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Bulandshahar News: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में एएसपी ने गांव पहुंच दर्ज किए बयान
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औरंगाबाद। औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव में कक्षा सात की नाबालिग छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस बैकफुट पर आ गई है। पहले थाना पुलिस सामूहिक दुष्कर्म को फर्जी बताती रही। अधिकारियों का दबाव पड़ा तो रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। अब खुद एएसपी गांव में पहुंचे हैं और कई लोगों से पूछताछ की है। घटना को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स को तैनात किया है।
आरोप है कि 28 सितंबर की रात छात्रा को अगवा करके चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। 29 को पीड़िता ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। दो दिनों तक आरोपियों के परिजन दो लाख रुपये में फैसले का दबाव बनाते रहे। एक अक्तूबर को मामले को निपटाने के लिए दोनों पक्षों के लोग थाने पर पहुंचे थे लेकिन वहां बात नहीं बन सकी थी।
दो अक्तूबर को पीड़िता की मां ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे थाने से टरका दिया। तीन अक्तूबर को महिला ने एसएसपी को शिकायती पत्र दिया। शाम होते होते शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल पर हुआ तो खुद थानेदार पुरानी रंजिश के चलते फर्जी मामला बताने में लग गए।
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आखिरकार देर रात एसएसपी के हस्तक्षेप पर थाना पुलिस को सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। हालांकि पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
सोमवार सुबह दस बजे एएसपी प्रेमसुख दड़िया गांव में पहुंचे। एएसपी के गांव में होने की खबर मिलते ही थानेदार भी पहुंच गए। एसपी पहले पीड़िता के घर पहुंचे। उस समय पीड़िता थाने गई हुई थी। एएसपी ने घटना स्थल पर भी पहुंचकर जांच की। उन्होंने घटना को लेकर लोगों से जानकारी ली।
एएसपी ने पुलिस को गांव में कैंप करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद एएसपी औरंगाबाद थाने पर पहुंचे और पीड़िता से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। फिलहाल पीड़िता को न्यायालय में बयानों के लिए भेज दिया गया है।
कांग्रेस ने ट्वीट करके साधा निशाना
यूपी कांग्रेस ने मामले को लेकर एक ट्वीट करके निशाना साधा है। बुलंदशहर में पूजा करने गई 16 साल की मासूम बच्ची को दिनदहाड़े अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। पीड़िता न्याय मांगने थाने पहुंचती है तो पुलिस इसे आपसी विवाद बताकर पल्ला झाड़ लेती है।
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दो लाख में मामला रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
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पीड़िता और युवक एक-दूसरे को जानते थे। इनके संबंधों की जानकारी गांव में फैल गई थी। जिन युवकों ने यह जानकारी फैलाई है उनको भी इसमें नामजद किया गया है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। पीड़िता का मेडिकल और बयान दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
-अंतरिक्ष जैन,
एसपी देहात
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आरोप है कि 28 सितंबर की रात छात्रा को अगवा करके चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। 29 को पीड़िता ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। दो दिनों तक आरोपियों के परिजन दो लाख रुपये में फैसले का दबाव बनाते रहे। एक अक्तूबर को मामले को निपटाने के लिए दोनों पक्षों के लोग थाने पर पहुंचे थे लेकिन वहां बात नहीं बन सकी थी।
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दो अक्तूबर को पीड़िता की मां ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे थाने से टरका दिया। तीन अक्तूबर को महिला ने एसएसपी को शिकायती पत्र दिया। शाम होते होते शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल पर हुआ तो खुद थानेदार पुरानी रंजिश के चलते फर्जी मामला बताने में लग गए।
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आखिरकार देर रात एसएसपी के हस्तक्षेप पर थाना पुलिस को सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। हालांकि पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
सोमवार सुबह दस बजे एएसपी प्रेमसुख दड़िया गांव में पहुंचे। एएसपी के गांव में होने की खबर मिलते ही थानेदार भी पहुंच गए। एसपी पहले पीड़िता के घर पहुंचे। उस समय पीड़िता थाने गई हुई थी। एएसपी ने घटना स्थल पर भी पहुंचकर जांच की। उन्होंने घटना को लेकर लोगों से जानकारी ली।
एएसपी ने पुलिस को गांव में कैंप करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद एएसपी औरंगाबाद थाने पर पहुंचे और पीड़िता से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। फिलहाल पीड़िता को न्यायालय में बयानों के लिए भेज दिया गया है।
कांग्रेस ने ट्वीट करके साधा निशाना
यूपी कांग्रेस ने मामले को लेकर एक ट्वीट करके निशाना साधा है। बुलंदशहर में पूजा करने गई 16 साल की मासूम बच्ची को दिनदहाड़े अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। पीड़िता न्याय मांगने थाने पहुंचती है तो पुलिस इसे आपसी विवाद बताकर पल्ला झाड़ लेती है।
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दो लाख में मामला रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
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पीड़िता और युवक एक-दूसरे को जानते थे। इनके संबंधों की जानकारी गांव में फैल गई थी। जिन युवकों ने यह जानकारी फैलाई है उनको भी इसमें नामजद किया गया है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। पीड़िता का मेडिकल और बयान दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
-अंतरिक्ष जैन,
एसपी देहात