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Bulandshahar News: बिना एनओसी के यूपीएसआईडीसी की जमीन पर चल रही थी बैटरी रिसाइकिल फैक्टरी
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सिकंदराबाद फैक्टरी के बाहर तैनात पुलिस कर्मी संवाद
बुलंदशहर/सिकंदराबाद। औद्योगिक क्षेत्र स्थित बैट-एक्स कंपनी का संचालन नियमों के विरुद्ध किया जा रहा था। यूपीएसआईडीसी के दस्तावेजों में बैट-एक्स के प्लॉट पर डाइंग एंड ब्लीचिंग यूनिट का संचालन होना दर्ज है। डीएम श्रुति ने हादसे की जांच के लिए एडीएम प्रशासन को जांच अधिकारी नामित किया है। 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दिलाने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम प्रशासन डा. प्रशांत कुमार ने मामले में जांच शुरू करते हुए हादसे से संबंधित जानकारी रखने वाले लोगों से अपील की है कि वह 31 जनवरी तक उनके कार्यालय में आकर जानकारी दे सकते हैं। एडीएम ने बताया कि हादसे के दौरान लापरवाही बरतने या अन्य प्रकार की जानकारी देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
बैट-एक्स नामक फैक्टरी का यूपीएसआईडीसी के जिस प्लॉट पर संचालन किया जा रहा था, वह प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति के नाम आवंटित है। प्लॉट के मालिक ने फैक्टरी संचालक को जमीन किराये पर दी थी। इसके लिए यूपीएसआईडीसी से कोई अनुमति भी नहीं ली गई थी। जबकि किराये पर जमीन देने से पहले लेवी शुल्क जमा करने के साथ ही अनुमति लेनी आवश्यक होती है।
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डीएम के निर्देश पर हादसे की जांच की जा रही है। किसी व्यक्ति को कोई जानकारी देनी है या अपने बयान दर्ज कराने हैं तो वह 31 जनवरी तक कार्यालय में आकर बयान दर्ज करा सकते हैं। फैक्टरी किराये पर संचालित थी या नहीं इसके बारे में भी जानकारी की जा रही है। समयावधि में जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। - डा. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
रिकॉर्ड में यह फैक्टरी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, जिसे बैटरी रिसाइकिल फैक्टरी के संचालक ने अनुबंध पर लिया हुआ था। फैक्टरी ट्रायल फेज में थी लेकिन इसके संचालित करने के लिए आवेदन नहीं किया गया था। - अनिल कुमार शर्मा, आरएम, यूपीएसआईडीसी
फैक्टरी प्रबंधन ने बैटरी रिसाइकिलिंग के ट्रायल के लिए एनओसी ली थी। स्थाई रूप से संचालन शुरू करने के लिए एनओसी की प्रक्रिया लंबित है। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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एडीएम प्रशासन डा. प्रशांत कुमार ने मामले में जांच शुरू करते हुए हादसे से संबंधित जानकारी रखने वाले लोगों से अपील की है कि वह 31 जनवरी तक उनके कार्यालय में आकर जानकारी दे सकते हैं। एडीएम ने बताया कि हादसे के दौरान लापरवाही बरतने या अन्य प्रकार की जानकारी देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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बैट-एक्स नामक फैक्टरी का यूपीएसआईडीसी के जिस प्लॉट पर संचालन किया जा रहा था, वह प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति के नाम आवंटित है। प्लॉट के मालिक ने फैक्टरी संचालक को जमीन किराये पर दी थी। इसके लिए यूपीएसआईडीसी से कोई अनुमति भी नहीं ली गई थी। जबकि किराये पर जमीन देने से पहले लेवी शुल्क जमा करने के साथ ही अनुमति लेनी आवश्यक होती है।
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डीएम के निर्देश पर हादसे की जांच की जा रही है। किसी व्यक्ति को कोई जानकारी देनी है या अपने बयान दर्ज कराने हैं तो वह 31 जनवरी तक कार्यालय में आकर बयान दर्ज करा सकते हैं। फैक्टरी किराये पर संचालित थी या नहीं इसके बारे में भी जानकारी की जा रही है। समयावधि में जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। - डा. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
रिकॉर्ड में यह फैक्टरी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, जिसे बैटरी रिसाइकिल फैक्टरी के संचालक ने अनुबंध पर लिया हुआ था। फैक्टरी ट्रायल फेज में थी लेकिन इसके संचालित करने के लिए आवेदन नहीं किया गया था। - अनिल कुमार शर्मा, आरएम, यूपीएसआईडीसी
फैक्टरी प्रबंधन ने बैटरी रिसाइकिलिंग के ट्रायल के लिए एनओसी ली थी। स्थाई रूप से संचालन शुरू करने के लिए एनओसी की प्रक्रिया लंबित है। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड