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गति कम होते ही हवा की सेहत और बिगड़ी
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गति कम होते ही हवा की सेहत और बिगड़ी
बुलंदशहर। हवा में धूल और धुएं के कण लगातार मिलने से शहर की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 363 मापा गया, जो देश के सबसे प्रदूषित 152 शहरों में 13वें नंबर पर रहा। इसमें सबसे अधिक पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों की मात्रा अधिक है। इसके बावजूद जिले में कूड़ा व फैक्टरी की चिमनी से धुएं निकलने के साथ निर्माण कार्य के चलते निर्माण सामग्री और धूल के हवा में उड़ने से बढ़ोत्तरी हो रही है।
प्रशासन और ग्रैप में शामिल संबंधित विभागों द्वारा सख्ती से कार्रवाई न किए जाने के कारण जिले में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर चल रहा है। कुछ दिन पूर्व जनपद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा तो दिवाली के बाद से देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में टॉप 20 में बना हुआ है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी लगातार निगरानी और कार्रवाई का दावा कर रहे हैं। वहीं, वातावरण में फैले धूल के कण धुंध के कारण भारी होकर नीचे आ रहे हैं। इससे दिनभर स्मॉग की चादर छाई रहती है। हालांकि पिछले दिनों कुछ स्थानों पर पालिका द्वारा पानी का छिड़काव कराया गया, इस दौरान कुछ दिनों तक संबंधित क्षेत्रों में धूल से छुटकारा मिला था। वहीं, अन्य स्थानों पर धूल उड़ने और कूड़ा जलने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।
शुक्रवार को जिले की हवा में प्रदूषित तत्वों की स्थिति
प्रदूषित तत्व औसत मध्यम अधिकतम
पीएम-2.5 168 346 451
पीएम-10 165 363 500
एनओ-2 (नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड) 28 86 136
सीओ (कार्बन मोनो ऑक्साइड) 05 33 143
एसओ-2 (सल्फर डाई ऑक्साइड) 05 16 24
धूल और धुएं के वायु में मिलने से एक्यूआई का स्तर बढ़ा है। समय-समय पर शिकायतें मिलने पर संबंधित विभाग के अफसरों को अवगत कराया जा रहा है।
- सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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बुलंदशहर। हवा में धूल और धुएं के कण लगातार मिलने से शहर की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 363 मापा गया, जो देश के सबसे प्रदूषित 152 शहरों में 13वें नंबर पर रहा। इसमें सबसे अधिक पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों की मात्रा अधिक है। इसके बावजूद जिले में कूड़ा व फैक्टरी की चिमनी से धुएं निकलने के साथ निर्माण कार्य के चलते निर्माण सामग्री और धूल के हवा में उड़ने से बढ़ोत्तरी हो रही है।
प्रशासन और ग्रैप में शामिल संबंधित विभागों द्वारा सख्ती से कार्रवाई न किए जाने के कारण जिले में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर चल रहा है। कुछ दिन पूर्व जनपद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा तो दिवाली के बाद से देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में टॉप 20 में बना हुआ है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी लगातार निगरानी और कार्रवाई का दावा कर रहे हैं। वहीं, वातावरण में फैले धूल के कण धुंध के कारण भारी होकर नीचे आ रहे हैं। इससे दिनभर स्मॉग की चादर छाई रहती है। हालांकि पिछले दिनों कुछ स्थानों पर पालिका द्वारा पानी का छिड़काव कराया गया, इस दौरान कुछ दिनों तक संबंधित क्षेत्रों में धूल से छुटकारा मिला था। वहीं, अन्य स्थानों पर धूल उड़ने और कूड़ा जलने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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शुक्रवार को जिले की हवा में प्रदूषित तत्वों की स्थिति
प्रदूषित तत्व औसत मध्यम अधिकतम
पीएम-2.5 168 346 451
पीएम-10 165 363 500
एनओ-2 (नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड) 28 86 136
सीओ (कार्बन मोनो ऑक्साइड) 05 33 143
एसओ-2 (सल्फर डाई ऑक्साइड) 05 16 24
धूल और धुएं के वायु में मिलने से एक्यूआई का स्तर बढ़ा है। समय-समय पर शिकायतें मिलने पर संबंधित विभाग के अफसरों को अवगत कराया जा रहा है।
- सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी