{"_id":"6579edbd8c7311219205ba08","slug":"attendance-of-children-found-zero-in-20-schools-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-8542-2023-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: 20 स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति मिली शून्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: 20 स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति मिली शून्य
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में मिड-डे-मील खाने वालों बच्चों की सीएम डैश बोर्ड से निगरानी रखी रही है। जिले के 172 स्कूल ऐसे हैं जहां, बच्चों की उपस्थिति कम है। 20 स्कूल तो ऐसे हैं, जिनमें बच्चों की उपस्थिति शून्य है। बीएसए ने इन स्कूलों के शिक्षकों को वेतन नहीं देने के साथ सभी बीईओ को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की अब सीएम डैश बोर्ड से समीक्षा होती है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि जिले के कुछ स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। इसका प्रभाव रैंक पर पड़ा है। अक्तूबर में जिला सी श्रेणी में था लेकिन, अब बी श्रेणी में है। बच्चों की उपस्थिति विभाग ने 75 प्रतिशत मांगी है। जिन स्कूलों में उपस्थिति कम है उनकी सूची तैयार कर बीईओ रिपोर्ट देंगे। फिलहाल उक्त स्कूलों के शिक्षकों का दिसंबर का वेतन नहीं दिया जाएगा। आगे भी अब स्कूलों में उपस्थिति कम रही तो वेतन नहीं दिया जाएगा। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 75 फीसदी से अधिक होनी चाहिए। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में मिड-डे-मील खाने वालों बच्चों की सीएम डैश बोर्ड से निगरानी रखी रही है। जिले के 172 स्कूल ऐसे हैं जहां, बच्चों की उपस्थिति कम है। 20 स्कूल तो ऐसे हैं, जिनमें बच्चों की उपस्थिति शून्य है। बीएसए ने इन स्कूलों के शिक्षकों को वेतन नहीं देने के साथ सभी बीईओ को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की अब सीएम डैश बोर्ड से समीक्षा होती है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि जिले के कुछ स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। इसका प्रभाव रैंक पर पड़ा है। अक्तूबर में जिला सी श्रेणी में था लेकिन, अब बी श्रेणी में है। बच्चों की उपस्थिति विभाग ने 75 प्रतिशत मांगी है। जिन स्कूलों में उपस्थिति कम है उनकी सूची तैयार कर बीईओ रिपोर्ट देंगे। फिलहाल उक्त स्कूलों के शिक्षकों का दिसंबर का वेतन नहीं दिया जाएगा। आगे भी अब स्कूलों में उपस्थिति कम रही तो वेतन नहीं दिया जाएगा। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 75 फीसदी से अधिक होनी चाहिए। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन