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Bulandshahar News: विसुंधरा में शीशम के पेड़ से लटके मिले दशहरा मेला देखने गए दो दोस्तों के शव
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औरंगाबाद मृतक प्रियांशु की फाइल फोटो।
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव विसुंधरा के जंगल में बुधवार देर शाम दो दोस्तों के शव शीशम के पेड़ से एक ही फंदे से लटके मिले। दोनों दोस्त मंगलवार को दोपहर में पास के गांव में दहशरा मेला देखने के लिए निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन दोनों की तलाश कर रहे थे। उन्होंने दोनों युवकों के गायब होने की सूचना पुलिस को नहीं दी थी।
शव मिलने की सूचना पर परिवार और गांव में मातम छा गया। सीओ सिटी प्रखर पांडेय, पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्षेत्र के गांव विसुंधरा निवासी कृष्ण गोपाल ठाकुर ने बताया कि उनका पुत्र प्रियांशु (20) और मोहल्ला निवासी सुमित (21) नोएडा में यामहा कंपनी में नौकरी करते थे। दोनों एक साथ ही रहते थे। दोनों दशहरा की छुट्टी लेकर गांव आए थे। उन्होंने बताया कि पास के गांव औलीना में दशहरा का बड़ा मेला लगता है। दोनों मंगलवार की शाम करीब चार बजे घर से मेला देखने के लिए कहकर गए थे।
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देर रात तक जब दोनों नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की। बुधवार की शाम करीब सात बजे प्रियांशु और सुमित के शव विसुंधरा गांव निवासी हरेंद्र के खेत में शीशम के पेड़ से एक ही फंदे से लटका होने की सूचना वहां से गुजर रहे राहगीर ने दी।
सूचना मिलते ही दोनों के परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस पहुंची। गले में बंधी रस्सी दोनों के पेट से भी बंधी थी। इसको लेकर परिजन आत्महत्या किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं। फोरेंसिक टीम की जांच के दौरान प्रियांशु की जेब से पर्स मिला हुआ है लेकिन उसमें पैसे नहीं थे। सुमित की जेब से मात्र बीस रुपए और गुटखा मिला है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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एक रस्सी व जमीन पर टिके घुठने हत्या या खुदकुशी में उलझी पुलिस
बुलंदशहर। शीशम के पेड़ पर फंदे से लटके मिले दो दोस्तों के शवों ने न सिर्फ गांव वालों को झकझोर दिया है बल्कि पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच भले ही इसे आत्महत्या की दिशा में ले जा रही हो लेकिन घटनास्थल के हालात और प्रत्यक्षदर्शियों के दावे इस थ्योरी को कई जगह उलझा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सचमुच आत्महत्या है या फिर दोहरी हत्या।
घटनास्थल पर जो दृश्य सामने आया, वह कई गंभीर संदेहों को सामने ला रहा है। शीशम की एक ही डाल से लटकी एक ही रस्सी के सहारे दोनों दोस्त फंदे पर झूलते मिले। दोनों के घुठने जमीन पर पूरी तरह टिके नजर आ रहे हैं। आमतौर पर फंदा लगाने के दौरान शरीर में तेज छटपटाहट होती है और पैर हवा में झूलते हैं लेकिन यहां एक मृतक के पैरों में उसकी चप्पलें जस की तस पहनी हुई मिली हैं।
सवाल उठ रहा है कि क्या फंदे पर लटकते वक्त दोनों ने बिल्कुल भी छटपटाहट नहीं दिखाई। घटना के बाद ग्रामीणों ने बताया कि सुमित और प्रियांशु में बहुत गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ रहते थे, यदि दोनों में से किसी एक के चोट लग जाती थी तो दूसरा अपने चोट मार लेते था। उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे का दुख नहीं देख पाते थे। दोनों के दोस्ती की गांव में मिसाल दी जाती थी।
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एक ही जेब में दोनों मोबाइल, किसने रची साजिश?
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। दोनों युवकों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हालत में मृतक सुमित की ही जेब से बरामद हुए हैं। यदि दोनों ने अपनी मर्जी से जान देने का फैसला किया था तो दोनों के फोन एक ही साथी की जेब में कैसे पहुंचे। कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी तीसरे पक्ष ने पहले दोनों को अपने विश्वास में लिया या काबू किया, उनके फोन छीनकर बंद किए और फिर वारदात को अंजाम देकर शवों को फंदे पर लटका दिया।
सीडीआर से पता चलेगी घटना की वजह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या और ऑनर किलिंग समेत सभी कोणों से जांच आगे बढ़ा रही है।
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पुलिस को सूचना न देने पर भी चर्चा
मंगलवार शाम चार बजे से दोनों दोस्त प्रियांशु ओर सुमित का कोई पता नहीं था। परिजन दावा कर रहे हैं कि उनको आसपास के इलाके में तलाशा जा रहा था। बुधवार शाम पांच बजे तक भी दोनों के न लौटकर आने पर आखिर परिजनों ने पुलिस को उनके लापता होने की सूचना नहीं दी। यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है। बताया जाता है कि दोनों एक ही स्कूल में एक साथ पढ़े थे ओर दोनों फिर एक ही कंपनी में नौकरी करने के लिए नोएडा चले गए। अब दोनों के शव भी एक ही रस्सी से फंदे से लटके हुए मिले है। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह चर्चा है। मगर पुलिस अभी इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
बंद आते रहे फोन
मंगलवार की शाम से ही दोनों दोस्तों के मोबाइल बंद आ रहे थे। सुमित के पिता सुभाष ठाकुर ने बताया कि जब उन्होंने सुमित को फोन किया तो उसका फोन बंद आ रहा था। प्रियांशु का भी मोबाइल फोन बंद आ रहा था।
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दो दोस्तों के शव फंदे पर लटके हुए मिले हैं। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर काम कर रही है। पोस्टमार्टम के लिए शवों को भेजा जा रहा है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। - प्रखर पांडेय,
सीओ सिटी
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शव मिलने की सूचना पर परिवार और गांव में मातम छा गया। सीओ सिटी प्रखर पांडेय, पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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क्षेत्र के गांव विसुंधरा निवासी कृष्ण गोपाल ठाकुर ने बताया कि उनका पुत्र प्रियांशु (20) और मोहल्ला निवासी सुमित (21) नोएडा में यामहा कंपनी में नौकरी करते थे। दोनों एक साथ ही रहते थे। दोनों दशहरा की छुट्टी लेकर गांव आए थे। उन्होंने बताया कि पास के गांव औलीना में दशहरा का बड़ा मेला लगता है। दोनों मंगलवार की शाम करीब चार बजे घर से मेला देखने के लिए कहकर गए थे।
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देर रात तक जब दोनों नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की। बुधवार की शाम करीब सात बजे प्रियांशु और सुमित के शव विसुंधरा गांव निवासी हरेंद्र के खेत में शीशम के पेड़ से एक ही फंदे से लटका होने की सूचना वहां से गुजर रहे राहगीर ने दी।
सूचना मिलते ही दोनों के परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस पहुंची। गले में बंधी रस्सी दोनों के पेट से भी बंधी थी। इसको लेकर परिजन आत्महत्या किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं। फोरेंसिक टीम की जांच के दौरान प्रियांशु की जेब से पर्स मिला हुआ है लेकिन उसमें पैसे नहीं थे। सुमित की जेब से मात्र बीस रुपए और गुटखा मिला है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
एक रस्सी व जमीन पर टिके घुठने हत्या या खुदकुशी में उलझी पुलिस
बुलंदशहर। शीशम के पेड़ पर फंदे से लटके मिले दो दोस्तों के शवों ने न सिर्फ गांव वालों को झकझोर दिया है बल्कि पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच भले ही इसे आत्महत्या की दिशा में ले जा रही हो लेकिन घटनास्थल के हालात और प्रत्यक्षदर्शियों के दावे इस थ्योरी को कई जगह उलझा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सचमुच आत्महत्या है या फिर दोहरी हत्या।
घटनास्थल पर जो दृश्य सामने आया, वह कई गंभीर संदेहों को सामने ला रहा है। शीशम की एक ही डाल से लटकी एक ही रस्सी के सहारे दोनों दोस्त फंदे पर झूलते मिले। दोनों के घुठने जमीन पर पूरी तरह टिके नजर आ रहे हैं। आमतौर पर फंदा लगाने के दौरान शरीर में तेज छटपटाहट होती है और पैर हवा में झूलते हैं लेकिन यहां एक मृतक के पैरों में उसकी चप्पलें जस की तस पहनी हुई मिली हैं।
सवाल उठ रहा है कि क्या फंदे पर लटकते वक्त दोनों ने बिल्कुल भी छटपटाहट नहीं दिखाई। घटना के बाद ग्रामीणों ने बताया कि सुमित और प्रियांशु में बहुत गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ रहते थे, यदि दोनों में से किसी एक के चोट लग जाती थी तो दूसरा अपने चोट मार लेते था। उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे का दुख नहीं देख पाते थे। दोनों के दोस्ती की गांव में मिसाल दी जाती थी।
एक ही जेब में दोनों मोबाइल, किसने रची साजिश?
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। दोनों युवकों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हालत में मृतक सुमित की ही जेब से बरामद हुए हैं। यदि दोनों ने अपनी मर्जी से जान देने का फैसला किया था तो दोनों के फोन एक ही साथी की जेब में कैसे पहुंचे। कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी तीसरे पक्ष ने पहले दोनों को अपने विश्वास में लिया या काबू किया, उनके फोन छीनकर बंद किए और फिर वारदात को अंजाम देकर शवों को फंदे पर लटका दिया।
सीडीआर से पता चलेगी घटना की वजह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या और ऑनर किलिंग समेत सभी कोणों से जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस को सूचना न देने पर भी चर्चा
मंगलवार शाम चार बजे से दोनों दोस्त प्रियांशु ओर सुमित का कोई पता नहीं था। परिजन दावा कर रहे हैं कि उनको आसपास के इलाके में तलाशा जा रहा था। बुधवार शाम पांच बजे तक भी दोनों के न लौटकर आने पर आखिर परिजनों ने पुलिस को उनके लापता होने की सूचना नहीं दी। यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है। बताया जाता है कि दोनों एक ही स्कूल में एक साथ पढ़े थे ओर दोनों फिर एक ही कंपनी में नौकरी करने के लिए नोएडा चले गए। अब दोनों के शव भी एक ही रस्सी से फंदे से लटके हुए मिले है। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह चर्चा है। मगर पुलिस अभी इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
बंद आते रहे फोन
मंगलवार की शाम से ही दोनों दोस्तों के मोबाइल बंद आ रहे थे। सुमित के पिता सुभाष ठाकुर ने बताया कि जब उन्होंने सुमित को फोन किया तो उसका फोन बंद आ रहा था। प्रियांशु का भी मोबाइल फोन बंद आ रहा था।
दो दोस्तों के शव फंदे पर लटके हुए मिले हैं। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर काम कर रही है। पोस्टमार्टम के लिए शवों को भेजा जा रहा है। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। - प्रखर पांडेय,
सीओ सिटी

औरंगाबाद मृतक प्रियांशु की फाइल फोटो।

औरंगाबाद मृतक प्रियांशु की फाइल फोटो।

औरंगाबाद मृतक प्रियांशु की फाइल फोटो।