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एक्यूआई 317: आसमान में सुबह के समय छाई स्मॉग की चादर
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एक्यूआई 317: आसमान में सुबह के समय छाई स्मॉग की चादर
बुलंदशहर। जिले की हवा में शनिवार को भी सुधार नजर नहीं आया। वहीं सुबह के समय स्मॉग की चादर छाई रहने से मार्ग पर दृश्यता कम हो गई। ऐसे में वाहनों की रफ्तार कम हो गई। शनिवार को जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक 317 मापा गया। वहीं स्मॉग के चलते जिले में सांस के रोगियों की समस्या बढ़ने लगी है तो खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जो प्रतिदिन सरकारी चिकित्सालय और निजी अस्पताल में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। वहीं शहर में सड़कों पर जहां धूल उड़ रही है तो कूड़ा-कचरा अभी भी जलाया जा रहा है।
दिवाली त्योहार के दौरान मौसम में आई नमी के साथ वातावरण में आतिशबाजी के धुंए से घुला जहर अभी भी बरकरार है। पिछले पांच दिन से जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। एक्यूआई बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों पर प्रदूषण का दुष्प्रभाव अधिक हो रहा है। शनिवार को जिले का एक्यूआई 317 मापा गया, जो देश के सबसे प्रदूषित शहरों में 20वें नंबर पर रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह से वायु मंडल में धूल और धुंए के कण मिलकर वायु की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं, उसको सामान्य करने के लिए बारिश बेहद जरूरी है। उधर, शनिवार को सुबह और शाम के समय आसमान में स्मॉग की चादर छाए रहने से मार्ग पर दृश्यता कम हो गई। इसके कारण वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा।
वायु प्रदूषण से बढ़ रहे खांसी के मरीज
सर्दी के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने पर खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में जहां प्रतिदिन 100 से 150 लोग खांसी से पीड़ित होने के बाद इलाज कराने पहुंच रहे है तो निजी अस्पतालों में यह संख्या 400 से 600 तक पहुंच गई है। ऐसे में बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम आनंद ने बताया कि बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसलिए उनकी सेहत पर प्रदूषण का असर अधिक होता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस के रोगियों की परेशानियां बढ़ी है। साथ ही खांसी के मरीजों में भी पूर्व की अपेक्षा अधिक इजाफा हुआ है। इससे बचने के लिए लोग सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचें और जितना हो सके बच्चों को घर से बाहर न निकलने दे। अगर बाहर निकले तो मुंह पर मास्क जरूर लगाए।
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शनिवार को इन स्थानों पर उड़ती रही धूल
शनिवार को नगर के कालाआम चौराहा, यमुनापुरम (एआरटीओ ऑफिस के पास) चांदपुर रोड, शिकारपुर रोड, सदर तहसील रोड और जिला अस्पताल परिसर समेत अन्य स्थानों पर धूल उड़ती रही। साथ ही जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य खुले में चल रहा है। वहीं, यमुनापुरम में सड़क निर्माण के दौरान तारकोल को आग जलाकर गर्म किया जा रहा हे। ऐसे में आग जलाने के लिए तारकोल का भी प्रयोग किए जाने से धुंआ उठता रहता है।
एक्यूआई बढ़ने पर सड़कों पर छिड़काव के लिए आइएमए ने सदर विधायक को सौंपा पत्र
आइएमए के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने शहर में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए सड़कों और पेड़ों पर पानी का छिड़काव कराने की मांग की है। इसके लिए शनिवार को सदर विधायक प्रदीप चौधरी को पत्र देकर डीएम व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी को बचाव के उपाय अपनाने की मांग की गई। बताया कि पानी का छिड़काव हो जाएगा तो सड़कों पर उड़ने वाली धूल से निजात मिल सकेगी। साथ ही एक्यूआई में भी गिरावट हो जाएगी।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के शहरों का एक्यूआई
शहर का नाम और एक्यूआई
दिल्ली 397
ग्रेटर नोएडा 385
नोएडा 381
गाजियाबाद 367
बुलंदशहर 317
हापुड़ 312
खुर्जा 269
