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अब खाते के फेर में नहीं अटकेगी सहायता राशि
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अब खाते के फेर में नहीं अटकेगी सहायता राशि
बुलंदशहर। अब बैंक खाते के फेर में क्षय रोगियों की सहायता राशि अधर में नहीं लटकेगी। पोषण योजना के तहत प्रत्येक रोगी तक आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए शासन ने घर पहुंचकर खाता खोलने का निर्णय लिया हैं। अभी तक बैंक खाता न होने से क्षय रोगियों को रुपये नहीं मिल पा रहे थे। आईपीपीबी के तहत क्षय रोगियों के खाते खोले जाएंगे।
जनपद में क्षय रोगियों की संख्या पांच हजार से अधिक है। गत एक वर्ष पूर्व शासन ने क्षय रोगियों को पोषण योजना के तहत प्रत्येक माह 500 रुपये देने का निर्णय लिया था। साथ ही यह धनराशि सीधे रोगी के बैंक खाते में भेजी जानी थी। लेकिन जनपद में ऐसे भी क्षय रोगी है जिनके बैंक खाते नहीं हैं। यही नहीं सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान में भी ऐसे मरीज मिलते है जिनके बैंक खाते नहीं होते हैं। ऐसे में नए मरीजों का निश्चय पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाता हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने अब निर्णय लिया है कि अब क्षय रोगियों का खाता उनके घर पर ही खोला जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए शासन ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से करार किया है। योजना के तहत बैंक कर्मी क्षय रोगियों के घर पहुंचकर उसका खाता खोलेंगे। इससे शत-प्रतिशत मरीजों को पोषण का पैसा मिल जाएगा। डाक अधीक्षक केएस यादव ने बताया कि अब क्षय रोगी के खाते खोले जाएंगे। जल्द ही क्षय रोगियों की खोज करने वाली टीम के साथ कर्मचारियों को भेजने के लिए योजना बनाई जाएगी।
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बुलंदशहर। अब बैंक खाते के फेर में क्षय रोगियों की सहायता राशि अधर में नहीं लटकेगी। पोषण योजना के तहत प्रत्येक रोगी तक आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए शासन ने घर पहुंचकर खाता खोलने का निर्णय लिया हैं। अभी तक बैंक खाता न होने से क्षय रोगियों को रुपये नहीं मिल पा रहे थे। आईपीपीबी के तहत क्षय रोगियों के खाते खोले जाएंगे।
जनपद में क्षय रोगियों की संख्या पांच हजार से अधिक है। गत एक वर्ष पूर्व शासन ने क्षय रोगियों को पोषण योजना के तहत प्रत्येक माह 500 रुपये देने का निर्णय लिया था। साथ ही यह धनराशि सीधे रोगी के बैंक खाते में भेजी जानी थी। लेकिन जनपद में ऐसे भी क्षय रोगी है जिनके बैंक खाते नहीं हैं। यही नहीं सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान में भी ऐसे मरीज मिलते है जिनके बैंक खाते नहीं होते हैं। ऐसे में नए मरीजों का निश्चय पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पाता हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए सरकार ने अब निर्णय लिया है कि अब क्षय रोगियों का खाता उनके घर पर ही खोला जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए शासन ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से करार किया है। योजना के तहत बैंक कर्मी क्षय रोगियों के घर पहुंचकर उसका खाता खोलेंगे। इससे शत-प्रतिशत मरीजों को पोषण का पैसा मिल जाएगा। डाक अधीक्षक केएस यादव ने बताया कि अब क्षय रोगी के खाते खोले जाएंगे। जल्द ही क्षय रोगियों की खोज करने वाली टीम के साथ कर्मचारियों को भेजने के लिए योजना बनाई जाएगी।
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