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Bulandshahar News: बिना दूध-बेेसन बनाई जा रही थी बर्फी, मिल्क केक व सोन पापड़ी
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बुलंदशहर/नरसेना। भाकियू पदाधिकारी पिता-पुत्र की फैक्टरी में मिल्क केक, बर्फी बनाने के लिए न तो दूध की सप्लाई हो रही थी और न ही सोन पापड़ी बनाने के लिए बेसन का प्रयोग हो रहा था। पॉम आयल और रिफाइंड से मिल्क केक और बर्फी व मैदा में रंग मिलाकर सोन पापड़ी बनाई जा रही थी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नरसेना गांव में फैक्टरी से तीन क्विंटल नकली मिठाई, 14 कार्टन एक्सपायर नूडल्स और 20 किलो एक्सपायर दलिया को नष्ट कराया है। मौके से छह नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को नरसेना गांव में कमालपुर रोड स्थित एक मिठाई फैक्टरी पर कार्रवाई की। टीम की जांच के दौरान मौके पर मिल्क केक, सोन पापड़ी और बर्फी बनाते हुए कर्मचारी मिले। जब जांच की गई तो पता चला कि फैक्टरी में दूध की सप्लाई ही नहीं थी। इस संबंध में जब कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।
जब पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि बिना दूध का प्रयोग किए ही मिठाइयां तैयार हो रही थीं। सोन पापड़ी बनाने के लिए मैदा में हानिकारक पीला रंग (कार्सेनिक) मिलाया जा रहा था। टीम ने मौके से सोन पापड़ी, बर्फी, मिल्क केक, स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड और पाॅम ऑयल का नमूना लिया है। आरोपी फैक्टरी संचालक पिता-पुत्र भगवान सिं और धर्मवीर भाकियू से भी जुड़े हैं।
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फैक्टरी संचालक के खिलाफ करीब दो साल पहले भी कार्रवाई की गई थी। तब भी सोन पापड़ी में आर्सेनिक रंग पाया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया। वाद अब भी कोर्ट में लंबित है। कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही आरोपी ने फिर से धंधा शुरू कर दिया था।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को नरसेना गांव में कमालपुर रोड स्थित एक मिठाई फैक्टरी पर कार्रवाई की। टीम की जांच के दौरान मौके पर मिल्क केक, सोन पापड़ी और बर्फी बनाते हुए कर्मचारी मिले। जब जांच की गई तो पता चला कि फैक्टरी में दूध की सप्लाई ही नहीं थी। इस संबंध में जब कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।
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जब पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि बिना दूध का प्रयोग किए ही मिठाइयां तैयार हो रही थीं। सोन पापड़ी बनाने के लिए मैदा में हानिकारक पीला रंग (कार्सेनिक) मिलाया जा रहा था। टीम ने मौके से सोन पापड़ी, बर्फी, मिल्क केक, स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड और पाॅम ऑयल का नमूना लिया है। आरोपी फैक्टरी संचालक पिता-पुत्र भगवान सिं और धर्मवीर भाकियू से भी जुड़े हैं।
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फैक्टरी संचालक के खिलाफ करीब दो साल पहले भी कार्रवाई की गई थी। तब भी सोन पापड़ी में आर्सेनिक रंग पाया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया। वाद अब भी कोर्ट में लंबित है। कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही आरोपी ने फिर से धंधा शुरू कर दिया था।