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नमामि गंगे योजना: जैव विविधता पार्क बनेगा पर्यटन का केंद्र
Sat, 04 Jan 2020 11:39 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
चेतन शर्मा, बुलंदशहर
चेतन शर्मा, बुलंदशहर
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 11:39 PM IST
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जिलेवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जैव विविधता पार्क का निर्माण कराया जाएगा। नमामि गंगे परियोजना के तहत यह प्रोजेक्ट नरौरा क्षेत्र में गंगाघाट के किनारे प्रस्तावित है। शासन के आदेश पर वन विभाग के अफसरों द्वारा प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है, जो शासन ने पास कर दिया है।
नमामि गंगे परियोजना के तहत केंद्र सरकार प्रदेश ने गंगा किनारे बसे जनपदों में जैव विविधता पार्क बनाने का आदेश दिया था। जो प्रदेश के 16 जनपदों में बनाए जाएंगे। शासन का जैव विविधता पार्क का निर्माण कराने का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने का है। इससे पार्क का निर्माण होने के बाद पर्यटकों का संबंधित जनपदों में आवागमन हो सके। जिले में एक पार्क का निर्माण कराया जाएगा जो नरौरा के रामघाट में गंगा किनारे पर होगा। अफसरों की मानें तो जैव विविधता पार्क का निर्माण 50 हेक्टेयर में कराया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर वन विभाग इसकी देखरेख भी करेगा। जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रस्ताव मांगने पर अफसरों द्वारा गत सितंबर माह में भेज दिया गया था। जो शासन ने पास कर दिया है।
बुलंदशहर समेत इन जनपदों में होगा निर्माण
बुलंदशहर समेत प्रदेश के 16 जनपदों में नमामि गंगे परियोजना के तहत जैव विविधता पार्क का निर्माण होना है। जिसमें हापुड़, मेरठ, बदायूं, बिजनौर, कौशांबी, मिर्जापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर, कन्नौज, फतेहपुर, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर और रायबरेली में जैव विविधता पार्क बनाएं जाएंगे।
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दो जोन में बांटा जाएगा पार्क
जैव विविधता पार्क दो जोन में बांटा जाएगा। एक विजिटर्स जोन तो दूसरा नेचर कंजरवेशन में अलग-अलग सुविधाओं से लैस होंगे। विजिटर्स जोन में नेचर इंटरप्रीटेशन सेंटर, नेचर ट्रायल्स, वाटर बॉडीज, हर्बल गार्डेन, नर्सरी, नक्षत्र वाटिका, पंचवटी, नवग्रह वाटिका, रीक्रियेशनल पार्क, बर्डिंग एरिया, रोकरी गार्डेन आदि प्रमुख रमणीय स्थल होंगे। साथ ही पंचवटी वाटिका में बरगद, आंवला, पीपल और अशोक के पेड़ के साथ बेल आदि होंगे। वहीं, नक्षत्र वाटिका में भी विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे। अफसरों का मानना है कि जैव विविधता पार्क का निर्माण पूर्ण होने पर जिले में पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा।
कोट
जैव विविधता पार्क के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। साथ ही पार्क निर्माण के लिए जमीन भी चिंह्ति कर ली गई है। जिले में नमामि गंगे परियोजना के तहत एक जैव विविधता पार्क का निर्माण होना है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। - गंगा प्रसाद, डीएफओ
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नमामि गंगे परियोजना के तहत केंद्र सरकार प्रदेश ने गंगा किनारे बसे जनपदों में जैव विविधता पार्क बनाने का आदेश दिया था। जो प्रदेश के 16 जनपदों में बनाए जाएंगे। शासन का जैव विविधता पार्क का निर्माण कराने का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने का है। इससे पार्क का निर्माण होने के बाद पर्यटकों का संबंधित जनपदों में आवागमन हो सके। जिले में एक पार्क का निर्माण कराया जाएगा जो नरौरा के रामघाट में गंगा किनारे पर होगा। अफसरों की मानें तो जैव विविधता पार्क का निर्माण 50 हेक्टेयर में कराया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर वन विभाग इसकी देखरेख भी करेगा। जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रस्ताव मांगने पर अफसरों द्वारा गत सितंबर माह में भेज दिया गया था। जो शासन ने पास कर दिया है।
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बुलंदशहर समेत इन जनपदों में होगा निर्माण
बुलंदशहर समेत प्रदेश के 16 जनपदों में नमामि गंगे परियोजना के तहत जैव विविधता पार्क का निर्माण होना है। जिसमें हापुड़, मेरठ, बदायूं, बिजनौर, कौशांबी, मिर्जापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर, कन्नौज, फतेहपुर, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर और रायबरेली में जैव विविधता पार्क बनाएं जाएंगे।
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दो जोन में बांटा जाएगा पार्क
जैव विविधता पार्क दो जोन में बांटा जाएगा। एक विजिटर्स जोन तो दूसरा नेचर कंजरवेशन में अलग-अलग सुविधाओं से लैस होंगे। विजिटर्स जोन में नेचर इंटरप्रीटेशन सेंटर, नेचर ट्रायल्स, वाटर बॉडीज, हर्बल गार्डेन, नर्सरी, नक्षत्र वाटिका, पंचवटी, नवग्रह वाटिका, रीक्रियेशनल पार्क, बर्डिंग एरिया, रोकरी गार्डेन आदि प्रमुख रमणीय स्थल होंगे। साथ ही पंचवटी वाटिका में बरगद, आंवला, पीपल और अशोक के पेड़ के साथ बेल आदि होंगे। वहीं, नक्षत्र वाटिका में भी विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे। अफसरों का मानना है कि जैव विविधता पार्क का निर्माण पूर्ण होने पर जिले में पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा।
कोट
जैव विविधता पार्क के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। साथ ही पार्क निर्माण के लिए जमीन भी चिंह्ति कर ली गई है। जिले में नमामि गंगे परियोजना के तहत एक जैव विविधता पार्क का निर्माण होना है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। - गंगा प्रसाद, डीएफओ