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Bulandshahar News: एंबुलेंस की सुविधा का पशुओं को नहीं मिल रहा लाभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
डिबाई/दानपुर। डिबाई और दानपुर क्षेत्र के पशुपालकों को पशु एंबुलेंस की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसका कारण यह है कि दानपुर और डिबाई के राजकीय पशु अस्पताल में चारदीवारी नहीं है। ऐसे में एंबुलेंस का संचालन नरौरा के पशु अस्पताल से होता है, जो इस क्षेत्र से करीब 25 किलोमीटर दूर है।
शासन की ओर से ब्लॉक दानपुर व ब्लॉक डिबाई में बीमार व घायल पशुओं के उपचार को शासन ने 102 और 108 की तर्ज पर दो पशु एंबुलेंस उपलब्ध कराई हुई है। दानपुर ब्लाक में 74 गांव और 65 गांव के पशुपालकों को इस एंबुलेंस की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। बताया गया कि पशु पालक के मोबाइल से 1962 पर काल करनी होती है। काल रिसीव करते ही एंबुलेंस पशु पालक के घर पर पहुंचती है। उस पर तैनात पशु चिकित्सक बीमार पशुओं का उपचार करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर गोबर व खून की जांच भी करते है। राष्ट्रीय बजरंग दल के महामंत्री गिरीश बजरंगी, संजय कुमार और गोसेवक सचिन साहनी ने बताया कि पशु एंबुलेंस दूरी पर होने के करण इसका लाभ पशु पालकों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में निजी चिकित्सक से भी उपचार कराना मजबूरी बन गया है। ब्लॉक दानपुर राजकीय पशु अस्पताल के डा. सतेंद्र कुमार और डिबाई के राजकीय पशु चिकित्सालय के सीवीओ राम कुमार ने बताया कि अस्पताल की चारदीवारी न होने के चलते दोनों एंबुलेंस को नरौरा राजकीय अस्पताल परिसर में व्यवस्था संचालन कराया जा रहा है। चारदीवारी के लिए अधिकारी व प्रतिनिधियों से मांग कई बार की जा चुकी है। वहीं, दूसरी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही इन अस्पतालों में चारदीवारी कराकर पशु एंबुलेंस की सुविधा को सुचारू करा दिया जाएगा।
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डिबाई/दानपुर। डिबाई और दानपुर क्षेत्र के पशुपालकों को पशु एंबुलेंस की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसका कारण यह है कि दानपुर और डिबाई के राजकीय पशु अस्पताल में चारदीवारी नहीं है। ऐसे में एंबुलेंस का संचालन नरौरा के पशु अस्पताल से होता है, जो इस क्षेत्र से करीब 25 किलोमीटर दूर है।
शासन की ओर से ब्लॉक दानपुर व ब्लॉक डिबाई में बीमार व घायल पशुओं के उपचार को शासन ने 102 और 108 की तर्ज पर दो पशु एंबुलेंस उपलब्ध कराई हुई है। दानपुर ब्लाक में 74 गांव और 65 गांव के पशुपालकों को इस एंबुलेंस की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। बताया गया कि पशु पालक के मोबाइल से 1962 पर काल करनी होती है। काल रिसीव करते ही एंबुलेंस पशु पालक के घर पर पहुंचती है। उस पर तैनात पशु चिकित्सक बीमार पशुओं का उपचार करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर गोबर व खून की जांच भी करते है। राष्ट्रीय बजरंग दल के महामंत्री गिरीश बजरंगी, संजय कुमार और गोसेवक सचिन साहनी ने बताया कि पशु एंबुलेंस दूरी पर होने के करण इसका लाभ पशु पालकों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में निजी चिकित्सक से भी उपचार कराना मजबूरी बन गया है। ब्लॉक दानपुर राजकीय पशु अस्पताल के डा. सतेंद्र कुमार और डिबाई के राजकीय पशु चिकित्सालय के सीवीओ राम कुमार ने बताया कि अस्पताल की चारदीवारी न होने के चलते दोनों एंबुलेंस को नरौरा राजकीय अस्पताल परिसर में व्यवस्था संचालन कराया जा रहा है। चारदीवारी के लिए अधिकारी व प्रतिनिधियों से मांग कई बार की जा चुकी है। वहीं, दूसरी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही इन अस्पतालों में चारदीवारी कराकर पशु एंबुलेंस की सुविधा को सुचारू करा दिया जाएगा।
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