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अलीम प्रकरण में सीबीसीआईडी की जांच तेज, खुल सकता है नया राज
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
अलीम प्रकरण में सीबीसीआईडी की जांच तेज, खुल सकता है नया राज
बुलंदशहर। बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम की हत्या का मामला दिन प्रतिदिन पेचीदा होता जा रहा है। एक ओर मामले में नगर कोतवाली पुलिस एफआर लगा चुकी है, तो दूसरी ओर हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीसीआईडी मामले की गहनता से जांच कर रही है। अब सवाल यह है कि क्या सीबीसीआईडी मामले में कोई राजफाश करने के करीब है या फिर पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर ही सही साबित होगी। हालांकि, इस बाबत अधिकारी कोई उचित बयान नहीं दे रहे हैं।
गौरतलब है कि नौ अक्टूबर 2018 को पूर्व विधायक हाजी अलीम की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। उनका शव उनके बेडरूम में ही पड़ा मिला था। मामले में पूर्व विधायक के भाई हाजी युनुस की तरफ से अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को एजेंसी के कुछ सदस्य बुलंदशहर नगर कोतवाली में पहुंचे थे और कई लोगों के बयान दर्ज किए किए थे। इसी दौरान पूर्व विधाय के चालक साजिद को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। जिसे नगर कोतवाली पुलिस जेल भी भेज चुकी है। अब सूत्रों का कहना है कि सीबीसीआइडी की जांच में सामने आया है कि पूर्व विधायक के एक करीबी का इस हत्याकांड में हाथ सामने आ रहा है। हालांकि यह करीबी कौन है और उसका पूर्व विधायक से रिश्ता क्या था। यह अभी साफ नहीं है। चर्चा है कि इस हत्याकांड का जल्द ही राजफाश होगा। जांच एजेंसी ने कई ऐसे सुबूत जुटाए है, जो हत्या की तरफ इशारा कर रहे हैं। बता दें कि इस केस में नगर कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या बताकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। दरअसल, यह एफआर फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर लगाई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि गोली बेहद करीब से मारी गई है। वहीं, उनके हाथ में पिस्टल भी ज्यों की त्यों मिली थी। अब देखना यह है कि आखिर पूर्व विधायक की हत्या में किस करीबी का हाथ सामने आता है।
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बुलंदशहर। बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम की हत्या का मामला दिन प्रतिदिन पेचीदा होता जा रहा है। एक ओर मामले में नगर कोतवाली पुलिस एफआर लगा चुकी है, तो दूसरी ओर हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीसीआईडी मामले की गहनता से जांच कर रही है। अब सवाल यह है कि क्या सीबीसीआईडी मामले में कोई राजफाश करने के करीब है या फिर पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर ही सही साबित होगी। हालांकि, इस बाबत अधिकारी कोई उचित बयान नहीं दे रहे हैं।
गौरतलब है कि नौ अक्टूबर 2018 को पूर्व विधायक हाजी अलीम की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी। उनका शव उनके बेडरूम में ही पड़ा मिला था। मामले में पूर्व विधायक के भाई हाजी युनुस की तरफ से अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को एजेंसी के कुछ सदस्य बुलंदशहर नगर कोतवाली में पहुंचे थे और कई लोगों के बयान दर्ज किए किए थे। इसी दौरान पूर्व विधाय के चालक साजिद को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। जिसे नगर कोतवाली पुलिस जेल भी भेज चुकी है। अब सूत्रों का कहना है कि सीबीसीआइडी की जांच में सामने आया है कि पूर्व विधायक के एक करीबी का इस हत्याकांड में हाथ सामने आ रहा है। हालांकि यह करीबी कौन है और उसका पूर्व विधायक से रिश्ता क्या था। यह अभी साफ नहीं है। चर्चा है कि इस हत्याकांड का जल्द ही राजफाश होगा। जांच एजेंसी ने कई ऐसे सुबूत जुटाए है, जो हत्या की तरफ इशारा कर रहे हैं। बता दें कि इस केस में नगर कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या बताकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। दरअसल, यह एफआर फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर लगाई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि गोली बेहद करीब से मारी गई है। वहीं, उनके हाथ में पिस्टल भी ज्यों की त्यों मिली थी। अब देखना यह है कि आखिर पूर्व विधायक की हत्या में किस करीबी का हाथ सामने आता है।
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