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बारिश से धान व तिलहन की फसल को पांच करोड़ से अधिक का नुकसान
सार
बारिश से धान व तिलहन की फसल को पांच करोड़ से अधिक का नुकसानबुलंदशहर।पिछले तीन दिन से छाए बादलों के बीच शनिवार की सुबह से जारी बारिश के चलते धान व तिलहन की फसल को नुकसान हुआ है।इस समय पत्ता गोभी, फूल गोभी आदि सब्जी की लगाई गई पौध खराब हो गई है।
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विस्तार
बारिश से धान व तिलहन की फसल को पांच करोड़ से अधिक का नुकसान
बुलंदशहर। पिछले तीन दिन से छाए बादलों के बीच शनिवार की सुबह से जारी बारिश के चलते धान व तिलहन की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भर जाने से सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी पांच करोड़ से अधिक का नुकसान होने की संभावना जता रहे हैं। पिछले माह आई बारिश से भी काफी नुकसान हुआ था।
जिले में तेज बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम बुधवार को बदला था और बादल छा गए थे। अब शनिवार की सुबह से जारी बारिश से किसानों के खेतों मे पानी भर गया है। कृषि वैज्ञानिक और अधिकारियों का कहना है कि इस समय बारिश होने से जहां धान की फसल खराब हुई है। वहीं कट चुकी धान की फसल पानी में डूब गई है। इस बार जिले में 90 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में धान की फसल है। इसमें से करीब 50 हजार हेक्टेयर फसल उठ चुकी है। जबकि इस समय 15 हजार हेक्टेयर फसल की कटाई हो चुकी है। जबकि 25 हजार हेक्टेयर धान खेतों में खड़ी है। वहीं दूसरी ओर अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। इस समय पत्ता गोभी, फूल गोभी आदि सब्जी की लगाई गई पौध खराब हो गई है। लाही व आलू की फसल की तैयारी कर रहे किसानों का काम प्रभावित हो गया है। खानपुर क्षेत्र के किसान कुंवरपाल सिंह, पप्पू सिंह लोधी, अनुज त्यागी, ओमप्रकाश चौहान आदि किसानों ने बताया कि इस समय 50 प्रतिशत धान अभी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण न तो फसल कट पा रही है और न ही फसल सूख पा रही है। बारिश के साथ हवा से धान के खेत में ही गिरने का खतरा रहता है। जब तक धान की फसल नहीं सूखेगी तब तक उसे काटा नहीं जा सकता। फसल पकी होने के कारण गीला होने पर चावल का दाना भी खराब हो जाता है। वहीं दलहन की फसल पर भी फूल आया हुआ है। बारिश से फूल के गलने का खतरा बना हुआ है। यदि फूल गल जाता है तो फली नहीं आएगी। इससे दलहन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो सकती है। इसके अतिरिक्त वर्तमान समय सरसों की बुवाई का था, लेकिन बारिश से फसल की कटाई नहीं होने के कारण खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं। सरसों की बुवाई लेट ही रही है। बेमौसम बारिश से किसानों ने भारी नुकसान की बात कही है।
जिले में हुई अब तक 50 एमएम से अधिक बारिश
बुलंदशहर। जिले में शनिवार को बारिश सभी के लिए आफत बन गई है। अभी तक जिले में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव हो गया है। वहीं, मौसम वैज्ञानिक अभी इसी तरह का मौसम 12 अक्तूबर तक जारी रहने की संभावना जता रहे हैं।
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बारिश से अधिकतम तापमान कम होकर 24 और न्यूनतम 22 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता 99 फीसदी और हवा की गति 15 किलोमीटर से अधिक प्रति घंटा रही। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया था। लगातार हो रही बारिश से सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं। जगह-जगह जलभराव से भी लोगों को खासी परेशानी रहती है। स्कूली बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को खासी परेशानी हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामानंद पटेल ने बताया कि अभी तक जिले में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी भी बारिश आगामी कई दिन तक जारी रहेगी। शनिवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 22 डिग्री रहने की संभावना है।
