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योजनाओं के क्रियान्वयन में बुलंदशहर सातवें स्थान पर
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
योजनाओं के क्रियान्वयन में बुलंदशहर सातवें स्थान पर
बुलंदशहर। योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश में बुलंदशहर को सातवां स्थान मिला है। इसमें हापुड़ पहले, गाजियाबाद 8वें, मेरठ 11वें और गौतमबुद्ध नगर 56वें स्थान पर रहा। जिले में 87.60 प्रतिशत योजनाओं पर कार्य हुआ है। पुलिस विभाग की योजनाओं की प्रगति सबसे कम रही। पुलिस विभाग के सबसे ज्यादा कार्यक्रम डी श्रेणी में होने के कारण जिले की रैंक गिरी है।
शासन की योजनाओं के अंतर्गत जिले में जो विकास कार्य होते हैं, उनकी प्रत्येक माह मॉनिटरिंग होती है। इसके अलावा योजनाओं के क्रियान्वयन की क्या स्थिति है, इसकी रिपोर्ट भी प्रत्येक माह मंडल स्तर व शासन को भेजी जाती है। पिछले माह जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति ठीक नहीं थी, इसके चलते प्रदेश में 44वीं रैंक बुलंदशहर को मिली थी। इस बार अफसरों ने योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया और इनका भरपूर लाभ दिया है। इसकी बदौलत जिले को प्रदेश में सातवां स्थान मिला है। मंगलवार देर रात शासन ने प्रदेश के सभी जिलों की रैंक जारी कर दी है। इसमें प्रथम स्थान पर हापुड़ जिला रहा है और बुलंदशहर सातवें पायदान पर आ गया है। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के अनुसार ए श्रेणी में 97, बी श्रेणी में छह, सी श्रेणी में तीन, डी श्रेणी में नौ व एन श्रेणी में 17 योजनाएं हैं। एन श्रेणी वाले कार्यक्रम व योजनाएं जिले में लागू नहीं हैं। 115 कार्यक्रम जिले में लागू हैं और 605 में से 530 प्राप्तांक जिले को दिए गए हैं।
सुधीर कुमार रूंगटा, सीडीओ - शासन स्तर से जिले की रैंक जारी हो गई है। प्रदेश में बुलंदशहर को सातवां स्थान मिला है। 97 योजनाएं ए श्रेणी में आई हैं। पुलिस विभाग की योजनाएं ज्यादातर डी श्रेणी में हैं। विभागीय अफसर योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाएं। विभागों को दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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बुलंदशहर। योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश में बुलंदशहर को सातवां स्थान मिला है। इसमें हापुड़ पहले, गाजियाबाद 8वें, मेरठ 11वें और गौतमबुद्ध नगर 56वें स्थान पर रहा। जिले में 87.60 प्रतिशत योजनाओं पर कार्य हुआ है। पुलिस विभाग की योजनाओं की प्रगति सबसे कम रही। पुलिस विभाग के सबसे ज्यादा कार्यक्रम डी श्रेणी में होने के कारण जिले की रैंक गिरी है।
शासन की योजनाओं के अंतर्गत जिले में जो विकास कार्य होते हैं, उनकी प्रत्येक माह मॉनिटरिंग होती है। इसके अलावा योजनाओं के क्रियान्वयन की क्या स्थिति है, इसकी रिपोर्ट भी प्रत्येक माह मंडल स्तर व शासन को भेजी जाती है। पिछले माह जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति ठीक नहीं थी, इसके चलते प्रदेश में 44वीं रैंक बुलंदशहर को मिली थी। इस बार अफसरों ने योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया और इनका भरपूर लाभ दिया है। इसकी बदौलत जिले को प्रदेश में सातवां स्थान मिला है। मंगलवार देर रात शासन ने प्रदेश के सभी जिलों की रैंक जारी कर दी है। इसमें प्रथम स्थान पर हापुड़ जिला रहा है और बुलंदशहर सातवें पायदान पर आ गया है। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के अनुसार ए श्रेणी में 97, बी श्रेणी में छह, सी श्रेणी में तीन, डी श्रेणी में नौ व एन श्रेणी में 17 योजनाएं हैं। एन श्रेणी वाले कार्यक्रम व योजनाएं जिले में लागू नहीं हैं। 115 कार्यक्रम जिले में लागू हैं और 605 में से 530 प्राप्तांक जिले को दिए गए हैं।
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सुधीर कुमार रूंगटा, सीडीओ - शासन स्तर से जिले की रैंक जारी हो गई है। प्रदेश में बुलंदशहर को सातवां स्थान मिला है। 97 योजनाएं ए श्रेणी में आई हैं। पुलिस विभाग की योजनाएं ज्यादातर डी श्रेणी में हैं। विभागीय अफसर योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाएं। विभागों को दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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