियू किसानों ने मंगलवार तक पुराने प्रशासनिक वाहनों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन को ज्ञापन सौंप जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।
शासन द्वारा वायु प्रदूषण बढ़ने पर डीजल और पेट्रोल के 10 वर्ष पुराने वाहनों पर पाबंदी लगा दी गई थी। साथ ही वाहनों के संचालन मिलने पर एआरटीओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन द्वारा रविवार को अगौता क्षेत्र में छह ट्रैक्टरों का चालान काट दिया गया। इसके विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर मुख्य महासचिव मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने एआरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। साथ ही एआरटीओ प्रशासन का घेराव कर प्रशासनिक वाहनों का चालान न काटे जाने पर रोष जताया। मांगेराम ने बताया कि हर मामले में प्रशासन किसानों को ही दबाने का प्रयास करती है। उन्होेंने कहा कि प्रदूषण के नाम पर, पराली जलाने पर किसानों का प्रशासन चालान करता है, किसानों के कोल्हू बंद करा दिए जाते हैं। वहीं, फैक्ट्री जो धुंआ उगलती है उन पर कार्रवाई नहीं होती है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर सिंह, युवा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र आर्य, मोनू त्यागी, जितेश प्रधान, राजू चौधरी, बाबा दयानंद त्यागी, हरवीर सिंह और हरिनारायण शर्मा समेत अन्य भाकियू किसान मौजूद रहे।
मोहम्मद कय्यूम, एआरटीओ प्रशासन - रूटीन प्रक्रिया और शासन के आदेश पर पीटीओ द्वारा व्यावसायिक रूप से प्रयोग में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का चालान काटा गया है। किसानों का चालान नहीं काटा गया है।
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बुलंदशहर। प्रशासनिक अफसरों के पुराने वाहनों को छोड़ किसानों के वाहनों का चालान काटने पर सोमवार को भाकियू किसानों ने एआरटीओ प्रशासन का घेराव किया। जो रविवार को ट्रैक्टर का चालान काटे जाने पर किया गया। भाकियू किसानों ने मंगलवार तक पुराने प्रशासनिक वाहनों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन को ज्ञापन सौंप जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।
शासन द्वारा वायु प्रदूषण बढ़ने पर डीजल और पेट्रोल के 10 वर्ष पुराने वाहनों पर पाबंदी लगा दी गई थी। साथ ही वाहनों के संचालन मिलने पर एआरटीओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन द्वारा रविवार को अगौता क्षेत्र में छह ट्रैक्टरों का चालान काट दिया गया। इसके विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर मुख्य महासचिव मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने एआरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। साथ ही एआरटीओ प्रशासन का घेराव कर प्रशासनिक वाहनों का चालान न काटे जाने पर रोष जताया। मांगेराम ने बताया कि हर मामले में प्रशासन किसानों को ही दबाने का प्रयास करती है। उन्होेंने कहा कि प्रदूषण के नाम पर, पराली जलाने पर किसानों का प्रशासन चालान करता है, किसानों के कोल्हू बंद करा दिए जाते हैं। वहीं, फैक्ट्री जो धुंआ उगलती है उन पर कार्रवाई नहीं होती है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर सिंह, युवा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र आर्य, मोनू त्यागी, जितेश प्रधान, राजू चौधरी, बाबा दयानंद त्यागी, हरवीर सिंह और हरिनारायण शर्मा समेत अन्य भाकियू किसान मौजूद रहे।
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मोहम्मद कय्यूम, एआरटीओ प्रशासन - रूटीन प्रक्रिया और शासन के आदेश पर पीटीओ द्वारा व्यावसायिक रूप से प्रयोग में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का चालान काटा गया है। किसानों का चालान नहीं काटा गया है।
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