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... तो इस तरह जनपद में किया गया पौधरोपण
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... तो इस तरह जनपद में किया गया पौधरोपण
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। पौधरोपण महाकुंभ में जिला प्रशासन ने लक्ष्य से अधिक पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन अभियान के तहत लगने वाले पौधे रोपित होने के इंतजार में सूख रहे हैं। लखावटी स्थित पुराने स्वास्थ्य केंद्र पर खुले में रखे 100 से अधिक पौधे जिला प्रशासन और वन विभाग अफसरों के दावों की पोल खोल रहे हैं।
शासन के निर्देश पर नौ अगस्त को बुलंदशहर समेत पूरे प्रदेश में पौधरोपण किया गया। शासन द्वारा जनपद में पौधरोपण के लिए 31 लाख 77 हजार 213 का लक्ष्य दिया गया। इसके सापेक्ष जनपद में 32 लाख 29 हजार 166 पौधरोपण करने का जिला प्रशासन द्वारा दावा किया गया। इससे लोगों को जनपद हराभरा रहने की संभावना नजर आने लगी थी। वहीं, लक्ष्य से अधिक पौधरोपण करने पर जिला प्रशासन ने एक कीर्तिमान भी स्थापित किया, लेकिन जिला प्रशासन के दावों की अब पोल खुलती नजर आ रही है।
एक माह से रोपित होने के इंतजार में सूख गए पौधे
पौधे लगाने के लिए वन विभाग द्वारा समस्त विभागों में पौधे उपलब्ध कराए गए थे। इसमें नीम, अशोक, पीपल, वट और शीशम आदि के करीब 32 लाख 29 हजार 166 पौधे सभी विभागों को भेजे गए। अभियान के तहत 100 से अधिक पौधे लखावटी स्थित पुराने स्वास्थ्य केंद्र पर आठ अगस्त को भेजे गए, लेकिन पौधे भेजने के बाद विभाग निरीक्षण करना भूल गया। वहीं, एक माह से रोपित होने के इंतजार में अधिकांश पौधे सूख चुके हैं।
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देखरेख न होने से अन्य पौधे भी सूखने की कगार पर
पौधरोपण के दौरान जिला प्रशासन द्वारा विभागीय कर्मचारियों और लोगों को पौधे की सुरक्षा का संकल्प दिलाया गया था। लेकिन प्रशासनिक अफसरों के नजर अंदाज करने पर अधिकतर पौधे सूख गए हैं। पौधों को नियमित पानी भी नहीं दिया जा रहा है। जो बचे हैं वो भी जल्द सूख जाएंगे। इसके बावजूद अब भी कोई कर्मचारी या प्रशासनिक अफसर पौध रोपित करने के बाद देखने नहीं आए। कुछ स्थानों पर पौधों को मवेशी चर गए हैं। वहीं विभागीय अधिकारी और कर्मचारी हालात से अनभिज्ञ हैं।
कोट
लखावटी स्थित पुराना स्वास्थ्य केंद्र कई वर्ष पूर्व बंद हो चुका है। पौधे वहां पर कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी नहीं है। विभाग को मिले पौधे लगवाए जा चुके है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
यदि पौधे प्राप्त कर उन्हें रोपित नहीं किया गया तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और सच्चाई सामने आने पर आगामी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को विभाग की ओर से पत्र लिखा जाएगा। - गौतम सिंह, एडीएफओ
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चेतन शर्मा
बुलंदशहर। पौधरोपण महाकुंभ में जिला प्रशासन ने लक्ष्य से अधिक पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन अभियान के तहत लगने वाले पौधे रोपित होने के इंतजार में सूख रहे हैं। लखावटी स्थित पुराने स्वास्थ्य केंद्र पर खुले में रखे 100 से अधिक पौधे जिला प्रशासन और वन विभाग अफसरों के दावों की पोल खोल रहे हैं।
शासन के निर्देश पर नौ अगस्त को बुलंदशहर समेत पूरे प्रदेश में पौधरोपण किया गया। शासन द्वारा जनपद में पौधरोपण के लिए 31 लाख 77 हजार 213 का लक्ष्य दिया गया। इसके सापेक्ष जनपद में 32 लाख 29 हजार 166 पौधरोपण करने का जिला प्रशासन द्वारा दावा किया गया। इससे लोगों को जनपद हराभरा रहने की संभावना नजर आने लगी थी। वहीं, लक्ष्य से अधिक पौधरोपण करने पर जिला प्रशासन ने एक कीर्तिमान भी स्थापित किया, लेकिन जिला प्रशासन के दावों की अब पोल खुलती नजर आ रही है।
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एक माह से रोपित होने के इंतजार में सूख गए पौधे
पौधे लगाने के लिए वन विभाग द्वारा समस्त विभागों में पौधे उपलब्ध कराए गए थे। इसमें नीम, अशोक, पीपल, वट और शीशम आदि के करीब 32 लाख 29 हजार 166 पौधे सभी विभागों को भेजे गए। अभियान के तहत 100 से अधिक पौधे लखावटी स्थित पुराने स्वास्थ्य केंद्र पर आठ अगस्त को भेजे गए, लेकिन पौधे भेजने के बाद विभाग निरीक्षण करना भूल गया। वहीं, एक माह से रोपित होने के इंतजार में अधिकांश पौधे सूख चुके हैं।
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देखरेख न होने से अन्य पौधे भी सूखने की कगार पर
पौधरोपण के दौरान जिला प्रशासन द्वारा विभागीय कर्मचारियों और लोगों को पौधे की सुरक्षा का संकल्प दिलाया गया था। लेकिन प्रशासनिक अफसरों के नजर अंदाज करने पर अधिकतर पौधे सूख गए हैं। पौधों को नियमित पानी भी नहीं दिया जा रहा है। जो बचे हैं वो भी जल्द सूख जाएंगे। इसके बावजूद अब भी कोई कर्मचारी या प्रशासनिक अफसर पौध रोपित करने के बाद देखने नहीं आए। कुछ स्थानों पर पौधों को मवेशी चर गए हैं। वहीं विभागीय अधिकारी और कर्मचारी हालात से अनभिज्ञ हैं।
कोट
लखावटी स्थित पुराना स्वास्थ्य केंद्र कई वर्ष पूर्व बंद हो चुका है। पौधे वहां पर कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी नहीं है। विभाग को मिले पौधे लगवाए जा चुके है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
यदि पौधे प्राप्त कर उन्हें रोपित नहीं किया गया तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और सच्चाई सामने आने पर आगामी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को विभाग की ओर से पत्र लिखा जाएगा। - गौतम सिंह, एडीएफओ