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झोलाछाप के इंजेक्शन से आठ माह के मासूम की मौत
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झोलाछाप के इंजेक्शन से आठ माह के मासूम की मौत
डिबाई। क्षेत्र के गांव चिरौरी रानी कात्यानी निवासी आठ माह के मासूम को बुखार आने पर परिजन मंगलवार शाम गांव में ही एक झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे। इस दौरान झोलाछाप द्वारा मासूम को इंजेक्शन लगाया, जिसके कुछ ही मिनटों बाद ही मासूम की मौत हो गई। बच्चे की मौत होते ही झोलाछाप भाग गया। परिजनों ने हंगामा करते हुए थाने पहुंच कर आरोपी झोलाछाप के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव चिरौरी रानी कात्यानी निवासी प्रमोद कुमार फेरी लगाकर अपना व परिवार का भरण पोषण करता है। प्रमोद के ताऊ वीरपाल ने बताया कि प्रमोद को आठ माह का बेटा पुनीत था। जिसे मंगलवार शाम को अचानक तेज बुखार आया। जिसके बाद परिजन उसे लेकर गांव में ही एक झोलाछाप (अपंजीकृत चिकित्सक) के यहां पहुंचे। झोलाछाप ने बच्चे का चेकअप करने के दौरान एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद बच्चे की मौत हो गई। परिजन शव को लेकर थाने पहुंचे और आरोपी झोलाछाप के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। मृतक पुनीत माता-पिता की इकलौती संतान था।
पूर्व में भी आ चुके हैं कई मामले
झोलाछाप से उपचार के दौरान मासूम की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी क्षेत्र समेत जिलेभर में कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद विभाग और पुलिस द्वारा कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर दी जाती है। आरोप है कि झोलाछाप द्वारा क्लीनिक और नर्सिंग होम के संचालन के लिए प्रतिवर्ष मोटी रकम दी जाती है। जिससे विभाग कार्रवाई नहीं करता। अगर कार्रवाई करता भी है तो चार-पांच दिन बाद सील को हटा दिया जाता है।
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पंजीकृत चिकित्सक को ही दिखाएं : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों को कोई भी बीमारी होने पर तुरंत पंजीकृत चिकित्सक से सलाह लेने के बाद दवा सेवन करना चाहिए या उपचार कराना चाहिए। बिना जांच के किसी भी दवा का सेवन न करें। इस समय बच्चों में निमोनिया बुखार के लक्षण अधिक सामने आ रहे हैं। इससे बचाव के साथ सरकारी चिकित्सालयों में उपचार कराएं। डिबाई में झोलाछाप द्वारा उपचार किए जाने की सूचना नहीं है। मामले की जांच के लिए टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी।
मामले में तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - वंदना शर्मा, सीओ डिबाई
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डिबाई। क्षेत्र के गांव चिरौरी रानी कात्यानी निवासी आठ माह के मासूम को बुखार आने पर परिजन मंगलवार शाम गांव में ही एक झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे। इस दौरान झोलाछाप द्वारा मासूम को इंजेक्शन लगाया, जिसके कुछ ही मिनटों बाद ही मासूम की मौत हो गई। बच्चे की मौत होते ही झोलाछाप भाग गया। परिजनों ने हंगामा करते हुए थाने पहुंच कर आरोपी झोलाछाप के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव चिरौरी रानी कात्यानी निवासी प्रमोद कुमार फेरी लगाकर अपना व परिवार का भरण पोषण करता है। प्रमोद के ताऊ वीरपाल ने बताया कि प्रमोद को आठ माह का बेटा पुनीत था। जिसे मंगलवार शाम को अचानक तेज बुखार आया। जिसके बाद परिजन उसे लेकर गांव में ही एक झोलाछाप (अपंजीकृत चिकित्सक) के यहां पहुंचे। झोलाछाप ने बच्चे का चेकअप करने के दौरान एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद बच्चे की मौत हो गई। परिजन शव को लेकर थाने पहुंचे और आरोपी झोलाछाप के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। मृतक पुनीत माता-पिता की इकलौती संतान था।
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पूर्व में भी आ चुके हैं कई मामले
झोलाछाप से उपचार के दौरान मासूम की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी क्षेत्र समेत जिलेभर में कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद विभाग और पुलिस द्वारा कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर दी जाती है। आरोप है कि झोलाछाप द्वारा क्लीनिक और नर्सिंग होम के संचालन के लिए प्रतिवर्ष मोटी रकम दी जाती है। जिससे विभाग कार्रवाई नहीं करता। अगर कार्रवाई करता भी है तो चार-पांच दिन बाद सील को हटा दिया जाता है।
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पंजीकृत चिकित्सक को ही दिखाएं : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों को कोई भी बीमारी होने पर तुरंत पंजीकृत चिकित्सक से सलाह लेने के बाद दवा सेवन करना चाहिए या उपचार कराना चाहिए। बिना जांच के किसी भी दवा का सेवन न करें। इस समय बच्चों में निमोनिया बुखार के लक्षण अधिक सामने आ रहे हैं। इससे बचाव के साथ सरकारी चिकित्सालयों में उपचार कराएं। डिबाई में झोलाछाप द्वारा उपचार किए जाने की सूचना नहीं है। मामले की जांच के लिए टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी।
मामले में तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - वंदना शर्मा, सीओ डिबाई