{"_id":"5fe8d13b8ebc3e3c4e0f9c35","slug":"bulandsahar-news-bulandshahr-news-gbd210986954","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद की 93 ग्राम पंचायतों को नहीं मिले पूरे सदस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद की 93 ग्राम पंचायतों को नहीं मिले पूरे सदस्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद की 93 ग्राम पंचायतों को नहीं मिले पूरे सदस्य
बुलंदशहर। जनपद में गांवों की सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया है। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायतों का गठन होने के बाद भी गांवों में ग्राम पंचायत पूरे नहीं भर सके। जनपद में अभी भी 93 ग्राम पंचायतों में 124 वार्ड खाली हैं। उक्त सभी ग्राम पंचायतों में सदस्य पूरे न होने के कारण शासन के आदेश पर उपचुनाव भी हुए, लेकिन वार्डों में इसके बावजूद भी पूरे सदस्य नहीं बन सके। पूरे पांच साल के कार्यकाल में गांवों की सरकार को सदस्य नहीं मिल सके।
जनपद के 16 ब्लॉक की 951 ग्राम पंचायतों में 12219 ग्राम पंचायतों के वार्ड हैं। ग्राम प्रधानों के चुनावों के साथ-साथ ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव भी होते हैं। इसमें एक ग्राम पंचायत में आबादी के हिसाब से कम से कम नौ और अधिकतम 15 ग्राम पंचायत सदस्य होने चाहिए। लेकिन जब वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव हुए तो इसमें विभिन्न गांवों में पंचायत सदस्यों के 300 से अधिक वार्ड खाली रह गए थे। इसके बाद शासन के आदेश पर संबंधित ग्राम पंचायतों में बीच-बीच में उपचुनाव हुए तो अधिकतर वार्डों में सदस्यों को चुन लिया गया था। लेकिन कार्यकाल पूरा होने तक जनपद की 93 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें 124 ग्राम पंचायत सदस्यों के वार्ड खाली रह गए हैं।
जनपद में आरक्षण के हिसाब से बने हैं वार्ड
पंचायत चुनावों में गांव की आबादी के हिसाब से वार्डों का गठन होता है। इसमें जनरल, ओबीसी और एससी/एसटी की आबादी के हिसाब से गांवों का आरक्षण तय होता है। इसके बाद ही चुनाव होते हैं। यदि किसी ग्राम पंचायत में नौ से कम ग्राम पंचायत सदस्य होते हैं, तो उसका गठन नहीं होता है। नौ और 15 के अनुपात में ग्राम पंचायतों में सदस्य होते हैं।
विज्ञापन
कोट =
शासन के आदेश पर ग्राम पंचायतों में उपचुनाव होते हैं। करीब 93 ग्राम पंचायतों में 124 वार्डों में पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रह गए थे। पंचायतों के गठन के लिए सभी गांवों में नौ से अधिक सदस्य हैं। आरक्षण के हिसाब से ग्राम पंचायतों के सदस्यों का चुनाव होता है।
- नंदलाल, जिला पंचायती राज अधिकारी।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जनपद में गांवों की सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया है। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायतों का गठन होने के बाद भी गांवों में ग्राम पंचायत पूरे नहीं भर सके। जनपद में अभी भी 93 ग्राम पंचायतों में 124 वार्ड खाली हैं। उक्त सभी ग्राम पंचायतों में सदस्य पूरे न होने के कारण शासन के आदेश पर उपचुनाव भी हुए, लेकिन वार्डों में इसके बावजूद भी पूरे सदस्य नहीं बन सके। पूरे पांच साल के कार्यकाल में गांवों की सरकार को सदस्य नहीं मिल सके।
जनपद के 16 ब्लॉक की 951 ग्राम पंचायतों में 12219 ग्राम पंचायतों के वार्ड हैं। ग्राम प्रधानों के चुनावों के साथ-साथ ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव भी होते हैं। इसमें एक ग्राम पंचायत में आबादी के हिसाब से कम से कम नौ और अधिकतम 15 ग्राम पंचायत सदस्य होने चाहिए। लेकिन जब वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव हुए तो इसमें विभिन्न गांवों में पंचायत सदस्यों के 300 से अधिक वार्ड खाली रह गए थे। इसके बाद शासन के आदेश पर संबंधित ग्राम पंचायतों में बीच-बीच में उपचुनाव हुए तो अधिकतर वार्डों में सदस्यों को चुन लिया गया था। लेकिन कार्यकाल पूरा होने तक जनपद की 93 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें 124 ग्राम पंचायत सदस्यों के वार्ड खाली रह गए हैं।
विज्ञापन
जनपद में आरक्षण के हिसाब से बने हैं वार्ड
पंचायत चुनावों में गांव की आबादी के हिसाब से वार्डों का गठन होता है। इसमें जनरल, ओबीसी और एससी/एसटी की आबादी के हिसाब से गांवों का आरक्षण तय होता है। इसके बाद ही चुनाव होते हैं। यदि किसी ग्राम पंचायत में नौ से कम ग्राम पंचायत सदस्य होते हैं, तो उसका गठन नहीं होता है। नौ और 15 के अनुपात में ग्राम पंचायतों में सदस्य होते हैं।
विज्ञापन
कोट =
शासन के आदेश पर ग्राम पंचायतों में उपचुनाव होते हैं। करीब 93 ग्राम पंचायतों में 124 वार्डों में पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रह गए थे। पंचायतों के गठन के लिए सभी गांवों में नौ से अधिक सदस्य हैं। आरक्षण के हिसाब से ग्राम पंचायतों के सदस्यों का चुनाव होता है।
- नंदलाल, जिला पंचायती राज अधिकारी।