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छुट्टा गोवंश से ग्रामीण परेशान, मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
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शिकारपुर क्षेत्र के गांव पहाड़पुर हवेली में प्राथमिक स्कूल में बन्द किया गया छुटटा गोवंश.
- फोटो : BULANDSHAHR
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छुट्टा गोवंश से ग्रामीण परेशान, मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
बुलंदशहर/आहार। आहार के गांव बढ़पुरा में छुट्टा गोवंश से ग्रामीण परेशान हैं। छुट्टा गोवंश खुलेआम खेतों में जाकर किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को इस बारे में शिकायती पत्र भेजकर गुहार लगाई है।
क्षेत्र में छुट्टा गोवंश किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। आहार के गांव बढ़पुरा के किसान भी इस समस्या से काफी परेशान हो गए हैं। किसानों का कहना है कि छुट्टा गोवंश ने उनके खेतों की खड़ी और तैयार फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसानों ने बताया कि पहले इन गोवंश ने खरीफ की फसल को नष्ट कर दिया था अब गेहूं, मटर, जौ, सरसों आदि की फसलों को नष्ट कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने छुट्टा गोवंश को पकड़कर गोशाला में रखने के सख्त निर्देश प्रशासन को दिए थे। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई प्रशासन की तरफ से नहीं की गई। छुट्टा गोवंश की रखवाली के लिए दिन और रात में खेतों पर रुककर रखवाली करनी पड़ती है। सर्दी के इस मौसम में रात के समय खेतों में रुकना कितना कठिन काम है। छुट्टा गोवंशों की रखवाली के लिए काफी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है। कई बार गोवंशों को खेत से भगाने के दौरान वह हमला भी कर देते हैं। ऐसे में हादसे का खतरा भी बना रहता है। वहीं रात के समय अन्य जंगली जानवरों का डर भी बना रहता है। छुट्टा गोवंशों से निजात दिलाने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनका जीवन संकट में है। किसानों ने बताया कि न्याय पंचायत स्तर पर शासन से गोशाला स्थापित कराई जा रही थी। लेकिन अभी तक गोशाला बनकर तैयार नहीं हुई है। अगर इसी तरह चलता रहा है तो सभी किसान भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर छुट्टा गोवंशों को पकडवाकर गोशाला में रखवाने की मांग की है। किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो वह सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
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बुलंदशहर/आहार। आहार के गांव बढ़पुरा में छुट्टा गोवंश से ग्रामीण परेशान हैं। छुट्टा गोवंश खुलेआम खेतों में जाकर किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को इस बारे में शिकायती पत्र भेजकर गुहार लगाई है।
क्षेत्र में छुट्टा गोवंश किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। आहार के गांव बढ़पुरा के किसान भी इस समस्या से काफी परेशान हो गए हैं। किसानों का कहना है कि छुट्टा गोवंश ने उनके खेतों की खड़ी और तैयार फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसानों ने बताया कि पहले इन गोवंश ने खरीफ की फसल को नष्ट कर दिया था अब गेहूं, मटर, जौ, सरसों आदि की फसलों को नष्ट कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने छुट्टा गोवंश को पकड़कर गोशाला में रखने के सख्त निर्देश प्रशासन को दिए थे। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई प्रशासन की तरफ से नहीं की गई। छुट्टा गोवंश की रखवाली के लिए दिन और रात में खेतों पर रुककर रखवाली करनी पड़ती है। सर्दी के इस मौसम में रात के समय खेतों में रुकना कितना कठिन काम है। छुट्टा गोवंशों की रखवाली के लिए काफी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है। कई बार गोवंशों को खेत से भगाने के दौरान वह हमला भी कर देते हैं। ऐसे में हादसे का खतरा भी बना रहता है। वहीं रात के समय अन्य जंगली जानवरों का डर भी बना रहता है। छुट्टा गोवंशों से निजात दिलाने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनका जीवन संकट में है। किसानों ने बताया कि न्याय पंचायत स्तर पर शासन से गोशाला स्थापित कराई जा रही थी। लेकिन अभी तक गोशाला बनकर तैयार नहीं हुई है। अगर इसी तरह चलता रहा है तो सभी किसान भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर छुट्टा गोवंशों को पकडवाकर गोशाला में रखवाने की मांग की है। किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो वह सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
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