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बूस्टर बना रहा था शिकार, निशाने पर गारंटर
प्रद्युम्न कौशिक, बुलंदशहर
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:59 PM IST
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धोखाधड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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सोशल ट्रेड में ठगी का जाल बूस्टर बढ़ा रहा था। बूस्टर पाने के चक्कर में ही ठगी का जाल तेजी से बढ़ता चला गया। बूस्टर पाने के लालच में पहले से इस काम में लगे लोगों ने नए सदस्यों को जोड़ने के लिए उनसे गारंटी तक ले ली। गारंटी लेने वाले खुद तो फंसे ही साथ में बहुत से लोगों का पैसा डुबो दिया। अब यह गारंटर भाग खड़े हुए हैं।
दरअसल, कंपनी की तरफ से एक एडवाइजर बनाने के लिए 57500 रुपये की सिक्योरिटी मनी एनएफटी के माध्यम से जमा कराई जाती थी। एडवाइजर बनने के बाद 21 दिन के भीतर कम से कम दो और सदस्य बनाने पड़ते थे। इसके बाद उन दो सदस्यों को भी फिर से दो नए सदस्य बनाने होते थे। ऐसा करने पर बूस्टर मिलता था और रोजाना आने वाले पैसे में भी बढ़ोत्तरी हो जाती थी।
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इस बूस्टर को पाने के लिए ही लोगों ने गारंटी लेनी शुरू कर दी। नए सदस्यों को जोड़ने के लिए खुद ही पैसे की गारंटी लेने लगे। इसके कारण यह चेन काफी तेजी से बढ़ती चली गई। ।नाम न छापने की शर्त पर जहांगीराबाद निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि बूस्टर पाने के लालच में उसने अपने नीचे 130 लोगों को जोड़ लिया।
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इसी लालच में उसने कई लोगों से उनके रुपयों को लेकर गारंटी भी ले ली, लेकिन सोशल ट्रेड के इस जाल में वह बुरी तरह फंस गया। उसने करीब 20 से 25 लाख रुपये तक की गारंटी ले ली थी।
नोएडा प्राधिकरण ने शुरू की जांच
सोशल ट्रेड पोर्टल के जरिये सात लाख लोगों से 3700 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली एबलेज इन्फो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर शिकंजा कसता जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने भी सोमवार को जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि नोएडा में किराये पर एबलेज कंपनी का ऑफिस और गोदाम खोलने के लिए प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली गई थी।
एजेंटों को पीएमओ का झटका
सोशल ट्रेड के माध्यम से अरबों रुपये ठगने वाली कंपनी के एजेंटों को पीएमओ की तरफ से झटका लगा है। सोशल ट्रेड कंपनी के एक डिस्ट्रीब्यूटर ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से एक पत्र भेजकर यूपी एसटीएफ की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए शिकायत की।
पीएमओ की तरफ से एजेंट की शिकायत को नकारते हुए नो एक्शन रिक्वायर्ड का जवाब भेज दिया गया। एक एजेंट संजय मीणा द्वारा कंपनी को दोबारा चालू कर लोगों से फिर से पैसा जमा कराने के लिए पत्र लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि वह एब्लेज इंफो सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में डिस्ट्रीब्यूटर है।
उसने यूपी एसटीएफ की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा है कि कंपनी फ्रॉड नहीं है। कंपनी के दस्तावेज वैध हैं। कंपनी ने व्यापार कर समय से चुकता किया है। एजेंट की शिकायत पर पीएमओ की तरफ से शिकायत पर स्टेटस दिया गया है -क्लोजड(नो एक्शन रिक्वायर्ड)।
एसटीएफ की आईडी पर पहुंचीं 4500 से ज्यादा शिकायतें
सोशल ट्रेडिंग के जरिये 37 अरब रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अनुभव मित्तल पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। एसटीएफ द्वारा दी गई आईडी पर अब तक साढ़े चार हजार से ज्यादा शिकायत दर्ज हो चुकी हैं। उधर, यूपी एसटीएफ और आयकर विभाग की टीम अधिकारियों ने बैठक कर अभी तक की जांच को साझा किया।
उधर, ईडी ने कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा में 5 जगहों पर छापेमारी की। ईडी ने कंपनी के गोदाम, 2 ऑफिस और अनुभव के घर पर सर्च ऑपरेशन किया। जिसमें डिजिटल सबूत ईडी और एसटीएफ की टीम ने एकत्र किए। बताया गया कि जांच एजेंसियों ने कानपुर स्थित मित्तल के पत्नी के घर को भी सीज किया है।
‘....तो क्या हम दुकान चला रहे होते ’
नोएडा में 3700 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड अनुभव मित्तल के दादा-दादी को अब भी भरोसा नहीं हो रहा है कि उनका पोता ऐसा भी कर सकता है। अनुभव को निर्दोष बताते हुए उन्होंने साफ कहा कि यदि उसने रुपया कमाया होता तो क्या हम दुकान चला रहे होते? उसे झूठा फंसाया गया है।
रकम लगाने व कमाई करने वालों को भेजा जा रहा नोटिस
ऑनलाइन महाठगी में अनुभव मित्तल के साथ ही ऐसे लोगों से वसूली हो सकती है, जिन्होंने शुरूआत में मोटा पैसा लगाकर उससे कई गुना अधिक कमाई की। तमाम सरकारी एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो सभी लोगों का पैसा लौटाने के लिए उन तमाम लोगों से वसूली होगी जिन्होंने लगाई गई पूंजी के बदले पांच से 10 गुना तक कमाई की। ऐसे लोगों की इनकम टैक्स से जुड़ी फाइलों को भी खंगाला जा रहा है।