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गांव मोहरसा के प्रधान के अधिकार और खाते सीज
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
गांव मोहरसा के प्रधान के अधिकार और खाते सीज
बुलंदशहर। जनपद के गांव मोहरसा के प्रधान के अधिकार और खाते सीज कर दिए गए हैं। गांव में बनाए गए शौचालयों में अनियमितताएं मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। तत्कालीन डीएम ने पिछले दिनों इस गांव का निरीक्षण किया था और कमियां मिलने पर पहले प्रधान को नोटिस जारी किया था।
जिला पंचायती राज अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पिछले दिनों तत्कालीन डीएम ने गांव मोहरसा का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय बनाने में अनियमितताएं पाई गई थीं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने शौचालय बनवाने के नाम पर दो-दो हजार रुपये भी लिए। इसकी जांच अधिकारी से करवाई गई थी। जांच रिपोर्ट में 25 शौचालय अधूरे पाए गए थे और पांच ऐसे लाभार्थी थे, जिनके शौचालय ही नहीं बनाए गए थे। दो पात्रों के खाते में पहुंची राशि निकलवाने का भी मामला सामने आया था। जांच रिपोर्ट के बाद ग्राम प्रधान और सचिव को दोषी माना गया था। इसके चलते ग्राम सचिव मोहित सागर को निलंबित कर दिया गया था, जबकि ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। प्रधान का जवाब अपूर्ण मिलने पर अब डीएम रविंद्र सिंह ने आदेश जारी कर उसके अधिकार और खाते सीज कर दिए हैं। साथ ही ग्राम प्रधान विक्रम सिंह की जांच के लिए तीन सदस्य टीम का भी गठन कर दिया है। इस टीम की अंतिम जांच रिपोर्ट मिलने पर आगामी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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बुलंदशहर। जनपद के गांव मोहरसा के प्रधान के अधिकार और खाते सीज कर दिए गए हैं। गांव में बनाए गए शौचालयों में अनियमितताएं मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। तत्कालीन डीएम ने पिछले दिनों इस गांव का निरीक्षण किया था और कमियां मिलने पर पहले प्रधान को नोटिस जारी किया था।
जिला पंचायती राज अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पिछले दिनों तत्कालीन डीएम ने गांव मोहरसा का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय बनाने में अनियमितताएं पाई गई थीं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने शौचालय बनवाने के नाम पर दो-दो हजार रुपये भी लिए। इसकी जांच अधिकारी से करवाई गई थी। जांच रिपोर्ट में 25 शौचालय अधूरे पाए गए थे और पांच ऐसे लाभार्थी थे, जिनके शौचालय ही नहीं बनाए गए थे। दो पात्रों के खाते में पहुंची राशि निकलवाने का भी मामला सामने आया था। जांच रिपोर्ट के बाद ग्राम प्रधान और सचिव को दोषी माना गया था। इसके चलते ग्राम सचिव मोहित सागर को निलंबित कर दिया गया था, जबकि ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। प्रधान का जवाब अपूर्ण मिलने पर अब डीएम रविंद्र सिंह ने आदेश जारी कर उसके अधिकार और खाते सीज कर दिए हैं। साथ ही ग्राम प्रधान विक्रम सिंह की जांच के लिए तीन सदस्य टीम का भी गठन कर दिया है। इस टीम की अंतिम जांच रिपोर्ट मिलने पर आगामी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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