पिछले दिनों की अपेक्षा धीरे-धीरे प्रदूषण का ग्राफ कम होता जा रहा है। वायु प्रदूषण का स्तर मौसम में बदलाव और दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण बढ़ा है। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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बुलंदशहर। जिले की हवा में शनिवार को भी सुधार नजर नहीं आया। वहीं सुबह के समय स्मॉग की चादर छाई रहने से मार्ग पर दृश्यता कम हो गई। ऐसे में वाहनों की रफ्तार कम हो गई। शनिवार को जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक 317 मापा गया। वहीं स्मॉग के चलते जिले में सांस के रोगियों की समस्या बढ़ने लगी है तो खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जो प्रतिदिन सरकारी चिकित्सालय और निजी अस्पताल में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। वहीं शहर में सड़कों पर जहां धूल उड़ रही है तो कूड़ा-कचरा अभी भी जलाया जा रहा है।
दिवाली त्योहार के दौरान मौसम में आई नमी के साथ वातावरण में आतिशबाजी के धुंए से घुला जहर अभी भी बरकरार है। पिछले पांच दिन से जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। एक्यूआई बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों पर प्रदूषण का दुष्प्रभाव अधिक हो रहा है। शनिवार को जिले का एक्यूआई 317 मापा गया, जो देश के सबसे प्रदूषित शहरों में 20वें नंबर पर रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह से वायु मंडल में धूल और धुंए के कण मिलकर वायु की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं, उसको सामान्य करने के लिए बारिश बेहद जरूरी है। उधर, शनिवार को सुबह और शाम के समय आसमान में स्मॉग की चादर छाए रहने से मार्ग पर दृश्यता कम हो गई। इसके कारण वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा।
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वायु प्रदूषण से बढ़ रहे खांसी के मरीज
सर्दी के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने पर खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में जहां प्रतिदिन 100 से 150 लोग खांसी से पीड़ित होने के बाद इलाज कराने पहुंच रहे है तो निजी अस्पतालों में यह संख्या 400 से 600 तक पहुंच गई है। ऐसे में बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम आनंद ने बताया कि बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसलिए उनकी सेहत पर प्रदूषण का असर अधिक होता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस के रोगियों की परेशानियां बढ़ी है। साथ ही खांसी के मरीजों में भी पूर्व की अपेक्षा अधिक इजाफा हुआ है। इससे बचने के लिए लोग सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचें और जितना हो सके बच्चों को घर से बाहर न निकलने दे। अगर बाहर निकले तो मुंह पर मास्क जरूर लगाए।
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शनिवार को इन स्थानों पर उड़ती रही धूल
शनिवार को नगर के कालाआम चौराहा, यमुनापुरम (एआरटीओ ऑफिस के पास) चांदपुर रोड, शिकारपुर रोड, सदर तहसील रोड और जिला अस्पताल परिसर समेत अन्य स्थानों पर धूल उड़ती रही। साथ ही जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य खुले में चल रहा है। वहीं, यमुनापुरम में सड़क निर्माण के दौरान तारकोल को आग जलाकर गर्म किया जा रहा हे। ऐसे में आग जलाने के लिए तारकोल का भी प्रयोग किए जाने से धुंआ उठता रहता है।
एक्यूआई बढ़ने पर सड़कों पर छिड़काव के लिए आइएमए ने सदर विधायक को सौंपा पत्र
आइएमए के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने शहर में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए सड़कों और पेड़ों पर पानी का छिड़काव कराने की मांग की है। इसके लिए शनिवार को सदर विधायक प्रदीप चौधरी को पत्र देकर डीएम व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी को बचाव के उपाय अपनाने की मांग की गई। बताया कि पानी का छिड़काव हो जाएगा तो सड़कों पर उड़ने वाली धूल से निजात मिल सकेगी। साथ ही एक्यूआई में भी गिरावट हो जाएगी।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के शहरों का एक्यूआई
शहर का नाम और एक्यूआई
दिल्ली 397
ग्रेटर नोएडा 385
नोएडा 381
गाजियाबाद 367
बुलंदशहर 317
हापुड़ 312
खुर्जा 269
पिछले दिनों की अपेक्षा धीरे-धीरे प्रदूषण का ग्राफ कम होता जा रहा है। वायु प्रदूषण का स्तर मौसम में बदलाव और दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण बढ़ा है। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी