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किसानों पर मुकदमे दर्ज होने के विरोध में धरने पर बैठी भाकियू
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किसानों पर मुकदमे दर्ज होने के विरोध में धरने पर बैठी भाकियू
औरंगाबाद/अनूपशहर/गुलावठी। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों और भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि के काफिले में मौजूद भाजपाइयों में मारपीट-तोड़फोड़ प्रकरण में भाकियू पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके विरोध में बृहस्पतिवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भाकियू ने प्रदर्शन किया। साथ ही मुकदमे वापस लेने की मांग भी की गई।
औरंगाबाद में भाकियू ने लखावटी ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी हरवीर सिंह की अगुवाई में राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर थाना परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के युवा जिला प्रवक्ता रवि सैनी ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिये किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है। लेकिन, इससे किसान डरने वाले नहीं हैं। जब तक किसान कृषि कानून को वापस नहीं करा लेते तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। धरने की सूचना पर इंस्पेक्टर योगेंद्र मलिक किसानों के बीच पहुंचे और धरने को खत्म करने की बात कही। लेकिन, किसान धरने पर अडिग रहे। किसानों ने कहा कि जब तक मुकदमों को वापस नही लिया जाता तब तक थाने में धरना जारी रहेगा। इस दौरान जॉनी बांद्रा, शिवकुमार शर्मा, सोनू चौधरी, हरिनारायण शर्मा, बॉबी चौधरी आदि मौजूद रहे। वहीं, अनूपशहर में भी भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता अनूपशहर कोतवाली गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष संजू चौधरी ने कहा कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्देश नहीं मिलेगा तब भाकियू कार्यकर्ता कोतवाली गेट पर धरने पर ही बैठे रहेंगे। इस दौरान अरविंद चौधरी, विनाद कुमार, बीना रानी, लोकेश आदि मौजूद रहे। गुलावठी में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शाम को थाने पर धरना दिया। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष वैभव वर्मा ने कहा कि किसानों पर झूठी एफआईआर करवाई गई है। इस दौरान तहसील अध्यक्ष रोहताश तेवतिया, ओमवीर सिंह, सुरेशपाल सिंह तेवतिया, राहुल वर्मा, लेखराम सिंह आदि मौजूद रहे।
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औरंगाबाद/अनूपशहर/गुलावठी। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों और भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि के काफिले में मौजूद भाजपाइयों में मारपीट-तोड़फोड़ प्रकरण में भाकियू पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके विरोध में बृहस्पतिवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भाकियू ने प्रदर्शन किया। साथ ही मुकदमे वापस लेने की मांग भी की गई।
औरंगाबाद में भाकियू ने लखावटी ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी हरवीर सिंह की अगुवाई में राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर थाना परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के युवा जिला प्रवक्ता रवि सैनी ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिये किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है। लेकिन, इससे किसान डरने वाले नहीं हैं। जब तक किसान कृषि कानून को वापस नहीं करा लेते तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। धरने की सूचना पर इंस्पेक्टर योगेंद्र मलिक किसानों के बीच पहुंचे और धरने को खत्म करने की बात कही। लेकिन, किसान धरने पर अडिग रहे। किसानों ने कहा कि जब तक मुकदमों को वापस नही लिया जाता तब तक थाने में धरना जारी रहेगा। इस दौरान जॉनी बांद्रा, शिवकुमार शर्मा, सोनू चौधरी, हरिनारायण शर्मा, बॉबी चौधरी आदि मौजूद रहे। वहीं, अनूपशहर में भी भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता अनूपशहर कोतवाली गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष संजू चौधरी ने कहा कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्देश नहीं मिलेगा तब भाकियू कार्यकर्ता कोतवाली गेट पर धरने पर ही बैठे रहेंगे। इस दौरान अरविंद चौधरी, विनाद कुमार, बीना रानी, लोकेश आदि मौजूद रहे। गुलावठी में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने शाम को थाने पर धरना दिया। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष वैभव वर्मा ने कहा कि किसानों पर झूठी एफआईआर करवाई गई है। इस दौरान तहसील अध्यक्ष रोहताश तेवतिया, ओमवीर सिंह, सुरेशपाल सिंह तेवतिया, राहुल वर्मा, लेखराम सिंह आदि मौजूद रहे।
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