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Bulandshahar News: बुखार और पेट दर्द के मरीजों से भरे बेड
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खुर्जा के जटिया अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज। संवाद
खुर्जा। जटिया अस्पताल में वर्तमान में वायरल बुखार और पेट दर्द के मरीजों से ट्रामा सेंटर के 22 बेड भर गए हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब मरीजों को इमरजेंसी वार्ड या जनरल वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। मौसम बदलने से एकाएक मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
सेठ सूरजमल जटिया चिकित्सालय में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 900 तक पहुंच गई है। दोपहर में तेज धूप के साथ गर्मी और रात के समय मौसम ठंडा हो रहा है। ऐसे में लोग जुखाम, खांसी व वायरल से ग्रस्त हो रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ पेट दर्द के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
अस्पताल के फिजिशियन डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में वायरल बुखार की शिकायत ज्यादा देखने को मिल रही है। बदलते मौसम में अक्सर बुखार का प्रकोप बढ़ जाता है। मरीजों की रक्त जांच करवाने के बाद उपचार दिया जा रहा है।
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वायरल में सामान्य रूप से बुखार सात से आठ दिन तक रहता है। इसलिए गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। वर्तमान में ट्रामा सेंटर में भर्ती 22 मरीजों में से दस वायरल बुखार और सात पेट दर्द से पीड़ित हैं। अन्य पांच चोटिल व अन्य बीमारी के मरीज हैं।
डॉ. दिनेश का कहना है कि दोपहर के वक्त गर्मी में ठंडा पेय पदार्थ का सेवन करने से भी जुकाम व खांसी की परेशानी हो जाती है। इसलिए मरीजों को परहेज करना चाहिए। पसीना आने पर या धूप में रहने पर ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें। बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
जनरल वार्ड की तरह है ट्रामा सेंटर
वर्ष 2020 में कोविड महामारी के दौरान 30 बेड के जनरल वार्ड को वेंटीलेटर, कूलर व एसी, ऑक्सीजन लाइन और अन्य सुविधा के साथ अत्याधुनिक कर दिया गया था। तभी से ट्रामा सेंटर का जनरल वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे पहले मरीजों को ट्रामा सेंटर में भर्ती किया जाता है। इसके बेड पूरे होने पर जनरल वार्ड में भेजा जाता है।
ट्रामा सेंटर में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। दोपहर के वक्त मरीजों की संख्या ज्यादा हो जाती है। इसलिए जो मरीज ठीक हो जाते हैं, उनको शाम के वक्त डिस्चार्ज कर दिया जाता है। मरीज बढ़ने पर इमरजेंसी वार्ड में 6 बेड और जनरल वार्ड में 30 बेड की व्यवस्था की गई है। - डॉ. अनिल शर्मा, सीएमएस
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सेठ सूरजमल जटिया चिकित्सालय में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 900 तक पहुंच गई है। दोपहर में तेज धूप के साथ गर्मी और रात के समय मौसम ठंडा हो रहा है। ऐसे में लोग जुखाम, खांसी व वायरल से ग्रस्त हो रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ पेट दर्द के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
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अस्पताल के फिजिशियन डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में वायरल बुखार की शिकायत ज्यादा देखने को मिल रही है। बदलते मौसम में अक्सर बुखार का प्रकोप बढ़ जाता है। मरीजों की रक्त जांच करवाने के बाद उपचार दिया जा रहा है।
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वायरल में सामान्य रूप से बुखार सात से आठ दिन तक रहता है। इसलिए गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। वर्तमान में ट्रामा सेंटर में भर्ती 22 मरीजों में से दस वायरल बुखार और सात पेट दर्द से पीड़ित हैं। अन्य पांच चोटिल व अन्य बीमारी के मरीज हैं।
डॉ. दिनेश का कहना है कि दोपहर के वक्त गर्मी में ठंडा पेय पदार्थ का सेवन करने से भी जुकाम व खांसी की परेशानी हो जाती है। इसलिए मरीजों को परहेज करना चाहिए। पसीना आने पर या धूप में रहने पर ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें। बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
जनरल वार्ड की तरह है ट्रामा सेंटर
वर्ष 2020 में कोविड महामारी के दौरान 30 बेड के जनरल वार्ड को वेंटीलेटर, कूलर व एसी, ऑक्सीजन लाइन और अन्य सुविधा के साथ अत्याधुनिक कर दिया गया था। तभी से ट्रामा सेंटर का जनरल वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। सबसे पहले मरीजों को ट्रामा सेंटर में भर्ती किया जाता है। इसके बेड पूरे होने पर जनरल वार्ड में भेजा जाता है।
ट्रामा सेंटर में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। दोपहर के वक्त मरीजों की संख्या ज्यादा हो जाती है। इसलिए जो मरीज ठीक हो जाते हैं, उनको शाम के वक्त डिस्चार्ज कर दिया जाता है। मरीज बढ़ने पर इमरजेंसी वार्ड में 6 बेड और जनरल वार्ड में 30 बेड की व्यवस्था की गई है। - डॉ. अनिल शर्मा, सीएमएस