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गांवों में बहेगी विकास की बयार
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 16 May 2017 12:20 AM IST
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केंद्र की मोदी सरकार बेशक स्मार्ट सिटी पर जोर दे रही हो, लेकिन प्रदेश की योगी सरकार अब गांव के विकास पर फोकस करेगी। गांव के समग्र विकास के लिए बजट में भी बढ़ोत्तरी की गई है। मनरेगा के साथ पशु विभाग का भी बजट बढ़ा दिया गया है।
प्रदेश की योगी सरकार में गांवों के विकास का खाका खींचा जा रहा है। जिला योजना समिति की बैठक में इसकी नींव रख दी गई है। गांवों के विकास के लिए बजट बढ़ा दिया गया है। गांवों में सीसी रोड, पक्की नाली-नाले के निर्माण, पंचायत भवनों का निर्माण आदि के लिए पंचायती राज विभाग का बजट बढ़ा दिया गया है।
गांवों के विकास के लिए पंचायती राज विभाग का बजट 1079 लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा गांवों के सामुदायिक विकास के लिए 838 लाख रुपये का बजट जिला योजना समिति में रखा गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का बजट भी पिछले साल की अपेक्षा बढ़ाकर 363 लाख रुपये किया गया है।
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ग्राम्य विकास के लिए विशेष कार्यक्रमों के तहत भी बजट को बढ़ाकर 231 लाख रुपये किया गया है। पशुपालन विभाग के बजट में काफी बढ़ोत्तरी की गई है, जिसे अब 871 लाख रुपये कर दिया गया है। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 440 लाख रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण पेयजल के लिए भी बजट को बढ़ाकर 1444 लाख रुपये कर दिया गया है।
जिला योजना समिति में प्रस्तावित बजट के अलावा ग्राम प्रधान, विधायक और सांसद निधि से भी गांव के विकास पर जोर दिया जाएगा। गांव में तेजी से विकास के लिए अफसरों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। संपर्क मार्गों को भी दुरुस्त किया जाएगा।
गांवों का विकास प्राथमिकता से किया जाएगा। जिला योजना समिति की बैठक में गांवों के लिए प्रस्तावों का बजट बढ़ाया गया है। गांव का समग्र विकास पूरी गुणवत्ता के साथ होगा। डॉ. रोशन जैकब, जिलाधिकारी
प्रदेश की योगी सरकार में गांवों के विकास का खाका खींचा जा रहा है। जिला योजना समिति की बैठक में इसकी नींव रख दी गई है। गांवों के विकास के लिए बजट बढ़ा दिया गया है। गांवों में सीसी रोड, पक्की नाली-नाले के निर्माण, पंचायत भवनों का निर्माण आदि के लिए पंचायती राज विभाग का बजट बढ़ा दिया गया है।
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गांवों के विकास के लिए पंचायती राज विभाग का बजट 1079 लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा गांवों के सामुदायिक विकास के लिए 838 लाख रुपये का बजट जिला योजना समिति में रखा गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का बजट भी पिछले साल की अपेक्षा बढ़ाकर 363 लाख रुपये किया गया है।
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ग्राम्य विकास के लिए विशेष कार्यक्रमों के तहत भी बजट को बढ़ाकर 231 लाख रुपये किया गया है। पशुपालन विभाग के बजट में काफी बढ़ोत्तरी की गई है, जिसे अब 871 लाख रुपये कर दिया गया है। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 440 लाख रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण पेयजल के लिए भी बजट को बढ़ाकर 1444 लाख रुपये कर दिया गया है।
जिला योजना समिति में प्रस्तावित बजट के अलावा ग्राम प्रधान, विधायक और सांसद निधि से भी गांव के विकास पर जोर दिया जाएगा। गांव में तेजी से विकास के लिए अफसरों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। संपर्क मार्गों को भी दुरुस्त किया जाएगा।
गांवों का विकास प्राथमिकता से किया जाएगा। जिला योजना समिति की बैठक में गांवों के लिए प्रस्तावों का बजट बढ़ाया गया है। गांव का समग्र विकास पूरी गुणवत्ता के साथ होगा। डॉ. रोशन जैकब, जिलाधिकारी