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कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी की जमानत याचिका खारिज
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी की जमानत याचिका खारिज
बुलंदशहर। बीबीनगर क्षेत्र में एनजीओ के माध्यम से फर्जी विकलांग कल्याण शिविर लगाकर सरकारी धन हड़पने के मामले में विशेष न्यायाधीश ने कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद और एक अन्य की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। जमानत अर्जी खारिज होने से अब उन पर कानूनी पेंच कसता नजर आ रहा है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल उपाध्याय और एडीजीसी प्रवेंद्र लोधी ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक वादी रामशंकर यादव ने गत 17 मई 2017 को थाना बीबीनगर में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि तत्कालीन एमएलए लुईस खुर्शीद ने डा.जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट विकलांग कल्याण उत्तर प्रदेश को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली से अनुदान राशि हासिल की। इस अनुदान राशि का सही उपयोग न करते हुए विकलांगजनों को आवश्यक उपकरण खरीदे बिना कूटरचित दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी विकलांग कल्याण कैंप का आयोजन किया गया। जिसके एवज में लाखों रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया था। मामले में पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। उक्त प्रकरण में आरोपी लुईस खुर्शीद व अतहर फारुखी ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र अंतर्गत 438 न्यायालय में अपने अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत कराया था। इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) रामप्रताप सिंह के समक्ष हुई। न्यायाधीश रामप्रताप सिंह ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद लुईस खुर्शीद और अतहर फारुखी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
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बुलंदशहर। बीबीनगर क्षेत्र में एनजीओ के माध्यम से फर्जी विकलांग कल्याण शिविर लगाकर सरकारी धन हड़पने के मामले में विशेष न्यायाधीश ने कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद और एक अन्य की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। जमानत अर्जी खारिज होने से अब उन पर कानूनी पेंच कसता नजर आ रहा है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल उपाध्याय और एडीजीसी प्रवेंद्र लोधी ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक वादी रामशंकर यादव ने गत 17 मई 2017 को थाना बीबीनगर में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि तत्कालीन एमएलए लुईस खुर्शीद ने डा.जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट विकलांग कल्याण उत्तर प्रदेश को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली से अनुदान राशि हासिल की। इस अनुदान राशि का सही उपयोग न करते हुए विकलांगजनों को आवश्यक उपकरण खरीदे बिना कूटरचित दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी विकलांग कल्याण कैंप का आयोजन किया गया। जिसके एवज में लाखों रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया था। मामले में पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। उक्त प्रकरण में आरोपी लुईस खुर्शीद व अतहर फारुखी ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र अंतर्गत 438 न्यायालय में अपने अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत कराया था। इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) रामप्रताप सिंह के समक्ष हुई। न्यायाधीश रामप्रताप सिंह ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद लुईस खुर्शीद और अतहर फारुखी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
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