{"_id":"603bd7128ebc3ec89c780806","slug":"brick-kiln-will-start-from-today-bulandshahr-news-gbd2145895152","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से शुरू होगा ईंट भट्ठों का संचालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से शुरू होगा ईंट भट्ठों का संचालन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज से शुरू होगा ईंट भट्ठों का संचालन
बुलंदशहर। जनपद में एक मार्च से ईट-भट्ठों का संचालन शुरू हो जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर के जिगजैग हो चुके भट्ठों का संचालन करने की मंजूरी दे दी है। एनजीटी के आदेश पर जिले में जिगजैग हो चुके 200 भट्ठों का संचालन जून माह तक किया जाएगा।
जिलेभर में करीब 400 ईंट भट्ठे हैं। बुलंदशहर जनपद प्रदेश के उन नॉन-अटेनमेंट शहरों में है, जहां पिछले कुछ वर्षों से एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक से अधिक चल रहा है। प्रदूषण की समस्या होने पर दो वर्ष पूर्व एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने आदेश जारी किया कि जिगजैग प्रणाली अपनाकर ही भट्ठों में आग जलाई जाएगी, अन्यथा भट्ठा बंद रहेगा। इस आदेश के बाद जिलेभर के करीब 200 ईंट भट्ठों पर संचालकों द्वारा लाखों रुपये खर्च कर जिगजैग सिस्टम अपनाया गया। इसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण की समस्या बढ़ने पर गत वर्ष दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों के सभी भट्ठों को बंदी का फरमान सुना दिया। ऐसे में लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी भट्ठों का संचालन न होने से भट्ठा स्वामियों को प्रत्येक माह बिना कार्य के मजदूरों को वेतन देना पड़ रहा था। गत वर्ष कोरोना काल और एनजीटी के आदेश पर ईट भट्ठों का संचालन बंद चल रहा था, जिन्हें संचालित करवाने के लिए भट्ठा संचालकों द्वारा मांग की गई। अब एनजीटी द्वारा जिगजैग तकनीकी में परिवर्तित हो चुके भट्ठों का संचालन करने का कहा गया है। बिना जिगजैग भट्ठों का संचालन करने पर ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी आशुतोष चौहान ने बताया कि एक मार्च से जिगजैग हो चुके भट्ठों के संचालन के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। एक मार्च से जून माह तक केवल जिगजैग भट्ठों का संचालन किया जाएगा।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जनपद में एक मार्च से ईट-भट्ठों का संचालन शुरू हो जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर के जिगजैग हो चुके भट्ठों का संचालन करने की मंजूरी दे दी है। एनजीटी के आदेश पर जिले में जिगजैग हो चुके 200 भट्ठों का संचालन जून माह तक किया जाएगा।
जिलेभर में करीब 400 ईंट भट्ठे हैं। बुलंदशहर जनपद प्रदेश के उन नॉन-अटेनमेंट शहरों में है, जहां पिछले कुछ वर्षों से एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक से अधिक चल रहा है। प्रदूषण की समस्या होने पर दो वर्ष पूर्व एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने आदेश जारी किया कि जिगजैग प्रणाली अपनाकर ही भट्ठों में आग जलाई जाएगी, अन्यथा भट्ठा बंद रहेगा। इस आदेश के बाद जिलेभर के करीब 200 ईंट भट्ठों पर संचालकों द्वारा लाखों रुपये खर्च कर जिगजैग सिस्टम अपनाया गया। इसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण की समस्या बढ़ने पर गत वर्ष दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों के सभी भट्ठों को बंदी का फरमान सुना दिया। ऐसे में लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी भट्ठों का संचालन न होने से भट्ठा स्वामियों को प्रत्येक माह बिना कार्य के मजदूरों को वेतन देना पड़ रहा था। गत वर्ष कोरोना काल और एनजीटी के आदेश पर ईट भट्ठों का संचालन बंद चल रहा था, जिन्हें संचालित करवाने के लिए भट्ठा संचालकों द्वारा मांग की गई। अब एनजीटी द्वारा जिगजैग तकनीकी में परिवर्तित हो चुके भट्ठों का संचालन करने का कहा गया है। बिना जिगजैग भट्ठों का संचालन करने पर ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी आशुतोष चौहान ने बताया कि एक मार्च से जिगजैग हो चुके भट्ठों के संचालन के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। एक मार्च से जून माह तक केवल जिगजैग भट्ठों का संचालन किया जाएगा।
विज्ञापन