अभी बारिश के साथ तेज हवा नहीं चल रही है। ऐसे में धान की फसल गिरी नहीं है। यदि और बारिश होती है और हवा चलती है तो नुकसान होने की संभावना है। अधिक बारिश होने पर नुकसान हुआ तो इसका शासन के निर्देश पर सर्वे किया जाएगा। साथ ही किसानों के लिए शिकायत दर्ज करवाने को नंबर जारी किए जाएंगे। - राहुल सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी।
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बुलंदशहर। पिछले तीन दिन से छाए बादलों के बीच शनिवार की सुबह से जारी बारिश के चलते धान व तिलहन की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भर जाने से सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी पांच करोड़ से अधिक का नुकसान होने की संभावना जता रहे हैं। पिछले माह आई बारिश से भी काफी नुकसान हुआ था।
जिले में तेज बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम बुधवार को बदला था और बादल छा गए थे। अब शनिवार की सुबह से जारी बारिश से किसानों के खेतों मे पानी भर गया है। कृषि वैज्ञानिक और अधिकारियों का कहना है कि इस समय बारिश होने से जहां धान की फसल खराब हुई है। वहीं कट चुकी धान की फसल पानी में डूब गई है। इस बार जिले में 90 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में धान की फसल है। इसमें से करीब 50 हजार हेक्टेयर फसल उठ चुकी है। जबकि इस समय 15 हजार हेक्टेयर फसल की कटाई हो चुकी है। जबकि 25 हजार हेक्टेयर धान खेतों में खड़ी है। वहीं दूसरी ओर अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। इस समय पत्ता गोभी, फूल गोभी आदि सब्जी की लगाई गई पौध खराब हो गई है। लाही व आलू की फसल की तैयारी कर रहे किसानों का काम प्रभावित हो गया है। खानपुर क्षेत्र के किसान कुंवरपाल सिंह, पप्पू सिंह लोधी, अनुज त्यागी, ओमप्रकाश चौहान आदि किसानों ने बताया कि इस समय 50 प्रतिशत धान अभी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण न तो फसल कट पा रही है और न ही फसल सूख पा रही है। बारिश के साथ हवा से धान के खेत में ही गिरने का खतरा रहता है। जब तक धान की फसल नहीं सूखेगी तब तक उसे काटा नहीं जा सकता। फसल पकी होने के कारण गीला होने पर चावल का दाना भी खराब हो जाता है। वहीं दलहन की फसल पर भी फूल आया हुआ है। बारिश से फूल के गलने का खतरा बना हुआ है। यदि फूल गल जाता है तो फली नहीं आएगी। इससे दलहन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो सकती है। इसके अतिरिक्त वर्तमान समय सरसों की बुवाई का था, लेकिन बारिश से फसल की कटाई नहीं होने के कारण खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं। सरसों की बुवाई लेट ही रही है। बेमौसम बारिश से किसानों ने भारी नुकसान की बात कही है।
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जिले में हुई अब तक 50 एमएम से अधिक बारिश
बुलंदशहर। जिले में शनिवार को बारिश सभी के लिए आफत बन गई है। अभी तक जिले में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव हो गया है। वहीं, मौसम वैज्ञानिक अभी इसी तरह का मौसम 12 अक्तूबर तक जारी रहने की संभावना जता रहे हैं।
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बारिश से अधिकतम तापमान कम होकर 24 और न्यूनतम 22 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता 99 फीसदी और हवा की गति 15 किलोमीटर से अधिक प्रति घंटा रही। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया था। लगातार हो रही बारिश से सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोगों के काम प्रभावित हो रहे हैं। जगह-जगह जलभराव से भी लोगों को खासी परेशानी रहती है। स्कूली बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को खासी परेशानी हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामानंद पटेल ने बताया कि अभी तक जिले में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी भी बारिश आगामी कई दिन तक जारी रहेगी। शनिवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 22 डिग्री रहने की संभावना है।
अभी बारिश के साथ तेज हवा नहीं चल रही है। ऐसे में धान की फसल गिरी नहीं है। यदि और बारिश होती है और हवा चलती है तो नुकसान होने की संभावना है। अधिक बारिश होने पर नुकसान हुआ तो इसका शासन के निर्देश पर सर्वे किया जाएगा। साथ ही किसानों के लिए शिकायत दर्ज करवाने को नंबर जारी किए जाएंगे। - राहुल सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी।