{"_id":"6ad5353bb5076d4457091bb7","slug":"brother-who-killed-his-sister-and-threw-her-in-the-kali-river-gets-life-imprisonment-bulandshahr-news-c-133-1-bul1036-168657-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: बहन की हत्या कर काली नदी में फेंकने वाले भाई को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: बहन की हत्या कर काली नदी में फेंकने वाले भाई को आजीवन कारावास
विज्ञापन
बुलंदशहर। सगी बहन की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार की अदालत ने मुख्य आरोपी भाई त्रिभुवन प्रताप सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य मिटाने और शव को नदी में बहाने में सहयोग करने वाले दूसरे भाई मोनिंदर कुमार को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना छतारी क्षेत्र के गांव बीकूपुर रामनगर निवासी त्रिभुवन प्रताप सिंह ने वर्ष 2024 में आपसी विवाद के चलते अपनी ही सगी बहन की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद उसने अपने छोटे भाई मोनिंदर कुमार के साथ मिलकर साक्ष्य छिपाने की नीयत से बहन के शव को काली नदी में बहा दिया था। मामले में थाना छतारी पुलिस ने 22 अगस्त 2024 को वादी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। छतारी पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और घटना के महज तीन माह के भीतर 18 नवंबर 2024 को अदालत में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया। मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में सशक्त और प्रभावी पैरवी की। शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे-प्रथम धीरेंद्र कुमार ने दोनों भाइयों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना छतारी क्षेत्र के गांव बीकूपुर रामनगर निवासी त्रिभुवन प्रताप सिंह ने वर्ष 2024 में आपसी विवाद के चलते अपनी ही सगी बहन की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद उसने अपने छोटे भाई मोनिंदर कुमार के साथ मिलकर साक्ष्य छिपाने की नीयत से बहन के शव को काली नदी में बहा दिया था। मामले में थाना छतारी पुलिस ने 22 अगस्त 2024 को वादी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। छतारी पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और घटना के महज तीन माह के भीतर 18 नवंबर 2024 को अदालत में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया। मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में सशक्त और प्रभावी पैरवी की। शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे-प्रथम धीरेंद्र कुमार ने दोनों भाइयों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन