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Bulandshahar News: कलक्ट्रेट पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने तीन घंटे किया प्रदर्शन
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बुलंदशहर। किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत गुट के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट ने करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार ने वादा करने के बाद भी किसानों को फ्री बिजली की सौगात नहीं दी है। किसानों को यूरिया खाद के साथ जबरन नैनो यूरिया भी दिया जा रहा है, जबकि किसान इसे लेने के लिए तैयार नहीं हैं। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार को भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष अरब सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अरब सिंह ने कहा कि न तो गन्ना के दाम बढ़ाए जा रहे हैं और न ही किसानों को सिंचाई के लिए अभी तक फ्री बिजली की सौगात दी गई है। सरकार ने चुनाव के दौरान घोषणा तो कर दी, लेकिन अभी तक किसानों को इसका फायदा नहीं मिला है। इसके चलते किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसान सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं, लेकिन अधिकारी किसानों की सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। संगठन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने कहा कि पिछले चार साल में केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल ही गन्ना का मूल्य बढ़ाया गया है, जबकि महंगाई इस दौरान अपने चरम पर है। ऐसे में आवश्यक है कि गन्ना का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। बेसहारा पशुओं द्वारा बर्बाद फसल के लिए किसानों को मुआवजा देने के साथ ही किसानों की सुविधा के लिए स्वदेशी बीज केंद्र खोले जाएं और किसानों को बीज के बारे में जानकारी दी जाए। मांग की है कि विदेशी या बड़ी कंपनियों को बीज उत्पादन का जिम्मा देने के बजाए किसानों को बीज उत्पादन की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम उठाया जाए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में किसानों को ट्यूबवेल का कनेक्शन लेने के दौरान तीन सौ मीटर लाइन बिछाने की सुविधा मिलती थी, उसे अब दोबारा से शुरू किया जाना आवश्यक है। किसानों ने नारेबाजी करते हुए 14 मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो वह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। मौके पर पिंटू प्रमुख, सुरेंद्र मलिक, लीलू, आलोक, रोहताश तेवतिया मौजूद रहे।
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शुक्रवार को भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष अरब सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अरब सिंह ने कहा कि न तो गन्ना के दाम बढ़ाए जा रहे हैं और न ही किसानों को सिंचाई के लिए अभी तक फ्री बिजली की सौगात दी गई है। सरकार ने चुनाव के दौरान घोषणा तो कर दी, लेकिन अभी तक किसानों को इसका फायदा नहीं मिला है। इसके चलते किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसान सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं, लेकिन अधिकारी किसानों की सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। संगठन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने कहा कि पिछले चार साल में केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल ही गन्ना का मूल्य बढ़ाया गया है, जबकि महंगाई इस दौरान अपने चरम पर है। ऐसे में आवश्यक है कि गन्ना का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। बेसहारा पशुओं द्वारा बर्बाद फसल के लिए किसानों को मुआवजा देने के साथ ही किसानों की सुविधा के लिए स्वदेशी बीज केंद्र खोले जाएं और किसानों को बीज के बारे में जानकारी दी जाए। मांग की है कि विदेशी या बड़ी कंपनियों को बीज उत्पादन का जिम्मा देने के बजाए किसानों को बीज उत्पादन की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम उठाया जाए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में किसानों को ट्यूबवेल का कनेक्शन लेने के दौरान तीन सौ मीटर लाइन बिछाने की सुविधा मिलती थी, उसे अब दोबारा से शुरू किया जाना आवश्यक है। किसानों ने नारेबाजी करते हुए 14 मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो वह सड़क पर उतरकर प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। मौके पर पिंटू प्रमुख, सुरेंद्र मलिक, लीलू, आलोक, रोहताश तेवतिया मौजूद रहे।
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