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डीएनए जांच में खुलासा, बेटा नहीं बेटी ही थी
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डीएनए जांच में खुलासा, बेटा नहीं बेटी ही थी
बच्चा बदलने का का मामला
बुलंदशहर। बीते दिनों नगर एक चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया था। परिजनों द्वारा तहरीर देने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके बाद स्वास्थ्य द्वारा चाइल्ड केयर हॉस्पिटल का अस्थाई तौर पर पंजीयन निरस्त कर दिया। इसी दौरान जांच में नवजीवन हॉस्पिटल की लापरवाही भी उजागर हुई। जहां बिना विशेषज्ञ के प्रसव करा दिया गया। जिसे विभाग द्वारा सील किया जा चुका है।
बीते दिनों अस्पताल संचालक द्वारा दूसरे गेट से अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया। इसके बाद विभाग द्वारा संबंधित पर कार्रवाई कर अस्पताल को दोबारा सील लगा दी गई। वहीं, पुलिस द्वारा चाइल्ड केयर हॉस्पिटल संचालक की मांग पर मामले की जांच के लिए परिजनों और बच्ची का डीएनए जांच को सैंपल भेजा गया। जिसकी लैब से सोमवार को रिपोर्ट प्राप्त हो गई। हालांकि रिपोर्ट से पूर्व बाल कल्याण समिति के आदेश पर कैलावन निवासी परिवार को बच्ची सौंपी जा चुकी है। अब जांच में बच्ची के माता-पिता वहीं निकले हैं जिन्होंने चाइल्ड केयर हॉस्पिटल संचालक पर बेटे की जगह बेटी देने का आरोप लगाया था। चाइल्ड केयर सेंटर संचालक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बंद चल रहे हॉस्पिटल को खुलवाने की मांग की है। बताया कि परिजनों को रिपोर्ट और बेटी दोनों प्राप्त हो चुकी है। ऐसे में दो माह से बंद चल रहे हॉस्पिटल को खुलवाया जाए। सीओ सिटी शशांक सिंह ने बताया कि डीएनए जांच रिपोर्ट आ गई है। बच्ची और माता-पिता का सैंपल मैच हो गया है। उधर, एसीएमओ डॉ. अश्वनी भंडारी ने बताया कि मामले की आईओ से रिपोर्ट मांगी जाएगी। चाइल्ड केयर हॉस्पिटल खुलवाने के लिए संचालक से प्रार्थना पत्र लिया जाएगा। वहीं, नवजीवन हॉस्पिटल अभी सील रहेगा।
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बच्चा बदलने का का मामला
बुलंदशहर। बीते दिनों नगर एक चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया था। परिजनों द्वारा तहरीर देने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके बाद स्वास्थ्य द्वारा चाइल्ड केयर हॉस्पिटल का अस्थाई तौर पर पंजीयन निरस्त कर दिया। इसी दौरान जांच में नवजीवन हॉस्पिटल की लापरवाही भी उजागर हुई। जहां बिना विशेषज्ञ के प्रसव करा दिया गया। जिसे विभाग द्वारा सील किया जा चुका है।
बीते दिनों अस्पताल संचालक द्वारा दूसरे गेट से अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया। इसके बाद विभाग द्वारा संबंधित पर कार्रवाई कर अस्पताल को दोबारा सील लगा दी गई। वहीं, पुलिस द्वारा चाइल्ड केयर हॉस्पिटल संचालक की मांग पर मामले की जांच के लिए परिजनों और बच्ची का डीएनए जांच को सैंपल भेजा गया। जिसकी लैब से सोमवार को रिपोर्ट प्राप्त हो गई। हालांकि रिपोर्ट से पूर्व बाल कल्याण समिति के आदेश पर कैलावन निवासी परिवार को बच्ची सौंपी जा चुकी है। अब जांच में बच्ची के माता-पिता वहीं निकले हैं जिन्होंने चाइल्ड केयर हॉस्पिटल संचालक पर बेटे की जगह बेटी देने का आरोप लगाया था। चाइल्ड केयर सेंटर संचालक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बंद चल रहे हॉस्पिटल को खुलवाने की मांग की है। बताया कि परिजनों को रिपोर्ट और बेटी दोनों प्राप्त हो चुकी है। ऐसे में दो माह से बंद चल रहे हॉस्पिटल को खुलवाया जाए। सीओ सिटी शशांक सिंह ने बताया कि डीएनए जांच रिपोर्ट आ गई है। बच्ची और माता-पिता का सैंपल मैच हो गया है। उधर, एसीएमओ डॉ. अश्वनी भंडारी ने बताया कि मामले की आईओ से रिपोर्ट मांगी जाएगी। चाइल्ड केयर हॉस्पिटल खुलवाने के लिए संचालक से प्रार्थना पत्र लिया जाएगा। वहीं, नवजीवन हॉस्पिटल अभी सील रहेगा।
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